होम / बिजनेस / 4 साल में दोगुने से अधिक बढ़ीं प्रॉपर्टी की कीमतें, नोएडा, गुरुग्राम में निवेशकों को जबरदस्त फायदा
4 साल में दोगुने से अधिक बढ़ीं प्रॉपर्टी की कीमतें, नोएडा, गुरुग्राम में निवेशकों को जबरदस्त फायदा
संपत्ति बाजार में हो रही इस बढ़ोतरी से यह साबित होता है कि भारतीय शहरों में संपत्ति के मूल्य तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे निवेशकों के लिए अच्छे अवसर उत्पन्न हो रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
घर 'किराए पर लें या खरीदें' इस सवाल का जवाब भारतीय आवास बाजार के विकसित होने के साथ बदलता रहता है. दरअसल, नवीनतम ANAROCK डेटा के अनुसार, शीर्ष 7 शहरों के प्रमुख माइक्रो मार्केट्स में 2021 के अंत से लेकर 2024 के अंत तक पूंजी मूल्य में 128% की महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, जबकि कई माइक्रो मार्केट्स में किराए के मूल्य में कुल पूंजी मूल्य वृद्धि से कम बढ़ोतरी देखी गई है.
ANAROCK ग्रुप अध्यक्ष अनुज पुरी शीर्ष 7 शहरों के प्रमुख माइक्रो मार्केट्स का विश्लेषण दर्शाता है कि बड़े शहरों जैसे बैंगलोर, एमएमआर, एनसीआर और हैदराबाद में 2021 के अंत से लेकर 2024 के अंत तक औसत पूंजी मूल्य किराए के मूल्य से अधिक बढ़े. वहीं, दूसरी ओर, पुणे, कोलकाता और चेन्नई के इलाकों में इसके विपरीत प्रवृत्ति देखी गई – किराए के मूल्य पूंजी मूल्य से अधिक बढ़े.
नोएडा-गुरुग्राम में इतनी बढ़ी कीमत
अगर आपने 2021 में नोएडा या गुरुग्राम में घर खरीदा होता, तो आज उसकी कीमत दोगुने से भी ज्यादा हो चुकी होती. एनारॉक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले चार सालों में नोएडा के प्रीमियम इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतें 128% तक बढ़ चुकी हैं, जबकि गुरुग्राम के कुछ इलाकों में 59% तक की बढ़ोतरी हुई है. नोएडा के सेक्टर-150 में संपत्ति की कीमतों में 128% तक की वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन किराये में केवल 66% का इजाफा हुआ. वहीं, गुरुग्राम के सोहना रोड पर प्रॉपर्टी की कीमतें 59% बढ़ी हैं, जबकि किराया सिर्फ 47% बढ़ा.
मुंबई के चेंबूर और मुलुंड में पूंजी मूल्य वृद्धि का जोर
मुंबई के चेंबूर में पूंजी मूल्य में 48% की वृद्धि हुई, जबकि किराये में 42% का इजाफा हुआ. मुलुंड में किराये के मूल्य में केवल 29% की वृद्धि हुई, जबकि पूंजी मूल्य 43% बढ़े। इन क्षेत्रों में पूंजी मूल्य वृद्धि का रुझान देखा गया है, जिससे निवेशकों के लिए अच्छा मौका है.
हैदराबाद और बेंगलुरू
हैदराबाद के हाइटेक सिटी और गाचीबोवली में भी संपत्ति बाजार में अच्छे बदलाव देखे गए. हाइटेक सिटी में किराये के मूल्य में 54% की वृद्धि हुई, जबकि पूंजी मूल्य में 62% की वृद्धि दर्ज की गई. गाचीबोवली में किराये के मूल्य 62% बढ़े, जबकि पूंजी मूल्य में 78% का इजाफा हुआ. इन क्षेत्रों में तेज़ पूंजी मूल्य वृद्धि दिखाती है कि यहां निवेश करने से दीर्घकालिक लाभ हो सकता है. वहीं, बेंगलुरू के थानिसंद्रा मेन रोड पर पूंजी मूल्य में 67% की वृद्धि हुई, जो औसत किराये मूल्य (62%) से अधिक है, जबकि सरजापुर रोड पर औसत मासिक किराये मूल्य में 76% की वृद्धि हुई, जो पूंजी मूल्य (63%) से अधिक थी. इन आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि बेंगलुरू के विभिन्न क्षेत्रों में संपत्ति के मूल्य तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे यहां निवेश के अवसर बढ़ गए हैं.
पुणे, कोलकाता और चेन्नई में किराये के मूल्य में ज्यादा वृद्धि
पुणे, कोलकाता और चेन्नई में किराये के मूल्य में पूंजी मूल्य की तुलना में ज्यादा वृद्धि देखी गई. पुणे के हिंजवाड़ी में किराये के मूल्य में 57% की वृद्धि हुई, जबकि पूंजी मूल्य केवल 37% बढ़ा, वाघोली में किराये के मूल्य में 65% का इजाफा हुआ, जबकि पूंजी मूल्य में केवल 37% की वृद्धि हुई. कोलकाता के ईएम बायपास में किराये के मूल्य में 51% की वृद्धि हुई, जबकि पूंजी मूल्य में केवल 19% का इजाफा हुआ. राजरहाट में किराये के मूल्य 37% बढ़े, जबकि पूंजी मूल्य में 32% की वृद्धि हुई. चेन्नई के पलावरम में किराये के मूल्य में 44% की वृद्धि हुई, जबकि पूंजी मूल्य में 21% की वृद्धि हुई. पेराम्बूर में किराये के मूल्य 36% बढ़े, जबकि पूंजी मूल्य 23% बढ़े.
नोएडा-गुरुग्राम में क्यों बढ़ीं प्रॉपर्टी की कीमतें?
रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार, इन इलाकों में कीमतों के बढ़ने के पीछे कई बड़े कारण हैं: बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी – एक्सप्रेसवे, मेट्रो, और हाईवे कनेक्टिविटी ने इन क्षेत्रों की डिमांड बढ़ाई है. बड़े कॉरपोरेट ऑफिस और आईटी कंपनियों का विस्तार – गुरुग्राम और नोएडा, दोनों ही बड़े बिजनेस हब बन चुके हैं. रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की मांग – हाई-एंड अपार्टमेंट्स और ऑफिस स्पेस की डिमांड बढ़ने से कीमतें भी बढ़ रही हैं.
नोएडा के प्रीमियम सेक्टर्स में जबरदस्त ग्रोथ
एसकेए ग्रुप के डायरेक्टर संजय शर्मा का कहना है कि नोएडा के प्रीमियम सेक्टर्स में शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से प्रॉपर्टी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है. एक्सप्रेसवे से सीधा कनेक्शन, हाई-एंड अपार्टमेंट्स और ग्रीन स्पेस के कारण यह इलाका निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है. चार साल पहले यहां जिन लोगों ने निवेश किया था, उन्हें अब उनकी संपत्ति पर दोगुने से भी ज्यादा रिटर्न मिल चुका है. आने वाले समय में यह ग्रोथ और भी तेज हो सकती है.
खरीददार देख रहे ये फायदा
रॉयल ग्रीन रियल्टी के मैनेजिंग डायरेक्टर यशांक वासन ने कहा, "2021 से 2024 के बीच एनसीआर के प्रीमियम इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है, भले ही किराये की दरें उतनी तेजी से नहीं बढ़ी हों. उदाहरण के लिए, सोहना रोड पर प्रॉपर्टी की कीमतों में 59% की बढ़ोतरी हुई, जबकि किराया सिर्फ 47% बढ़ा. वहीं, नोएडा के सेक्टर-150 में यह अंतर और भी बड़ा है, जहां प्रॉपर्टी की कीमतें 128% बढ़ीं, लेकिन किराया सिर्फ 66% बढ़ सका. खरीदार अभी किराये की कमाई से ज्यादा, भविष्य में प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ने से होने वाले फायदे को देख रहे हैं. इस बढ़ती रुचि को देखते हुए, बिल्डर भी नए प्रीमियम प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं. हालांकि, वे इस बात को लेकर सतर्क हैं कि अगर प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार किराये की दरों से ज्यादा तेजी से बढ़ती रहीं, तो बाजार में गिरावट भी आ सकती है.
गुरुग्राम में कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स की डिमांड बढ़ी
एससीबीएस डेवलपमेंट्स के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर सौरभ सहारन का कहना है कि के प्रीमियम इलाकों में बीते चार वर्षों में प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार इजाफा देखा गया है. इसकी बड़ी वजह यहां कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स की बढ़ती मांग है. कई बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों और स्टार्टअप्स ने इस क्षेत्र में अपने ऑफिस बनाए हैं, जिससे रियल एस्टेट मार्केट में जबरदस्त तेजी आई है. यह ट्रेंड आने वाले समय में भी जारी रहेगा, क्योंकि यहां इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और कनेक्टिविटी पर लगातार काम हो रहा है.
नोएडा में एक्सप्रेसवे और मेट्रो ने बढ़ाया निवेश
स्पेक्ट्रम मेट्रो के वाइस प्रेजीडेंट सेल्स व मार्केटिंग अजेंद्र सिंह का कहना है कि नोएडा में एक्सप्रेसवे, मेट्रो और अन्य बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की वजह से निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ी है. जिन इलाकों में चार साल पहले कीमतें किफायती थीं, वे अब प्रीमियम प्रॉपर्टी हॉटस्पॉट बन चुके हैं. सेक्टर-150, सेक्टर-93 और नोएडा एक्सटेंशन में नए हाईवे, मेट्रो लिंक और कमर्शियल सेंटर बनने से कीमतों में बड़ा उछाल देखा गया है. साथ ही, सरकारी नीतियों और एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) में वृद्धि ने भी इस बाजार को मजबूती दी है.
गुरुग्राम – कॉर्पोरेट हब्स और लग्जरी प्रोजेक्ट्स ने बदली तस्वीर
काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी का कहना है कि नोएडा और गुरुग्राम में हाई-एंड प्रोजेक्ट्स, लक्ज़री टाउनशिप और बढ़ते कॉरपोरेट हब्स की वजह से रियल एस्टेट सेक्टर में बूम देखने को मिला है. नोएडा में एक्सप्रेस वे के नजदीक, सेक्टर 115, द्वारका एक्सप्रेस वे, साइबर सिटी, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन जैसे इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है. यहां आईटी सेक्टर और स्टार्टअप कल्चर के बढ़ने से लग्जरी आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की मांग लगातार बनी हुई है. आने वाले सालों में भी इस ग्रोथ के जारी रहने की पूरी संभावना है, जिससे निवेशकों को बंपर मुनाफा होता रहेगा.
टैग्स