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अब बैंक खातों में जोड़ सकेंगे चार नॉमिनी, अनक्लेम्ड डिपॉजिट कम करने में मदद
अनक्लेम्ड डिपॉजिट का सबसे बड़ा हिस्सा पब्लिक सेक्टर बैंकों में है. 2024 में इनकी हिस्सेदारी लगभग 74.47% थी और 2025 में यह 74.18% रही. इसका मतलब है कि बिना क्लेम वाली राशि का बड़ा हिस्सा सरकारी बैंकों में ही जमा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
सरकार ने बैंकिंग नियम (संशोधन) अधिनियम 2025 के तहत बैंक खातों में अधिकतम चार नॉमिनी जोड़ने की सुविधा दी है. इसका उद्देश्य भविष्य में अनक्लेम्ड डिपॉजिट बनने की संभावना कम करना और पैसों को असली मालिकों तक जल्दी पहुंचाना है. देश के बैंकों में ऐसी रकम लगातार बढ़ रही है जिसे सालों से किसी ने क्लेम नहीं किया है. इसे अनक्लेम्ड डिपॉजिट कहा जाता है. सरकार और रिज़र्व बैंक इन पैसों को असली खाताधारकों तक पहुंचाने के लिए कई पहल कर रहे हैं.
एक साल में अनक्लेम्ड रकम में तेजी
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2024 तक बैंकों में अनक्लेम्ड डिपॉजिट की राशि करीब 60,610 करोड़ रुपये थी. यह एक साल में बढ़कर 31 मार्च 2025 तक लगभग 74,580 करोड़ रुपये हो गई. यह दर्शाता है कि केवल एक साल में हजारों करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है.
अनक्लेम्ड डिपॉजिट क्या है?
सरकार के अनुसार, यदि कोई सेविंग या करंट अकाउंट 10 साल तक निष्क्रिय रहता है या फिक्स्ड डिपॉजिट मैच्योर होने के 10 साल बाद भी क्लेम नहीं किया जाता, तो इसे अनक्लेम्ड डिपॉजिट माना जाता है. इसके बाद यह रकम बैंकों से ट्रांसफर होकर RBI के डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड में जमा कर दी जाती है.
पब्लिक सेक्टर बैंकों का सबसे बड़ा हिस्सा
अनक्लेम्ड डिपॉजिट का सबसे बड़ा हिस्सा पब्लिक सेक्टर बैंकों में है. 2024 में इनकी हिस्सेदारी लगभग 74.47% थी और 2025 में यह 74.18% रही. इसका मतलब है कि बिना क्लेम वाली राशि का बड़ा हिस्सा सरकारी बैंकों में ही जमा है.
सरकार और RBI के नए कदम
सरकार ने बताया कि अनक्लेम्ड डिपॉजिट को असली मालिकों तक पहुंचाने के लिए कई पहल शुरू की गई हैं.
1. सितंबर 2025 में RBI ने मृत खाताधारकों के खातों के निपटान को आसान बनाने के नए दिशा-निर्देश जारी किए.
2. अक्टूबर 2025 से RBI ने इंसेंटिव स्कीम शुरू की. इसके तहत यदि कोई बैंक अनक्लेम्ड डिपॉजिट का सफल निपटान करता है, तो उसे उस रकम का 5% से 7.5% तक प्रोत्साहन दिया जाता है.
बैंकों के लिए विशेष निर्देश
सरकार ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे खातों के असली मालिकों, नॉमिनी या कानूनी वारिसों का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाएं.
1. अनक्लेम्ड खातों की सूची हर महीने वेबसाइट पर अपडेट करना
2. खाताधारकों से ईमेल, एसएमएस या पत्र के माध्यम से संपर्क करना
3. हर तिमाही ग्राहकों को जानकारी देना
जागरूकता अभियान का असर
सरकार ने अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” अभियान भी चलाया. इसका असर दिखा और 28 फरवरी 2026 तक करीब 5,777 करोड़ रुपये की अनक्लेम्ड राशि असली मालिकों को वापस दिलाई जा चुकी है.
नॉमिनी नियम में बदलाव
भविष्य में अनक्लेम्ड डिपॉजिट की समस्या कम करने के लिए अब बैंक खातों में एक की जगह अधिकतम चार नॉमिनी जोड़ने की सुविधा दी गई है. इससे पैसों के बिना दावे के पड़े रहने की संभावना कम होगी और असली मालिकों तक राशि जल्दी पहुंच सकेगी.
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