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अब किसी भी बैंक के नेट बैंकिंग से कर सकेंगे भुगतान, NPCI कर रहा है ये तैयारी
NPCI ने ऑनलाइन पेमेंट को और भी आसान बनाने के लिए एक योजना तैयार की है. इसमें बैंकों कोआपस में जोड़ा जाएगा, जिससे ग्राहकों कोऑनलाइन पेमेंट में आसानी हो.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अगर आप भी नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. दरअसल, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग पेमेंट में इंटरऑपरेबिलिटी शुरू करने की तैयारी कर रहा है. यह काम अगले कुछ महीनों में शुरू हो जाएगा. योजना के तहत इसमें शुरुआी तौर पर पांच-छह बैंकों को जोड़ा जाएगा और बाकी बैंक बाद के चरणों में जुड़ेंगे. इस सर्विस के शुरू होने से ग्राहकों के लिए ऑनलाइन पेमेंट करना पहले से सुविधाजनक हो जाएगा. तो आइए जानते हैं इससे ग्राहकों को कैसे फायदा होगा?
बैंक मिलकर शुरू करेंगे इंटरऑपरेबिलिटी सर्विस
पांच-छह बैंकों के साथ मिलकर नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग पेमेंट में आपस में जुड़ाव (इंटरऑपरेबिलिटी) शुरू करने की तैयारी कर रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अभी पहले चरण की शुरुआत की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन ये काम अगले कुछ महीनों में शुरू हो जाएगा. पहले चरण में ICICI बैंक और HDFC बैंक के अलावा तीन-चार और बैंक जुड़ रहे हैं. बता दें, ये पहल NPCI Bharat BillPay द्वारा चलाई जा रही है, जो मुंबई स्थित NPCI की एक सब्सिडियरी कंपनी है.
मिलेगा ये फायदा
जब नेट बैंकिंग का आपस में जुड़ाव हो जाएगा, तो ग्राहक ई-कॉमर्स वेबसाइट से सामान खरीदते वक्त किसी भी बैंक के नेट बैंकिंग से पेमेंट कर सकेंगे. अभी बैंकों को पेमेंट एग्रीगेटर्स से करार करना पड़ता है, जो फिर व्यापारियों को नेट बैंकिंग पेमेंट के लिए जोड़ते हैं. जब आपस में जुड़ाव हो जाएगा, तो ये समस्या खत्म हो जाएगी. फिर हर बैंक का पेमेंट हर जगह पर मान्य होगा. इससे UPI पेमेंट पर भी दबाव कम होगा. पिछले कुछ सालों में UPI बहुत तेजी से बढ़ा है, जिससे डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग पेमेंट कम हुए हैं. दूसरी बात, जब बड़े बैंक इस सर्विस को शुरू कर देंगे, तो लोग इसका इस्तेमाल करना शुरू कर देंगे. फिर धीरे-धीरे छोटे बैंक भी इसमें शामिल होंगे. एक्सपर्ट्स के अनुसार बीमा प्रीमियम या टैक्स जैसे बड़े पेमेंट के लिए लोग अपने बैंक के ऐप या वेबसाइट से पेमेंट करना पसंद करते हैं. इनसे ट्रांजेक्शन सफल होने की दर ज्यादा है, इसलिए बड़े पेमेंट के लिए ये तरीका अधिक भरोसेमंद माना जाता है.
कारोबारी और एग्रीगेटर्स ऐसे करते हैं नेट बैंकिंग
अभी नेट बैंकिंग से पेमेंट के लिए कारोबारी और एग्रीगेटर्स मुंबई की बिलडेस्क जैसी पेमेंट गेटवे कंपनियों के जरिए बड़े बैंकों की नेट बैंकिंग सिस्टम से जुड़ते हैं. कार्ड या UPI पेमेंट के उलट, नेट बैंकिंग आमतौर पर बहुत बड़े लेन-देन के लिए होती है. सेंट्रल बैंक के आंकड़ों के अनुसार सिर्फ अक्टूबर में ही करीब 420 मिलियन पेमेंट ट्रांजेक्शन हुए.इनसे कुल 100 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन हुआ, यानी हर लेन-देन की औसत राशि 2.5 लाख रुपये से अधिक थी.
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