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कहीं आपने भी तो ये गलती नहीं की! निष्क्रिय हो जाएगा आपका ट्रेडिंग, डीमैट अकाउंट
नियमों के तहत- मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूट (MIIs), स्टॉक एक्सचेंज (कमोडिटी डेरिवेटिव एक्सचेंज को छोड़कर) को रेगुलेटर की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस का पालन करना होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: ये खबर उन सभी लोगों के लिए है जो शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं. शुक्रवार को मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी SEBI ने KYC को हल्के में लेने वाले निवेशकों पर सख्ती की है. मार्केट रेगुलेटर ने निवेशकों के ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट को डीएक्टिवेट या फ्रीज करने को लेकर एक फ्रेमवर्क जारी किया.
31 अगस्त से लागू होगा नया फ्रेमवर्क
इस फ्रेमवर्क के मुताबिक उन निवेशकों के ट्रेडिंग एंड डीमैट अकाउंट को ऑटोमैटिक ही फ्रीज या डीएक्टिवेट किया जा सकता है जिनकी KYC (Know Your Client) अधूरी है. सर्कुलर के मुताबकि ये फ्रेमवर्क 31 अगस्त से लागू हो जाएगा. डीएक्टिव खातों से किसी भी तरह काे कारोबार की इजाजत नहीं होगी
क्या कहता है SEBI का सर्कुलर
सेबी ने जारी सर्कुलर में कहा कि निवेशक का पता KYC का एक बेहद जरूरी हिस्सा होता है और केवाईसी प्रक्रियाओं के अनुपालन के लिए पता एकदम सही होना चाहिए. समय-समय पर पते को अपडेट करने के लिए एक मध्यस्थ की जरूरत होती है. हालांकि, सेबी ने पाया कि कुछ मामलों में निवेशकों के अपडेट या सही पते को मेनटेन नहीं किया जाता है. ये बात ऐसे सामने आई कि जब सेबी ऐसे पतों को लेकर किसी भी तरह की प्रवर्तन कार्यवाही के लिए कोई नोटिस जारी करता है, तो उसमें कोई बदलाव नहीं होता है. नियमों के तहत- मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूट (MIIs), स्टॉक एक्सचेंज (कमोडिटी डेरिवेटिव एक्सचेंज को छोड़कर) को रेगुलेटर की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस का पालन करना होगा.
ऐसे डीएक्टिवेट हो जाएगा डीमैट अकाउंट
MIIs को संबंधित addressee या उसके ऑथराइज्ड प्रतिनिधि द्वारा रसीदों के हस्ताक्षरित एकनॉलेजमेंट को निर्देश मिलने के 30 दिन के अंदर रेगुलेटर को भेजना होगा. अगर कोई भी MIIs किसी भी ट्रेडिंग या इकाई के डीमैट खाते से जुड़े KYC रिकॉर्ड में उल्लिखित किसी भी पते पर कारण बताओ नोटिस या ऑर्डर देने में सक्षम नहीं है; और इकाई या उसके ऑथराइज्ड प्रतिनिधि से इसकी रसीद की एक हस्ताक्षरित पावती हासिल करता है, तो सभी MIIs अंतिम असफल डिलीवरी रिपोर्ट से पांच कार्य दिवसों के भीतर सभी ट्रेडिंग और डीमैट खातों को डीएक्टिवेट कर देंगे. यानी ऐसी स्थिति में जब फिजिकल एड्रेस पर्याप्त नहीं है, डीमैट, ट्रेडिंग खाता डीएक्टिव हो जाएगा. हालांकि खाता डीएक्टिवेट करने से 5 दिन पहले SMS या ई-मेल के जरिए सूचना देनी होगी.
ऐसे एक्टिवेट होगा अकाउंट
हालांकि सेबी ने साफ किया कि अगर कोई भी MIIs कारण बताओ नोटिस जारी करने में सफल रहता है और हस्ताक्षरित एकनॉलेजमेंट हासिल कर लेता है तो उस इकाई के किसी भी अकाउंट को डीएक्टिवेट नहीं जाएगा. संबंधित इकाइयां अपने ट्रेडिंग या डीमैट अकाउंट्स को दोबारा एक्टिवेट करने के लिए रजिस्टर्ड मध्यस्थों से अपील कर सकती हैं. इसके लिए उन्हें सही पते का प्रूफ देना होगा और कारण बताओ नोटिस या आदेश की हस्ताक्षरित रसीद देनी होगी. सेबी का कहना है कि इकाई की ओर से सभी कागजात जमा करने और अपील के बाद MIIs को पांच कामकाजी दिनों में अकाउंट को दोबारा एक्टिवेट करने की प्रक्रिया को पूरा करना होगा. ये फ्रेमवर्क ज्वाइंट अकाउंट्स के लिए भी लागू होगा.
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