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IndiGo को अकेला छोड़ने की तैयारी में राकेश गंगवाल, फिर बेचेंगे हिस्सेदारी!
इंडिगो के को-फाउंडर राकेश गंगवाल ने कंपनी से पूरी तरह अलग होने की तैयारी कर ली है. वह फिर हिस्सेदारी बेचने वाले हैं. गंगवाल ने 2022 में इंटरग्लोब एविएशन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से इस्तीफा दे दिया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दिग्गज बिजनेसमैन राकेश गंगवाल (Rakesh Gangwal) उस एयरलाइन का 'हाथ' छोड़ने का पूरी तरह से मन बना चुके हैं, जिसे उन्होंने अपने हाथों से खड़ा किया था. गंगवाल देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndoGo) के को-फाउंडर हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मानें, तो वह इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन में ब्लॉक डील के जरिए 85 करोड़ डॉलर यानी करीब 7000 करोड़ रुपए के शेयर बेच सकते हैं. यह बिक्री 4,593 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से हो सकती है.
अभी कितनी है हिस्सेदारी?
इंडिगो में राकेश गंगवाल की हिस्सेदारी अब 5.89% है. हालांकि, उनकी पत्नी शोभा गंगवाल और फैमिली ट्रस्ट के पास कंपनी में 13.49 प्रतिशत स्टेक है. इस तरह, गंगवाल परिवार इंडिगो में कुल 19.38 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है. राकेश गंगवाल ने फरवरी 2022 में इंटरग्लोब एविएशन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से इस्तीफा दे दिया था. उस समय उन्होंने कहा था कि वो इंडिगो में धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे.
पहले भी बेचा है स्टेक
इस साल की शुरुआत में राकेश गंगवाल ने इंडिगो में अपनी 5.8 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 6,786 करोड़ रुपए कमाए थे. अब वह अपनी शेष 5.89 प्रतिशत की हिस्सेदारी भी बेचना चाहते हैं. हालांकि, अभी ये साफ नहीं है कि शोभा गंगवाल और फैमिली ट्रस्ट भी क्या इंडिगो से दूरी बनाना चाहता है. 2022 में जब राकेश गंगवाल ने इंडिगो का साथ छोड़ने की बात कही थी, तब उनकी वाइफ प्रमोटर के तौर पर कंपनी से जुड़े रहने की इच्छा दर्शाई थी.
क्यों दिया था इस्तीफा?
इस्तीफे के समय गंगवाल परिवार ने कंपनी में 4 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 2900 करोड़ रुपए कमाए थे. इसके कुछ समय बाद उन्होंने 2.8 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची थी और अगस्त 2023 में हुई एक और ब्लॉक डील में भी गंगवाल ने 45 करोड़ डॉलर के शेयर बेच दिए थे. इंडिगो एयरलाइन की शुरुआत साल अगस्त 2006 में हुई थी. राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल ने मिलकर एयरलााइन की स्थापना की. हालांकि, बाद में दोनों के बीच मनमुटाव शुरू हो गया. दोनों में इस बात को लेकर झगड़ा हुआ कि एयरलाइन को कौन और कैसे चलाएगा. 2022 की शुरुआत में जब इंडिगो ने राहुल भाटिया को प्रबंध निदेशक के रूप में नामित किया, तब गंगवाल ने निदेशक पद इस्तीफे से दे दिया. इस्तीफे के बाद गंगवाल ने कहा था कि वह अगले पांच सालों में धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी कम कर लेंगे.
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