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नितिन गडकरी ने की बड़ी घोषणा, छह महीने में पेट्रोल कारों की कीमत पर मिलेंगी ई-कारें!

छह महीने के अंदर जब इलेक्ट्रिक कारों की कीमत पेट्रोल कारों के बराबर हो जाएंगी, तो यह न केवल प्रदूषण को कम करने में मदद करेगा, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी सशक्त बनाएगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ी घोषणा की है. दरअसल, दिल्ली में हाल में आयोजित 32वें कन्वर्जेंस इंडिया और 10वें स्मार्ट सिटीज इंडिया एक्सपो में नितिन गडकरी ने घोषणा करते हुए कहा है कि भारत में अगले छह महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की कीमतें पेट्रोल वाहनों के बराबर हो जाएंगी. गडकरी ने इस अवसर पर ईवी उत्पादन को बढ़ावा देने और प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया. तो आइए जानते हैं आखिर कैसे इलेक्ट्रिक कारों की कीमत में कमी आएगी?

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता क्रेज

देश में अब इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है. बड़े वाहन निर्माता जैसे टेस्ला, मारुति सुजुकी, हुंडई और टाटा मोटर्स इलेक्ट्रिक कारों के उत्पादन और बिक्री के लिए तैयार हैं. वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी भारतीय कंपनियां पहले से ही इस क्षेत्र में कदम रख चुकी हैं. इस बढ़ते क्रेज के बीच, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि अगले छह महीनों में, इलेक्ट्रिक कारों की कीमत पेट्रोल कारों के बराबर हो जाएगी. 

वर्तमान में पेट्रोल कारों के मुकाबले इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें काफी अधिक हैं. हालांकि, इनकी मेंटेनेंस लागत और संचालन में काफी कम खर्च आता है, लेकिन उच्च प्रारंभिक लागत एक बड़ा रोड़ा बनकर सामने आती है. गडकरी का कहना है कि सरकार ईवी को बढ़ावा देने के लिए घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने पर ध्यान दे रही है ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत कम हो सके. उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार पेट्रोलियम आयात में कमी लाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है, ताकि देश का आयात बिल कम हो सके.

अच्छी सड़कों से घटेगी लागत
नितिन गडकरी ने कहा कि भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार जरूरी है. देश में अच्छी सड़कें बनाकर लॉजिस्टिक लागत को कम किया जा सकता है, जिससे व्यवसायों और आम लोगों को फायदा होगा. सरकार स्मार्ट शहरों और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट के लिए भी काम कर रही है. ये कारों और अन्य व्हीकल्स की फ्यूल इकोनॉमी को बेहतर बनाने का काम करता है.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होने के करीब

नितिन गडकरी ने इस मौके पर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के बारे में भी जानकारी दी, उन्होंने कहा कि 212 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे अगले तीन महीनों में पूरा हो जाएगा. यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा के समय को कम करेगा, बल्कि इससे देश के लॉजिस्टिक्स ढांचे को भी सुधारने में मदद मिलेगी. यह परियोजना देश की अर्थव्यवस्था को गति देने और सड़क परिवहन में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण है.

भारत की अर्थव्यवस्था का भविष्य अच्छा 

गडकरी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का भविष्य बहुत अच्छा है और सरकार अपनी नीतियों के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही, उन्होंने सड़क निर्माण की लागत कम करने के लिए नई प्रौद्योगिकी और नवाचार को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया.

ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और बैटरी प्रोडक्शन

भारत में ईवी के बढ़ते प्रचलन के साथ, सरकार अब टियर 2 और टियर 3 शहरों में एक मजबूत ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. इसके साथ ही, बैटरी के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार लिथियम-आयन बैटरी का स्थानीय उत्पादन शुरू करने पर विचार कर रही है, जिससे ईवी की कीमतों में भारी गिरावट हो सकती है.

 


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