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RBI ने अब इस सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द किया, खाताधारकों को मिलेगा 5 लाख तक बीमा
RBI द्वारा यह फैसला बैंक की बिगड़ती वित्तीय हालत के चलते लिया गया है, ग्राहकों के पैसे की वापसी करने की प्रक्रिया DICGC के तहत शुरू हो गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कर्नाटक स्थित Karwar Urban Co-operative Bank का बैंकिंग लाइसेंस बुधवार यानी 23 जुलाई, 2025 को रद्द कर दिया है. इसके साथ ही बैंक की सभी बैंकिंग गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. आरबीआई ने यह कदम बैंक की गंभीर वित्तीय स्थिति और कारोबार के टिकाऊ न रहने के कारण उठाया है.
92.9% खाताधारकों को मिलेगी पूरी जमा राशि
RBI ने कहा है कि Karwar Urban Co-operative Bank के लगभग 92.9% खाताधारकों को उनकी पूरी जमा राशि वापस मिलेगी, लेकिन यह राहत सिर्फ उन्हीं ग्राहकों के लिए है जिनकी कुल जमा राशि 5 लाख रुपये या उससे कम है. उन्हें यह राशि Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation (DICGC) के तहत दी जाएगी. अब तक 37.79 करोड़ रुपये की राशि DICGC के माध्यम से ग्राहकों को लौटाई जा चुकी है.
जनहित में लिया गया फैसला: RBI
RBI ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि ग्राहकों को आगे और बड़ा नुकसान न हो. इसके साथ ही, कर्नाटक के रजिस्ट्रार ऑफ को-ऑपरेटिव सोसाइटीज को बैंक को बंद करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने और एक लिक्विडेटर नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, बैंक के बंद होने की खबर से स्थानीय ग्राहकों में हड़कंप मच गया है. वर्षों से इस बैंक में पैसा जमा करने वाले लोग अब अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं.
सहकारी बैंकों पर फिर उठे सवाल
Karwar बैंक की विफलता ने एक बार फिर देश के सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. छोटे शहरों और कस्बों में लोग सुविधा के चलते सहकारी बैंकों में पैसा जमा करते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं बताती हैं कि बैंक की वित्तीय स्थिति और नियामकीय रिपोर्ट को समझना बेहद ज़रूरी है.
अगर आपका खाता इस बैंक में है तो क्या करें?
अगर आपका खाता Karwar Urban Co-operative Bank में है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है. DICGC की ओर से क्लेम प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. ग्राहक DICGC की आधिकारिक वेबसाइट (https://www.dicgc.org.in) से फॉर्म डाउनलोड कर दावा पेश कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त, बैंक भी ग्राहकों को आगे की प्रक्रिया को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देगा.
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