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₹20,000 करोड़ जुटाने की तैयारी: NSE ने OFS प्रक्रिया शुरू की, निवेशकों के लिए बड़ा मौका
OFS प्रक्रिया पूरी होने के बाद NSE मई 2026 के अंत तक अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर सकता है. इसके बाद निवेशकों के लिए यह बहुप्रतीक्षित IPO खुलने की राह साफ हो जाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज अब अपने बहुप्रतीक्षित IPO की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुका है. करीब ₹20,000 करोड़ के इस मेगा इश्यू से पहले कंपनी ने ऑफर-फॉर-सेल (OFS) प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे मौजूदा शेयरधारकों को अपनी हिस्सेदारी बेचने का अवसर मिलेगा.
IPO की शुरुआत का संकेत
IPO की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए NSE ने अपने मौजूदा निवेशकों को OFS में भाग लेने के लिए औपचारिक पत्र भेजा है. यह कदम इस बात का स्पष्ट संकेत है कि एक्सचेंज अब शेयर बाजार में लिस्टिंग के बेहद करीब पहुंच चुका है. इस इश्यू के जरिए कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक ही अपनी हिस्सेदारी बाजार में बेचेंगे.
किन निवेशकों को मिलेगा मौका
बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के नियमों के अनुसार, केवल वही निवेशक OFS में हिस्सा ले सकेंगे, जिनके पास कम से कम एक साल पहले से शेयर मौजूद हैं.
1. 15 जून 2025 तक जिनके पास NSE के शेयर हैं, वही पात्र होंगे
2. इच्छुक निवेशकों को 27 अप्रैल 2026 तक अपनी रुचि जतानी होगी
3. शेयरों की कीमत बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया से तय होगी
अगर कुछ शेयर OFS में नहीं बिकते हैं, तो उन पर लिस्टिंग के बाद 6 महीने का लॉक-इन लागू होगा. अनुमान है कि इस प्रक्रिया में कंपनी अपनी 4–4.5% हिस्सेदारी बेच सकती है.
शेयरधारकों की संख्या में तेज उछाल
NSE के अनलिस्टेड शेयरों की बढ़ती मांग का असर उसके निवेशक आधार पर साफ दिख रहा है.
- मार्च 2025: 39,201 शेयरधारक
- जून 2025: 1,59,394 शेयरधारक
- दिसंबर 2025: 1,86,481 शेयरधारक
शेयरधारकों की इस तेज वृद्धि ने OFS प्रक्रिया को जटिल बना दिया है, जिसे पूरा करने में एक महीने से अधिक समय लग सकता है.
IPO मैनेजमेंट में जुटीं बड़ी कंपनियां
इस मेगा IPO को सफल बनाने के लिए NSE ने बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं. करीब 20 इन्वेस्टमेंट बैंकों को बुक-रनर नियुक्त किया गया है, 8 लॉ फर्म्स कानूनी प्रक्रिया संभाल रही हैं, वैश्विक सलाहकार Rothschild & Co. को निगरानी और रणनीतिक सलाह के लिए शामिल किया गया है यह व्यवस्था भारतीय IPO इतिहास में सबसे बड़े मैनेजमेंट सेटअप्स में से एक मानी जा रही है.
₹20,000 करोड़ जुटाने की तैयारी
अनलिस्टेड बाजार में चल रही मौजूदा वैल्यूएशन को देखते हुए इस IPO से ₹20,000 करोड़ से ज्यादा जुटाए जाने की संभावना है. अगर ऐसा होता है, तो यह भारत के सबसे बड़े IPOs में शामिल हो सकता है.
OFS प्रक्रिया पूरी होने के बाद NSE मई 2026 के अंत तक अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर सकता है. इसके बाद निवेशकों के लिए यह बहुप्रतीक्षित IPO खुलने की राह साफ हो जाएगी. NSE का यह कदम न सिर्फ भारतीय शेयर बाजार के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है, बल्कि निवेशकों के लिए भी बड़ा अवसर लेकर आ रहा है.
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