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Tata Consumer ने कहा धीमी पड़ रही है D2C ब्रैंड्स की रफ्तार, जानिए क्या है वजह!

D2C ब्रैंड्स में वह कंपनियां शामिल होती हैं जिनकी कमाई या कस्टमर्स का ज्यादातर हिस्सा ‘डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर’ चैनलों से आता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नमक और खाने के प्रमुख सामानों से लेकर पानी और चायपत्ती बेचने वाली कंपनी टाटा कंज्यूमर (Tata Consumer) का कहना है कि कोविड महामारी के दौरान वृद्धि करने वाले D2C ब्रैंड्स की वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ती नजर आ रही है. जिससे  पता चलता है कि लोगों का ध्यान सिर्फ ऑनलाइन उपलब्ध इन ब्रैंड्स से अब धीरे-धीरे उनके क्षेत्रों में मौजूद किराना की दुकानों की तरफ जाने लगा है. 

डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम है  जरूरी
टाटा कंज्यूमर के MD (मैनेजिंग डायरेक्टर) Sunil D’Souza ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि कोविड के दौरान D2C के लिए जो हाइप देखने को मिली थी उसमें अब कमी देखने को मिल रही है और ये भी एक वजह है कि बहुत सी D2C कंपनियां अब ऑफलाइन की दुनिया में कदम रख रही हैं. भारत में सामान्य ट्रेड का वितरण उतना आसान नहीं है जितना दिखता है. ऐसा नहीं है कि आप मार्केट में कोई प्रोडक्ट लॉन्च कर देंगे और वह चल जाएगा. कंपनियों ने अपना डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम बनाने में सालों की मेहनत की है और मार्केट के बड़े खिलाड़ियों के पास मुकाबले के दौरान यह अतिरिक्त फायदा होता है. 

क्या है D2C?
D2C ब्रैंड्स में वह कंपनियां शामिल होती हैं जिनकी कमाई या कस्टमर्स का ज्यादातर हिस्सा ‘डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर’ चैनलों से आता है या फिर उन कंपनियों को भी D2C ब्रैंड्स में शामिल किया जाता है जिन्होंने ओमनी-चैनल बनने से पहले ऑनलाइन डिस्ट्रीब्यूशन के तौर पर अपनी शुरुआत की थी. टाटा कंज्यूमर ने कुछ सालों पहले तक प्रमुख रूप से चायपत्ती, कॉफी, और नमक बेचने से लेकर दालों, मसालों, पकाने के लिए तैयार चीजों (Ready To Cook), ड्रिंक प्रोडक्ट्स और हाल ही में स्नैक्स जैसे प्रोडक्ट्स के क्षेत्रों में भी वृद्धि की है. इसके साथ ही कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में 34 प्रोडक्ट्स लॉन्च करके इनोवेशन की गति को भी बढ़ावा दिया था. 

बड़ी-बड़ी कंपनियों ने भी किया D2C में इन्वेस्ट
लगभग 2 साल पहले टाटा कंज्यूमर ने Kottaram Agro Foods में 100% की हिस्सेदारी खरीदी थी. Kottaram Agro Foods ब्रेकफास्ट बनाने, और मोटे-अन्न पर आधारित स्नैक्स बनाने वाली एक कंपनी है. टाटा कंज्यूमर की प्रतिद्वंदी कंपनियां Marico, ITC (इंडियन टोबाको कंपनी) और HUL (हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड) भी D2C ब्रैंड्स में इन्वेस्ट करते आये हैं. उदाहरण के लिए, Marico ने HW Wellness Solutions में 54% की हिस्सेदारी खरीदी थी. इसी तरह ITC ने Sproutlife Foods (SFPL) में इन्वेस्ट किया था. SFPL, योग बार बनाने वाली एक कंपनी है. दूसरी तरफ HUL ने Zywie Ventures में इन्वेस्ट किया था, जो पौधों पर आधारित सप्लीमेंट ब्रैंड Oziva को बेचती है. 
 

यह भी पढ़ें: LinkedIn ने America के बाद भारत में भी लॉन्च किया गया ये खास फीचर!

 


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