होम / बिजनेस / NCLAT ने Google पर लगाए जुर्माने को घटाया, अब देने होंगे 216 करोड़ रुपये, जानें पूरा मामला
NCLAT ने Google पर लगाए जुर्माने को घटाया, अब देने होंगे 216 करोड़ रुपये, जानें पूरा मामला
Google को भारत में एक बड़ी राहत मिली है, क्योंकि NCLAT ने इस पर लगाए गए जुर्माने की राशि 936.44 करोड़ रुपये से घटाकर 216.69 करोड़ रुपये कर दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google) को भारत में एक बड़ी राहत मिली है. दरअसल, राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने गूगल पर लगाए गए जुर्माने को काफी हद तक घटा दिया है. इससे पहले, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने गूगल पर अपनी प्ले स्टोर पॉलिसी के जरिए बाजार में दबदबे का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था. तो आइए जानते हैं ये पूरा मामला क्या है?
एनसीएलएटी ने घटाया जुर्माना
NCLAT ने CCI के फैसले को सही ठहराया, लेकिन जुर्माने की राशि को 936.44 करोड़ रुपये से घटाकर 216 करोड़ रुपये कर दिया. न्यायाधिकरण ने अपने 104 पन्नों के आदेश में स्पष्ट किया कि गूगल ने बाजार में अपनी प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग किया है और प्रतिस्पर्धा कानूनों का उल्लंघन किया है. हालांकि, यह भी माना गया कि विभिन्न मापदंडों के आधार पर मोबाइल ऐप्स से 15 से 30 प्रतिशत सेवा शुल्क वसूलने में गूगल ने कोई नियम नहीं तोड़ा.
गूगल के कुछ उल्लंघन साबित नहीं
NCLAT की दो-सदस्यीय पीठ, जिसमें प्रमुख न्यायमूर्ति अशोक भूषण और तकनीकी सदस्य बरुण मित्रा शामिल थे, ने कहा कि कुछ मामलों में गूगल का उल्लंघन साबित नहीं हुआ. लेकिन अन्य मामलों में पाए गए उल्लंघन के आधार पर कंपनी पर जुर्माना लगाया गया. आदेश के अनुसार, पिछले तीन वर्षों के कारोबार के आधार पर गूगल पर लगाए गए जुर्माने को संशोधित कर 216.69 करोड़ रुपये कर दिया गया.
30 दिन के अंदर भरना होगा जुर्माना
NCLAT ने कहा कि चूंकि गूगल पहले ही मौजूदा अपील के दौरान कुल जुर्माने का 10 प्रतिशत जमा कर चुका है, इसलिए उसे शेष राशि को आदेश की तारीख से 30 दिनों के भीतर जमा करना होगा. गौरतलब है कि 25 अक्टूबर, 2022 को CCI ने गूगल पर प्ले स्टोर नीतियों के तहत अपनी प्रमुख बाजार स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए 936.44 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. इसके खिलाफ गूगल और उसकी पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक ने अपील की थी.
ऐप डेवलपरों को मिलेगी राहत
NCLAT ने CCI के इस निर्देश को भी बरकरार रखा कि गूगल को ऐप डेवलपरों को स्वतंत्र रूप से किसी भी तीसरे पक्ष की बिलिंग और भुगतान सेवाओं का उपयोग करने की अनुमति देनी होगी. इसके अलावा, गूगल डेवलपरों पर कोई एंटी-स्टीयरिंग प्रावधान नहीं लगाएगा, जिससे वे अपने ऐप्स और सेवाओं को स्वतंत्र रूप से प्रचारित कर सकें. NCLAT ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि गूगल भारत में यूपीआई भुगतान की सुविधा देने वाले अन्य ऐप्स के साथ कोई भेदभाव नहीं करेगा. हालांकि, न्यायाधिकरण ने CCI के उस निर्देश को अस्वीकार कर दिया, जिसमें गूगल से डेटा संग्रहण, उपयोग और साझा करने की एक स्पष्ट और पारदर्शी नीति बनाने की मांग की गई थी.
टैग्स