✕

होम / बिजनेस / चुनाव आते ही फिर शुरू हुईं सस्ते पेट्रोल-डीजल की बातें, क्या वाकई मिलेगी राहत?

चुनाव आते ही फिर शुरू हुईं सस्ते पेट्रोल-डीजल की बातें, क्या वाकई मिलेगी राहत?

कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनावी माहौल के बीच एक बार फिर से पेट्रोल-डीजल के सस्ता होने की बातें होने लगी हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

पेट्रोल-डीजल की कीमतों (Petrol-Diesel Price) में कमी की उम्मीद दिखाई दे रही है. माना जा रहा है कि कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पेट्रोल-डीजल के दम घट सकते हैं. बता दें कि तेल के दाम पहले से ही आसमान पर पहुंच चुके हैं. क्रूड ऑयल की कीमत का हवाला देकर कंपनियों ने दिल खोलकर दाम बढ़ाए, लेकिन उसमें नरमी का फायदा आम जनता को नहीं दिया. मोदी सरकार भी इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ कहने और करने से बचती रही है.

..तभी होगा संभव
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में सचिव पंकज जैन का कहना है कि यदि कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक कम रहती है, तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमत में कमी पर विचार कर सकती हैं. मालूम हो कि कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमत तीन साल के निचले स्तर पर आ गई है. ऐसे में उम्मीद है कि महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले तेल के दामों में कटौती हो सकती है.

ये भी पढ़ें - EV को घर-घर पहुंचाने की तैयारी, सरकार ने इस योजना को दी मंजूरी, खर्च होंगे इतने करोड़

इसलिए आई नरमी
ब्रेंट क्रूड की कीमत मंगलवार को 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई थी, दिसंबर 2021 के बाद पहली बार कच्चा तेल इस स्तर पर आया है. दरअसल, वैश्विक अर्थव्यवस्था की ग्रोथ धीमी पड़ने से तेल की मांग में कमी आने की आशंका है. इस वजह से कच्चे तेल की कीमत में गिरावट आई है. क्रूड ऑयल सस्ता होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मार्जिन में सुधार हुआ है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड का देश के 90% ऑयल मार्केट पर कब्जा है. 

बिगड़ गया गणित
कई राज्यों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए प्रति लीटर से अधिक हो गई है और डीजल का दाम भी 90 रुपए प्रति लीटर के पार है. डीजल का सीधा संबंध महंगाई से है. ऐसे में महंगे पेट्रोल-डीजल ने लोगों का पूरा गणित बिगाड़ दिया है. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लंबे अर्से के बाद बदलाव लोकसभा चुनाव से पहले हुआ था, जब सरकार ने इनकी कीमतों में 2 रुपए की कटौती की थी. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

फेस्टिव सीजन से पहले महंगा हुआ हवाई सफर, एयर इंडिया समेत 3 एयरलाइंस ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज

एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की नई दरें 9 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी, जबकि आकासा एयर ने भी अपने ईंधन शुल्क में बढ़ोतरी की है.

11 minutes ago

पैंटोमैथ: बैंकर, खरीदार और विक्रेता

मुंबई के एक निवेश बैंक के अपने ही समूह के फंड उन सौदों में बार-बार दिखाई देते हैं, जिन्हें वह बाजार में बेचता है. इन सौदों में निवेश करने वाले निवेशकों का प्रदर्शन खराब रहा है.

25 minutes ago

बाजार में रिकवरी के संकेत, गिफ्ट निफ्टी 80 अंक चढ़ा; इन्फोसिस-विप्रो समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर

गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 1,045.46 अंक यानी 1.44 फीसदी गिरकर 71,593.24 पर आ गया. वहीं, एनएसई निफ्टी 371.25 अंक यानी 1.64 फीसदी टूटकर 22,231.80 पर बंद हुआ.

37 minutes ago

अडानी समूह पर शॉर्ट-सेलिंग हमले की फुसफुसाहट

राजीव जैन के GQG ने ITC में अपनी हिस्सेदारी बेच दी. डीलिंग रूम में चर्चा है कि कुछ ऑफशोर खिलाड़ियों को इसका पहले से अंदाजा था और उन्होंने पहले ही फंड की प्रमुख होल्डिंग्स में शॉर्ट पोजीशन बना ली थी. एलन मस्क की X पोस्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज में बिकवाली को और बढ़ा दिया.

15 hours ago

2037-38 की जरूरत की 84% हुई कोल्ड स्टोरेज क्षमता, पैक-हाउस और रीफर वाहनों की भारी कमी: रिपोर्ट

रिपोर्ट में प्रमुख बागवानी उत्पादन केंद्रों के आसपास बहु-वस्तु और अलग-अलग तापमान पर काम करने वाली सुविधाएं विकसित करने की जरूरत बताई गई है. इसके साथ भरोसेमंद रेफ्रिजरेटेड परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है.

18 hours ago


बड़ी खबरें

बाजार में रिकवरी के संकेत, गिफ्ट निफ्टी 80 अंक चढ़ा; इन्फोसिस-विप्रो समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर

गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 1,045.46 अंक यानी 1.44 फीसदी गिरकर 71,593.24 पर आ गया. वहीं, एनएसई निफ्टी 371.25 अंक यानी 1.64 फीसदी टूटकर 22,231.80 पर बंद हुआ.

37 minutes ago

फेस्टिव सीजन से पहले महंगा हुआ हवाई सफर, एयर इंडिया समेत 3 एयरलाइंस ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज

एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की नई दरें 9 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी, जबकि आकासा एयर ने भी अपने ईंधन शुल्क में बढ़ोतरी की है.

11 minutes ago

पैंटोमैथ: बैंकर, खरीदार और विक्रेता

मुंबई के एक निवेश बैंक के अपने ही समूह के फंड उन सौदों में बार-बार दिखाई देते हैं, जिन्हें वह बाजार में बेचता है. इन सौदों में निवेश करने वाले निवेशकों का प्रदर्शन खराब रहा है.

25 minutes ago

भारतीय दीवार पर किसका होगा कब्जा?

जैसे-जैसे बिरला ओपस, जेएसडब्ल्यू ड्यूलक्स और पिडिलाइट की हैशा स्थापित दिग्गजों को चुनौती दे रही हैं, त्योहारी सीजन यह दिखाएगा कि क्या वितरण क्षमता, डीलर अर्थशास्त्र और पेंटर का प्रभाव लंबे समय से चली आ रही उपभोक्ता आदतों को बदल सकता है.

17 hours ago

अडानी समूह पर शॉर्ट-सेलिंग हमले की फुसफुसाहट

राजीव जैन के GQG ने ITC में अपनी हिस्सेदारी बेच दी. डीलिंग रूम में चर्चा है कि कुछ ऑफशोर खिलाड़ियों को इसका पहले से अंदाजा था और उन्होंने पहले ही फंड की प्रमुख होल्डिंग्स में शॉर्ट पोजीशन बना ली थी. एलन मस्क की X पोस्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज में बिकवाली को और बढ़ा दिया.

15 hours ago