होम / बिजनेस / AI इस्तेमाल करते हैं तो सावधान, आपका पासवर्ड भी हो सकता है चोरी!
AI इस्तेमाल करते हैं तो सावधान, आपका पासवर्ड भी हो सकता है चोरी!
AI को लेकर नए खतरे की खबर ये निकलकर सामने आई है कि एक ऐसा एआई डेवलप किया गया है जो आपके द्वारा टाइप किए शब्दों को साउंडवेव के जरिए पहचान सकता है. इससे आपका पासवर्ड भी कॉपी किया जा सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
दुनियाभर में एआई से पैदा होने वाली समस्याओं को लेकर पहले ही आशंका जताई जा चुकी है. इसी कड़ी में अब एक ऐसी खबर निकलकर सामने आई है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है. AI पर हुए एक हालिया शोध में ये जानकारी निकलकर सामने आई है कि इसके इस्तेमाल से कोई भी पासवर्ड को आसानी से चुरा सकता है. शोधकर्ताओं ने जब इस AI को एक मोबाइल में इंस्टॉल किया तो देखा कि वो उस मोबाइल में दर्ज किए गए किसी भी पासवर्ड को दोहराने में पूरी तरह से सक्षम है. ये AI अपने इस टेस्ट में 95 प्रतिशत तक सफल साबित हुआ.
आखिर कहां हुई ये रिसर्च
ये शोध यूनाइटेड किंगडम की कॉरनेल यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर वैज्ञानिकों ने किया. इन वैज्ञानिकों ने मैकबुक प्रो के 2021 संस्करण पर प्रेस किए जा रहे कीवर्ड की आवाज को पहचानने को लेकर एक परीक्षण किया. इस AI को इस तरह की आवाज को पहचानने में पूरी तरह से प्रशिक्षित किया गया था. इन शोधकर्ताओं ने उस AI को मैकबुक प्रो के 2021 संस्करण पर कीस्ट्रोक द्वारा उत्पनन ध्वनियों की पहचान करने के लिए इंस्टॉल किया. उसके बाद जब इस मैकबुक के जरिए जूमकॉल किया गया तो AI ने लैपटाप के माइक्रोफोन द्वारा प्रेस किए गए कीस्ट्रोक को सुनकर फिर से टाइप करने में जबरदस्त सटीकता दिखाई.
दोबारा टाइप करने में भी दिखाई सटीकता
इसके बाद AI की सटीकता की जांच की गई, जिसमें उससे सुने हुए पासवर्ड को फिर से टाइप करने को कहा गया. इस टेस्ट में AI 95 प्रतिशत तक पास हो गया. इस पूरी घटना के बाद से इस बात को लेकर आशंका जताई जा रही है इस तकनीक के जरिए कोई भी किसी शख्स का पासवर्ड आसानी से हैक कर सकता है. सबसे दिलचस्प बात तो ये है कि अगर कोई भी व्यक्ति इस टूल को किसी मोबाइल में इंस्टॉल कर दे तो वो सामने वाले का पासवर्ड आसानी से जान सकता है.
AI के खतरों को लेकर जताई जा चुकी है आशंका
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एक ऐसी तकनीक है जिसके फायदों को लेकर कोई शक नहीं कर रहा है, लेकिन उसके गलत इस्तेमाल को लेकर सभी लोग सवाल पूछ रहे हैं. इस मामले की गंभीरता को लेकर खुद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन गूगल, माइक्रोसॉफ्ट,आईबीएम सहित कई नामी टेक कंपनियों की मीटिंग ले चुके हैं. वो खुद एआई के दुरुपयोग की आशंकाओं को लेकर काफी चिंता जता चुके हैं. लेकिन बावजूद उसके लगातार इस तरह की नई तकनीक आ रही हैं जो इस आशंका को और मजबूत कर रही हैं.
टैग्स