होम / बिजनेस / ONGC और टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी के बीच हुआ MoU, इस क्षेत्र में मिलकर करेंगे काम
ONGC और टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी के बीच हुआ MoU, इस क्षेत्र में मिलकर करेंगे काम
ONGC और टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड ने बैटरी ऊर्जा भंडारण समाधान पर सहयोग के लिए समझौता किया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत की ऊर्जा महारत्न कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ONGC) ने टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) के साथ को एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए. यह समझौता बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों को तलाशने के लिए किया गया है. यह समझौता इंडिया एनर्जी वीक 2025 के दौरान हुआ, जिसमें TPREL के सीईओ और एमडी दीपेश नंदा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.
यह साझेदारी भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा मेंONGC की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. इस सहयोग के तहत BESS के विभिन्न क्षेत्रों में काम किया जाएगा, जैसे:
• बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण प्रणाली (Utility-scale energy storage)
• ग्रिड को स्थिर बनाना और सहायक सेवाएं (Grid stabilization)
• नवीकरणीय ऊर्जा को ग्रिड में जोड़ना और हाइब्रिड समाधान (Renewable energy integration)
• उद्योगों और व्यवसायों के लिए ऊर्जा भंडारण (Industrial and commercial energy storage)
• माइक्रोग्रिड और बैकअप पावर समाधान (Microgrid and backup power)
• इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
इस मौके पर ONGC के चेयरमैन और CEO, अरुण कुमार सिंह ने कहा कि "भारत स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है, और ONGC स्वच्छ ऊर्जा पहल को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड के साथ यह सहयोग ऊर्जा भंडारण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह ग्रिड की स्थिरता और रिन्यूएबल एनर्जी को अपनाने के लिए जरूरी है. हम अपनी संयुक्त विशेषज्ञता का उपयोग करके भारत के ऊर्जा बदलाव और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा में योगदान देना चाहते हैं."
TPREL के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर, दीपेश नंदा ने कहा कि "ONGC के साथ यह साझेदारी भारत के ऊर्जा बदलाव में एक बड़ा कदम है। बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) ग्रिड को मजबूत बनाएगी, नवीकरणीय ऊर्जा को बेहतर तरीके से जोड़ने में मदद करेगी और भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक होगी। ONGC के साथ मिलकर, हम ऐसे उन्नत भंडारण समाधान विकसित करना चाहते हैं, जो भविष्य में टिकाऊ और मजबूत ऊर्जा प्रणाली बनाने में मदद करेंगे."
यह सहयोग भारत के 2030 तक 500 गीगावॉट (GW) गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को पूरा करने के लिए काम करेगा और दोनों कंपनियों की स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है. TPREL ने पहले ही भारत की सबसे बड़ी सौर और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) स्थापित की है—100 मेगावॉट सौर संयंत्र और 120 मेगावॉट घंटा (MWh) यूटिलिटी-स्केल BESS राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ में. यह उन्नत ऊर्जा भंडारण तकनीकों को लागू करने में कंपनी की विशेषज्ञता को दर्शाता है. ONGC और TPREL की यह साझेदारी तकनीकी नवाचार, ऊर्जा दक्षता और स्थिरता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे देश में एक मजबूत और विश्वसनीय ऊर्जा संरचना विकसित करने में मदद मिलेगी.
टैग्स