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NSE Indices ने लॉन्च किया नया इंडेक्स, Zomato, Paytm सहित 21 प्रमुख कंपनियां शामिल
NSE द्वारा लॉन्च किया गया 'निफ्टी इंडिया इंटरनेट एंड ई-कॉमर्स इंडेक्स' उन निवेशकों के लिए एक बेहतरीन अवसर हो सकता है, जो भारत के बढ़ते इंटरनेट और ई-कॉमर्स क्षेत्र में निवेश करना चाहते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की सहायक कंपनी NSE इंडेक्स ने एक नया थीमेटिक बेंचमार्क इंडेक्स पेश किया. इस नए इंडेक्स का नाम 'निफ्टी इंडिया इंटरनेट एंड ई-कॉमर्स इंडेक्स' रखा गया है. यह इंडेक्स उन कंपनियों को ट्रैक करेगा, जो मुख्य रूप से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे कि इंटरनेट आधारित व्यापार और ई-कॉमर्स क्षेत्र की कंपनियों के माध्यम से अपनी सेवाएं प्रदान करती हैं. तो आइए जानते हैं इसमें कौन-कौन सी कंपनियों को शामिल किया गया है?
इंडेक्स में ये कंपनियां हुई शामिल
इस इंडेक्स में कुल 21 कंपनियां शामिल हैं, जो Nifty Total Market से ली गई हैं. इनमें प्रमुख कंपनियों के रूप में Zomato, Paytm, और Nykaa जैसे नाम शामिल हैं. Zomato का इस इंडेक्स में वेटेज सबसे अधिक है, जो 20.3 प्रतिशत है. इसके बाद Info Edge का वेटेज 18.83 प्रतिशत और PB Fintech का वेटेज 16.72 प्रतिशत है. Paytm (वन97 कम्युनिकेशंस), Nykaa (FSN ई-कॉमर्स वेंचर्स), और IRCTC का वेटेज 7-8 प्रतिशत के बीच है. इसके अलावा, Angel One, Motilal Oswal, Swiggy, और IndiaMart Intermesh जैसे शेयरों का वेटेज 5 प्रतिशत से कम है.
इंडेक्स के सेक्टोरल आवंटन
इस इंडेक्स में सेक्टोरल आवंटन में प्रमुख रूप से कंज्यूमर सर्विसेज का हिस्सा है, जो कि 65.32 प्रतिशत है. इसके बाद फाइनेंशियल सर्विसेज का हिस्सा 33.48 प्रतिशत और मीडिया, एंटरटेनमेंट और पब्लिकेशन का हिस्सा केवल 1.21 प्रतिशत है. इस संरचना से यह स्पष्ट होता है कि ई-कॉमर्स और इंटरनेट क्षेत्र में कंज्यूमर सर्विसेज का योगदान अधिक महत्वपूर्ण है.
इंडेक्स की संरचना और रिव्यू प्रक्रिया
नया इंडेक्स फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन-बेस्ड वेटिंग का पालन करता है, और इसमें इंडिविजुअल स्टॉक की सीमा 20 प्रतिशत तय की गई है. इसके आधार पर, प्रत्येक कंपनी का वेटेज उसके बाजार पूंजीकरण पर निर्भर करेगा, लेकिन किसी भी एक स्टॉक का वेटेज 20 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता. इंडेक्स का बेस डेट 1 अक्टूबर 2021 है, जिसे 1,000 प्वाइंट पर सेट किया गया है. NSE इंडेक्स का रिव्यू हर साल दो बार मार्च और सितंबर में किया जाएगा. इस रिव्यू के दौरान, जनवरी और जुलाई में समाप्त होने वाले छह महीने के औसत डेटा का उपयोग किया जाएगा. तिमाही आधार पर इसकी समीक्षा की जाएगी, ताकि ETF (Exchange Traded Funds) और इंडेक्स फंड के लिए सेबी के पोर्टफोलियो कंसंट्रेशन मानदंडों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा, यदि आवश्यक हुआ तो सुधारात्मक कार्रवाई भी की जाएगी.
आर्थिक माहौल पर असर
28 फरवरी को भारतीय शेयर बाजारों में मंदी का माहौल था. सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई। इस गिरावट का कारण वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंकाएं और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की धीमी वृद्धि रही. इसके परिणामस्वरूप, सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में नुकसान देखने को मिला, और बीएसई स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स क्रमशः 2.5 प्रतिशत और 3 प्रतिशत नीचे आ गए. इस बिकवाली के कारण 908 शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंचे, जिससे बाजार पूंजीकरण में 8.8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
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