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GST में रिकॉर्डतोड़ वृद्धि, 1.82 लाख करोड़ रुपये पहुंचा कलेक्शन, इस वजह से हुई बढ़ोत्तरी
जीएसटी के मोर्चे पर एक बार फिर देश के लिए अच्छी खबर है. जुलाई महीने में जीएसटी संग्रह 10.3% बढ़कर 1,82,075 करोड़ रुपये हो गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
जीएसटी (GST) कलेक्शन के मामले में जुलाई 2024 शानदार रहा. जुलाई में जीएसटी कलेक्शन तीसरे सबसे ऊंचे स्तर पर दर्ज किया गया. यह कलेक्शन 10.3 प्रतिशत बढ़कर 1.82 लाख करोड़ रुपये हुआ. गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, यह अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के 7 साल पहले 1 जुलाई, 2017 को लागू होने के बाद से अब तक का तीसरा सबसे अधिक मंथली कलेक्शन है. आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में कुल रिफंड 16,283 करोड़ रुपये रहा.
जुलाई में तीसरा सबसे ज्यादा GST कलेक्शन
कंपनसेशन सेस कलेक्शन (compensation cess collection) 12,953 करोड़ रुपये रहा. जीएसटी रेवेन्यू में बढ़ोतरी घरेलू गतिविधियों से संचालित रही. जुलाई में घरेलू गतिविधियों से कलेक्शन 8.9 प्रतिशत बढ़कर 1.34 लाख करोड़ रुपये हो गया. आयात से राजस्व 14.2 प्रतिशत बढ़कर 48,039 करोड़ रुपये हो गया. अप्रैल, 2024 में सकल जीएसटी संग्रह 2.10 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच गया था. उसके पहले अप्रैल, 2023 में इनडायरेक्ट टैक्स संग्रह 1.87 लाख करोड़ रुपये रहा था. इस तरह जुलाई 1.82 लाख करोड़ रुपये के साथ तीसरा सर्वाधिक संग्रह है.
कुल टैक्स कलेक्शन 7.39 लाख करोड़ पहुंचा
चालू वित्त वर्ष में अबतक कुल कर संग्रह 10.2 प्रतिशत बढ़कर लगभग 7.39 लाख करोड़ रुपये हो गया है. जीएसटी कलेक्शन के इन आंकड़ों पर डेलॉयट इंडिया में साझेदार एम एस मणि ने कहा, 'सकल जीएसटी राजस्व में 10.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, लेकिन यह देखना दिलचस्प है कि आयात से जीएसटी राजस्व में वृद्धि घरेलू आपूर्ति से अधिक है.' केपीएमजी के भारत में इनडायरेक्ट टैक्स प्रमुख अभिषेक जैन ने कहा कि इस वर्ष कर संग्रह में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि उम्मीदों के अनुरूप है और अगले कुछ महीनों में त्योहारों के आने के साथ कर संग्रह में और वृद्धि होनी चाहिए.
इस वजह से बढ़ रहा जीएसटी कलेक्शन
ईवाई इंडिया में टैक्स पार्टनर सौरभ अग्रवाल ने कहा कि आंकड़ा नगालैंड, मणिपुर, अंडमान एवं निकोबार और लद्दाख से कर संग्रह में वृद्धि दर्शाता है. यह इन विकासशील क्षेत्रों में बढ़ी हुई आर्थिक गतिविधियों और खपत का संकेत देता है. हालांकि, मानसून के समग्र आर्थिक रफ्तार पर असर की वजह से अगस्त में कर कलेक्शन में संभावित स्थिरता या गिरावट आ सकती है. इसके साथ ही भारत में KPMG के इनडायरेक्ट टैक्स के राष्ट्रीय प्रमुख अभिषेक जैन ने कहा अगले कुछ महीनों में त्योहारों के आने के साथ ही टैक्स कलेक्शन में और ग्रोथ देखी जानी चाहिए.
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