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देश में लागू हुआ New Telecommunications Act, 26 जून से बदल जाएंगे ये नियम

देश में जल्द ही Telecommunications Act 2023 पुराने भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम और टेलीग्राफ वायर अधिनियम की जगह लेगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

भारतीय दूरसंचार विभाग (Telecom Department) के अंतर्गत नया दूरसंचार अधिनियम 2023 (New Telecommunications Act) 26 जून से प्रभावी हो जाएगा. इसके लागू होते ही दूरसंचार के अधियम से लेकर नियम में भी कुछ बदलाव होंगे. दूरसंचार विधेयक 2023 को 18 दिसंबर 2023 को लोकसभा में पेश किया गया था. 20 दिसंबर 2023 को यह कानून लोकसभा से पास हो गया, जिसके बाद इसे 21 दिसंबर को राज्यसभा में पेश किया गया और उसी दिन यह राज्यसभा से भी पास हो गया था. नया दूर संचार अधिनियम पुराने भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम (1885), वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम (1993) और टेलीग्राफ वायर (अवैध कब्जा) अधिनियम (1950) की जगह लेगा.तो आइए आपको इस अधिनियम की विस्तार से जानकारी देते हैं. 

नियमों में बदलाव का उद्देश्य
नियमों में इन बदलाव का उद्देश्य भारत के दूरसंचार क्षेत्र का आधुनिकीकरण करना, नवाचार को बढ़ावा देना, उपयोगकर्ता सुरक्षा और डिजिटल युग के लिए अधिक मजबूत बुनियादी ढांचा बनाना है. इन धाराओं के लागू होने से दूरसंचार नेटवर्क के लिए भेदभाव रहित और एकाधिकार ग्रांट्स लागू करने का रास्ता खुल जाएगा और केंद्र सरकार को साझा नलिकाएं और केबल कॉरिडोर बनाने की शक्ति मिलेगी. 

अधिनियम के लागू होने से प्रभावित होंगी ये धाराएं
1. धारा 1 और 2 में होगा बदवाल, ये दो धाराएं अधिनियम के लिए आधार तैयार करती हैं. 
2. धारा 10-30 भी बदल जाएगी, ये धाराएं टेलीकॉम इंडस्ट्री के लिए रूपरेखा तैयार करती हैं. इसके अलावा लाइसेंसिंग, मिलने वाली सर्विस और कंज्यूमर प्रोटेक्शन जैसे क्षेत्रों की रूपरेखा बनाती हैं.
3. धारा 42-44 में भी बदलाव होगा, जो इंडस्ट्री के अंदर विवाद सॉल्यूशन सिस्टम को संबोधित कर सकती हैं.
4. धारा 46 और 47 भी बदल जाएगी, इनमें स्पेक्ट्रम एलॉटमेंट और मैनेजमेट से संबंधित प्वॉइंट हैं.
5. धारा 50-58 में बदलाव होगा, ये धाराएं बुनियादी ढांचे के विकास और साझाकरण से संबंधित हो सकती हैं.
6. धारा 61 और 62 भी बदलेगी, ये धाराएं दंड और प्रवर्तन तंत्र पर ध्यान केंद्रित कर सकती हैं.

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ये होंगे बदलाव
1. यह अधिनियम सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों या युद्ध की स्थिति में किसी भी या सभी दूरसंचार सेवाओं या नेटवर्क का नियंत्रण और प्रबंधन अपने हाथ में लेने की अनुमति देगा.
2. इन नए नियमों के लागू होने से, सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि, 'डिजिटल भारत निधि' बन जाएगी, जिसका उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं की स्थापना का समर्थन करने के बजाय अनुसंधान और विकास और पायलट परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए किया जा सकेगा
3. नए नियम स्पैम और दुर्भावनापूर्ण संचार के खिलाफ सुरक्षा उपायों को अनिवार्य करके उपयोगकर्ता सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं.
4. ये अधिनियम दूरसंचार बुनियादी ढांचे को तैनात करने की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए, अधिकारों के लिए गैर-भेदभावपूर्ण पहुंच का मार्ग प्रशस्त करता है. इसके साथ ही केंद्र सरकार को केबल और डक्ट के लिए सामान्य बुनियादी ढांचा कॉरियोर स्थापित करने का अधिकार मिलता है, जिससे अधिक कुशल नेटवर्क विकास हो सकता है.

 


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