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IDBI बैंक के नए मालिक का नाम लगभग तय, बस घोषणा का है इंतजार!
खबरों की मानें तो कनाडा में रहने वाले भारतीय मूल के अरबपति कारोबारी IDBI बैंक में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी खरीदने के काफी करीब हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
आने वाले कुछ समय में IDBI बैंक को बना मालिक मिल जाएगा. मोदी सरकार इस बैंक से अपना हाथ छुड़ाने के लिए तेजी से काम कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, IDBI बैंक की बिक्री की प्रक्रिया अब फाइनल स्टेज में पहुंचने वाली है. इस बैंक को अपना बनाने के लिए कुछ कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है, लेकिन एक का नाम सबसे आगे चल रहा है.
प्रेम वत्स की है फेयरफैक्स
रिपोर्ट्स की मानें, तो IDBI बैंक के लिए बोली लगाने वाली तीन कंपनियों में से फेयरफैक्स इंडिया होल्डिंग्स ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मुश्किल शर्तों को पूरा कर लिया है. इस तरह, वह इस दौड़ में सबसे आगे हो गई है. फेयरफैक्स भारतीय मूल के कनाडाई अरब पति प्रेम वत्स की कंपनी है. फेयरफैक्स CSB बैंक की भी प्रमोटर है. फेयरफैक्स की शुरुआत 1985 में प्रेम वत्स ने की थी. उन्होंने कनाडा की एक छोटी इंश्योरेंस कंपनी Markel Financial को रीफाइनेंस किया और फिर उसका नाम बदलकर फेयरफैक्स कर दिया. ये कंपनी अब तक कई इंश्योरेंस कंपनियों का अधिग्रहण कर चुकी है.
कोटक ने खींचे कदम?
फेयरफैक्स इंडिया होल्डिंग्स (Fairfax India Holdings) के साथ-साथ NBD एमिरेट्स और कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) ने भी IDBI बैंक में कंट्रोलिंग स्टेक खरीदने की इच्छा व्यक्त की थी. बताया जा रहा है कि कोटक अब इस दौड़ से हट गया है. हालांकि, बैंक ने इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फेयरफैक्स ने केंद्र सरकार को लिखित में IDBI बैंक के वजूद को पहले की तरह बनाए रखने का आश्वासन दिया है. यह डील कैसी होगी, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है लेकिन खबर है कि फेयरफैक्स ने IDBI बैंक में 60.7% हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए कैश डील का ऑफर दिया है.
3 साल तक बदलाव नहीं
फेयरफैक्स ने यह वादा भी किया है कि अधिग्रहण के कम से कम 3 साल बाद तक IDBI बैंक के वर्तमान मैनेजमेंट और स्टाफ को उनकी मौजूदा स्थिति में बनाए रखा जाएगा. इस अवधि के लिए उनके पैकेज और भत्तों पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा. फेयरफैक्स के मालिक प्रेम वत्स की बात करें, तो उनका जन्म हैदराबाद में हुआ था. बाद में वह अपने भाई के पास कनाडा चले गए और MBA की पढ़ाई की. प्रेम वत्स दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे को अपना गुरु मानते हैं. फेयरफैक्स प्रॉपर्टी और कैजुएल्टी इंश्योरेंस एवं रीइंश्योरेंस के कारोबार में है. कंपनी के पास दुनिया भर की कई बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी है. फोर्ब्स के अनुसार, प्रेम वत्स की नेट वर्थ 1.8 अरब डॉलर है.
कितनी है हिस्सेदारी?
मोदी सरकार के पास आईडीबीआई बैंक में 45.5% हिस्सेदारी है. जबकि देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी भी इसमें 49% से अधिक हिस्सेदारी रखती है. योजना के अनुसार सरकार बैंक में कुल 60.7% हिस्सेदारी बेच सकती है. इसमें सरकार की 30.5% और LIC की 30.2% हिस्सेदारी शामिल है. IDBI के विनिवेश की प्रक्रिया अक्टूबर 2022 में शुरू हो गई थी. IDBI बैंक के पास 11,520 करोड़ रुपए की विलंबित कर एसेट्स हैं.
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