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दो साल के बाद ही तेजस एक्सप्रेस की हालत हुई खराब, अब IRCTC ने की रेलवे बोर्ड से ये मांग

इस संबंध में कंपनी ने रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर ट्रेन का रेक बदलने की मांग की है. हालत इतनी खराब है कि ट्रेन के कोच में पानी टपकने लगा है और वाशरूम से लेकर के छत की फाल्स सीलिंग भी गिरने लगा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

नई दिल्लीः अपने उद्घाटन के दो साल बाद ही आईआरसीटीसी द्वारा चलाई जा रही कॉर्पोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस की हालत खराब हो गई है. इस संबंध में कंपनी ने रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर ट्रेन का रेक बदलने की मांग की है. हालत इतनी खराब है कि ट्रेन के कोच में पानी टपकने लगा है और वाशरूम से लेकर के छत की फाल्स सीलिंग भी गिरने लगा है. आईआरसीटीसी ने कहा कि रेक का मेंटीनेंस सही तरीके से नहीं किया जा रहा है, जिसकी वजह से ट्रेन की हालत अंदर से बहुत खराब हो गई है. अब कंपनी एक वंदे भारत जैसा रेक मांग रही है ताकि ट्रेन का संचालन सही ढंग से किया जा सके. 

इस ट्रेन की हालत खराब

वैसे तो आईआरसीटीसी कई प्रमुख रूट्स पर तेजस एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन करता है. इनमें से एक है अहमदाबाद-मुंबई रूट जो देश की आर्थिक राजधानी को गुजरात की राजधानी से जोड़ता है. इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने रेलवे बोर्ड और वेस्टर्न रेलवे को लिखे पत्र में कहा, "वंदे भारत रेक में से एक को कृपया कॉरपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस के लिए 16 डिब्बों के साथ आवंटित किया जाए. यह (वंदे भारत ट्रेन प्रदान करना) न केवल रेक की कमियों के लिए विशेष रूप से मानसून के मौसम के दौरान प्राप्त होने वाली यात्री शिकायतों को खत्म कर देगा, बल्कि यह रखरखाव और लचीलेपन में मैकेनिकल डिपार्टमेंट के सभी संकटों को भी हल कर सकेगा."

कोच का नहीं हो रहा है रखरखाव

एक अन्य पत्र में कंपनी ने रेलवे बोर्ड को लिखा है, "कोचों के रखरखाव के न होने से कोचों की स्थिति खराब हो गई है और इससे ब्रांड तेजस खराब हो गया है और ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों की शिकायतें उत्पन्न हो रही हैं." इस महीने की शुरुआत में नवीनतम पत्र में, आईआरसीटीसी ने वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) की समाप्ति के बाद मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) द्वारा बोर्ड पर उच्च अंत उपकरणों के रखरखाव के लिए कोई पहल नहीं होने का मुद्दा उठाया था.

कंपनी ने आगे पत्र में लिखा है, " तेजस का रेक प्रदान किए जाने और रखरखाव के मुद्दों का सामना करने के बावजूद आईआरसीटीसी ट्रेन चला रहा है. यहां तक ​​​​कि आवंटित रेक भी आरसीएफ (रेलवे कोच फैक्ट्री) द्वारा तेजस रेक का पायलट निर्माण है जो बहुत सफल नहीं था. अब चल रहे सभी तेजस रेक का निर्माण एमसीएफ (आधुनिक कोच फैक्ट्री) में किया गया है." 

यात्रियों को सिलिंग टूटने से लगी थी चोट

आईआरसीटीसी द्वारा संचालित अहमदाबाद-मुंबई तेजस एक्सप्रेस की अन्य घटनाओं में पिछले वर्ष में दो बार हुई सीलिंग पैनल का टूटना भी शामिल है, जिसमें यात्रियों को सिर में चोट आई थी. इसके अलावा बार-बार वॉशरूम का काम न करना, छत से पानी का रिसाव, बिजली के पैनल में खराबी, दोषपूर्ण इंफोटेनमेंट सिस्टम, खराब जीपीएस और कोच में प्रवेश करने के मुख्य दरवाजे जो या तो दोनों तरफ नहीं खुल रहे हैं या खुल रहे हैं। ट्रेन का रखरखाव पश्चिम रेलवे द्वारा अहमदाबाद में किया जाता है. नवीनतम पत्र रेल सार्वजनिक उपक्रम से रेलवे बोर्ड और साथ ही पश्चिम रेलवे दोनों के लिए एक विज्ञप्ति के मद्देनजर आया है, जिसमें उन्हें अहमदाबाद और मुंबई के बीच जल्द ही शुरू होने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस के समय पर पुनर्विचार करने के लिए कहा गया है.

राजस्व को खा जाएगी नई ट्रेन

आईआरसीटीसी ने कहा है कि प्रतिस्पर्धी वंदे भारत ट्रेन अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस के राजस्व को खा जाएगी. रेलवे अगस्त 2023 तक 75 वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण करने वाला है. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 30 सितंबर को अहमदाबाद और मुंबई के बीच तीसरी वंदे भारत ट्रेन शुरू करने वाले हैं.

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