होम / बिजनेस / सेल्सवुमन से वित्त मंत्री तक, Nirmala Sitharaman ने इस तरह मनवाया काबिलियत का लोहा
सेल्सवुमन से वित्त मंत्री तक, Nirmala Sitharaman ने इस तरह मनवाया काबिलियत का लोहा
निर्मला सीतारमण पति के साथ लंदन में रहती थीं, बाद में भारत लौटीं और सियासत में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना 64वां जन्मदिन (Finance Minister Nirmala Sitharaman Birthday) मना रही हैं. देश की पहली पूर्णकालिक वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने 30 मई 2019 को जो जिम्मेदारी संभाली थी, उसे अब तक वह बखूबी निभाती आई हैं. निर्मला सीतारमण को मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में रक्षा मंत्री बनाया गया था. सितंबर 2017 से मई 2019 तक वह इस पद पर रहीं. इसके बाद मई 2019 में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में उन्हें वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई. निर्मला सीतारमण की गिनती दुनिया की सबसे शक्तिशाली महिलाओं में होती है.
यहां से हासिल की डिग्री
निर्मला सीतारमण का जन्म 18 अगस्त 1959 को तमिलनाडु के मदुरै में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था. उन्होंने तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के सीतालक्ष्मी रामास्वामी कॉलेज से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया. इसके बाद दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विषय में एमफिल किया और यहीं से उन्होंने इंडो यूरोपियन टेक्सटाइल ट्रेड में पीएचडी की डिग्री भी हासिल की. वित्त मंत्री के पिता नारायण सीतारमण रेलवे में काम करते थे, जबकि उनकी मां सावित्री सीतारण हाउसवाइफ थीं.
लंदन से लौटीं थीं भारत
राजनीति में उतरने से पहले सीतारमण अपने पति परकला प्रभाकर के साथ लंदन में रहती थीं. यहां उन्होंने होम डेकोर स्टोर हैबिटेट के लिए एक सेल्सवुमन के रूप में काम किया था. बाद में, वह सीनियर मैनेजर (रिसर्च एंड एनालिसिस) के रूप में प्राइस वाटरहाउस कूपर्स (PWC) से जुड़ गईं. सीतारमण ने कुछ समय के लिए BBC लंदन में भी अपनी सेवाएं दी. बेटी के जन्म के बाद सीतारमण और उनके पति वापस भारत लौट आए. भारत लौटने के बाद निर्मला सीतारमण ने हैदराबाद में सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी में डेप्युटी डायरेक्टर का पद संभाला.
हर स्तर पर मिली सराहना
निर्मला सीतारमण ने अपने सियासी सफर की शुरुआत भाजपा से की और धीरे-धीरे अपनी काबिलियत के बल पर आगे बढ़ती चली गईं. उन्होंने पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता की भूमिका को बखूबी निभाया. उनके कामकाज को हर स्तर पर सराहना मिली. 3 सितंबर 2017 को उन्हें देश की रक्षा मंत्री बनने का गौरव प्राप्त हुआ. उन्होंने 26 मई 2014 से 3 सितंबर 2017 तक वाणिज्य और उद्योग (स्वतंत्र प्रभार) तथा वित्त व कारपोरेट मामलों की राज्य मंत्री के तौर पर भी काम किया है. 2019 में उन्हें मोदी सरकार में वित्त मंत्री बनाया गया और आज भी वह अपनी इस जिम्मेदारी को पूरी शिद्दत से निभा रही हैं.
टैग्स