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PhonePe Wealth ने लॉन्च किया एक नया टूल, म्युचुअल फंड चुनना अब होगा आसान!
PhonePe Wealth का CRISP टूल निवेशकों को बुद्धिमानी से निर्णय लेने में मदद करेगा और सही फंड चुनने की प्रक्रिया को सरल बनाएगा, जिससे म्युचुअल फंड चुनना आसान और प्रभावी होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत में म्युचुअल फंड में निवेश तेजी से बढ़ रहा है. एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2019 में यूनिक निवेशकों की संख्या 2 करोड़ थी, जो दिसंबर 2024 तक बढ़कर 5.3 करोड़ हो गई. हालांकि, सही फंड का चयन करना अब भी निवेशकों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. इसी समस्या को हल करने के लिए PhonePe Wealth ने एक नया डिजिटल टूल 'CRISP' लॉन्च किया है. तो आइए जानते हैं ये टूल कैसे काम करेगा?
क्या है CRISP?
CRISP का पूरा नाम 'Consistency, Risk and Investment Style of the Portfolio' है. यह एक डिजिटल टूल है, जो निवेशकों को सही म्युचुअल फंड चुनने में मदद करता है. आमतौर पर, निवेशक केवल पिछले रिटर्न को देखकर फंड चुनते हैं, लेकिन CRISP इससे आगे बढ़कर एक व्यापक फ्रेमवर्क प्रदान करता है.
कैसे करेगा CRISP निवेशकों की मदद?
PhonePe Wealth के अनुसार, रिटेल निवेशक पारंपरिक रूप से इतिहास-आधारित परफॉर्मेंस मेट्रिक्स पर निर्भर रहते हैं, जिससे कई बार गलत निवेश निर्णय हो सकते हैं. CRISP इस प्रक्रिया को आसान बनाता है और परफॉर्मेंस, जोखिम और पोर्टफोलियो डेटा को उपयोगी जानकारी में बदलकर निवेशकों को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है.
म्युचुअल फंड इंडस्ट्री में क्रांति
PhonePe Wealth के इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स हेड निलेश डी नाइक ने कहा, "म्युचुअल फंड इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिसका मुख्य कारण निवेशकों के लिए जागरूकता अभियान और वेल्थटेक प्लेटफॉर्म्स के जरिए निवेश का लोकतंत्रीकरण है." उन्होंने आगे बताया कि PhonePe Wealth का लक्ष्य निवेशकों को इनोवेटिव टूल्स के माध्यम से सशक्त बनाना है.
CRISP किन तीन महत्वपूर्ण पैरामीटर्स पर काम करता है?
1. प्रदर्शन में निरंतरता (Consistency in performance)
-CRISP किसी फंड के पांच साल के प्रदर्शन का आकलन रोलिंग रिटर्न्स के आधार पर करता है. फंड्स को उनकी निरंतर प्रदर्शन क्षमता के अनुसार ‘High’ (उच्च), ‘Medium’ (मध्यम), या ‘Low’ (निम्न) श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है. यह निवेशकों को ऐसे फंड्स चुनने में मदद करता है जो लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, न कि वे जो सिर्फ कभी-कभी अच्छा रिटर्न देते हैं.
2. अन्य फंड्स की तुलना में जोखिम (Relative risk vs. peers)
CRISP किसी फंड के जोखिम प्रोफाइल को उसके समान श्रेणी के अन्य फंड्स की तुलना में वर्गीकृत करता है. इसे दो श्रेणियों में बांटा गया है – ‘Within acceptable range’ (स्वीकार्य सीमा में) या ‘Too High’ (बहुत अधिक). यह निवेशकों को अत्यधिक जोखिम वाले फंड्स से बचने में मदद करता है.
3. निवेश शैली या फैक्टर एनालिसिस (Investment style or factor analysis)
यह टूल किसी फंड के पांच साल की अवधि में विभिन्न फैक्टर एनालिसिस (जैसे वैल्यू, क्वालिटी और मोमेंटम) के प्रति उसके जोखिम का आकलन करता है. प्रत्येक फैक्टर को ‘High’ (उच्च), ‘Medium’ (मध्यम) या ‘Low’ (निम्न) श्रेणी में वर्गीकृत किया जाता है. इससे निवेशकों को फंड मैनेजमेंट की स्ट्रैटेजी को समझने और अपने पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन लाने में सहायता मिलती है.
PhonePe Wealth पर CRISP का उपयोग कैसे करें?
CRISP फिलहाल PhonePe प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है और जल्द ही इसे कंपनी के स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म Share.Market के साथ भी जोड़ा जाएगा.
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