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पीएम मुद्रा योजना के 10 साल पूरे, ₹32 लाख करोड़ के लोन दिए, लाभार्थियों में 68% महिलाएं
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) ने 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं, और इस अवसर पर पीएम मोदी ने लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह योजना छोटे व्यवसायों और उद्यमियों के लिए एक बड़ा संबल बनी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुद्रा योजना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसके लाभार्थियों से बातचीत की. इस खास मौके पर उन्होंने कहा कि मैंने पूरे भारत से मुद्रा लाभार्थियों को अपने आवास पर आमंत्रित किया है. उन्होंने बताया कि किस प्रकार इस योजना ने लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाया है.
योजना के 10 साल पूरे होने पर क्या बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आज जब हम मुद्रा योजना के 10 साल पूरे कर रहे हैं, मैं उन सभी लोगों को बधाई देता हूं जिनके जीवन में इस योजना ने सकारात्मक बदलाव लाया है. इस एक दशक में मुद्रा योजना ने कई सपनों को साकार किया है और उन लोगों को सशक्त बनाया है जो पहले वित्तीय सहायता से वंचित थे. यह इस बात का प्रमाण है कि भारत में लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है." उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सरकार ने अब तक लगभग 33 लाख करोड़ रुपये के ऋण बिना गारंटी के वितरित किए हैं. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को की गई थी, और अब यह योजना 10 वर्ष पूरे कर चुकी है.
पिछले 10 साल में खुले 52 करोड़ से ज्यादा लोन अकाउंट
एसबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में मुद्रा योजना ने 52 करोड़ से अधिक लोन खाते खोलने में मदद की है, जो उद्यमशीलता गतिविधि में भारी उछाल को दर्शाता है. पीएम मुद्रा योजना के तहत, किशोर लोन (50,000 से 5 लाख रुपए), जो बढ़ते व्यवसायों का समर्थन करते हैं, वित्त वर्ष 2016 में 5.9 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 44.7 प्रतिशत हो गए हैं, जो छोटे उद्योगों की वास्तविक प्रगति को दर्शाता है. तरुण श्रेणी (5 लाख से 10 लाख रुपए) भी तेजी से आगे बढ़ रही है, जो साबित करती है कि मुद्रा केवल व्यवसाय शुरू करने के बारे में नहीं है, बल्कि उन्हें बढ़ाने में मदद करती है.
योजना से महिलाओं का हुआ सशक्तिकरण
मुद्रा योजना के कुल लाभार्थियों में 68 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो देश भर में महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. वित्त वर्ष 2016 और वित्त वर्ष 2025 के बीच , प्रति महिला PMMY लोन राशि 13 प्रतिशत की CAGR से बढ़कर 62,679 रुपए तक पहुँच गई, जबकि प्रति महिला जमा 14 प्रतिशत की CAGR से बढ़कर 95,269 रुपए हो गई. महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने वाले राज्यों ने महिलाओं के नेतृत्व वाले MSME के माध्यम से काफी रोजगार सृजन दर्ज किया है, जो महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और श्रम बल भागीदारी को बढ़ाने में समावेशन की प्रभावशीलता को मजबूत करता है.
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