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देश में अब एक ही होंगे सोने-चांदी के दाम, ये पॉलिसी होने जा रही लागू! जानें पूरी डिटेल

पूरे भारत में सोने के एक दाम का रास्‍ता साफ होगा. अभी अलग-अलग राज्‍यों में सोने की अलग-अलग दरें होती हैं. सोने के लिए वन नेशन वन रेट लागू होने से सबसे ज्‍यादा फायदा ग्राहकों को होगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

देश के अलग-अलग शहरों में सोने और चांदी की कीमत भी अलग होती है. सोने और चांदी के रेट पर हर राज्य के अलग-अलग टैक्स के अलावा भी कई तरह की चीजें जोड़ी जाती हैं. इसके चलते राज्यों ने इन कीमती धातुओं के दाम भी अलग-अलग हो जाते हैं. हालांकि, अब देश के बड़ा बदलाव आने जा रहा है. जल्द पूरे देश में 'वन नेशन, वन रेट' पॉलिसी लागू होने जा रही है. इसके बाद आप देश में कहीं भी सोना खरीदें आपको रेट एक ही मिलेगा. ऐसा होने पर सोने के कारोबारियों और ज्वेलर्स को भी आसानी हो जाएगी. इसे लागू करने के लिए देशभर के तमाम बड़े ज्वैलर्स भी सहमत हो गए हैं.

जेम एंड ज्वैलरी काउंसिल भी आया सपोर्ट में

सोने की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए लाई जा रही 'वन नेशन, वन रेट' (One Nation, One Rate) पॉलिसी को जेम एंड ज्वैलरी काउंसिल (GJC) ने भी समर्थन दिया है. इसका मकसद पूरे देश में सोने की एक समान कीमतें करना है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सितंबर 2024 में होने वाली बैठक में इस पर ऑफिशियल ऐलान हो सकता है. हालांकि, इस पॉलिसी को लागू करने के बाद आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए गोल्ड इंडस्ट्री नई योजना बना रही है.

क्या है वन नेशन वन रेट पॉलिसी?

‘वन नेशन वन रेट पॉलिसी’ भारत सरकार की ओर से प्रस्तावित एक योजना है. सरकार का मकसद है पूरे देश में सोने की कीमते समान हो. इस योजना पर अमल करने के लिए सरकार नेशनल लेबल पर एक बुलियन एक्सचेंज बनाएगी. नेशनल बुलियन एक्सचेंज ही पूरे देश में सोने के दाम तय करेगा. इसे और आसान भाषा में आप ऐसे समझ सकते है. जैसे शेयर मार्केट में किसी कंपनी के शेयर के दाम पूरे देश में एक ही होते है और यही दाम बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज या नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड होते है. अभी मौजूदा दौर मे सोने-चांदी की खरीद बिक्री MCX पर होती है. लेकिन अब सर्राफा बाजार के लिए भी एक एक्सचेंज बन जाएगा. इस एक्सचेंज को बनाने की मांग काफी समय से हो रही थी.

किस तरह मिलेगा फायदा

राष्ट्रीय स्तर पर बनी बुलियन एक्स्चेंज ही सोने की कीमतों को तय करेगा और देश भर के ज्वैलर्स को उसी कीमत पर सोना बेचना होगा. जो कीमत एक्सचेंज तय करेगा. ऐसा होने से इस इंडस्ट्री में तो पार्दशिता बढ़ेगी ही. साथ ही साथ आम जनता को भी सोना पूरे देश में एक ही दाम पर मिलेगा. मान लीजिए आप लखनऊ में रहते है औऱ वहां सोना महंगा है. ऐसे में अगर आपके घर में शादी है तो आप सोना खरीदने के लिए उस शहर में जाते हैं जहां लखनऊ से सस्ता सोना मिलता है. इस योजना के लागू होने के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी.

कैसे तय होती है कीमत?

मौजूदा समय में सोने की कीमतें सर्राफा बाजार के एसोशियन की ओर से तय की जाती है. तो हर शहर के लिए अलग-अलग होती है. अमूमन हर एक सर्राफा बाजार अपने अपने शहरों की कीमत शाम के समय जारी करता है. पेट्रोल-डीजल की तर्ज पर ही सोने-चांदी की कीमतें भी हर रोज तय की जाती है. सोने-चांदी की कीमतों में ग्लोबल सेंटीमेंट्स का भी अहम रोल होता है. अतंराष्ट्रीय बाजारों की कीमतों का असर घरेलू बाजार पर भी होता है.

क्या कम हो जाएंगी कीमतें?

इस पॉलिसी के आने से इंडस्ट्री में पार्दशिता बढ़ेगी जिसका फायदा आम आदमी को भी मिलेगा. कीमतों का अंतर खत्म होने से सोने की कीमतों में भी कमी आ सकती है. वहीं ज्वैलर्स की मनमानी पर लगाम लग सकेगा. वहीं इस योजना के आने से कारोबारियों में भी कंपिटिशन बढ़ेगा लिहाजा यह स्कीम कारोबार के लिहाज से भी मील का पत्थर साबित हो सकती है. इस पॉलिसी को लागू करने के लिए ज्वैलर्स की संस्था GJC ने देश भर के ज्वैलर्स से राय ली है. जिसमें ज्वैलर्स इसे लागू करने की सहमति जता चुके है.
 


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