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‘आइसक्रीम मैन’ ने दुनिया को कहा अलविदा, पीछे छोड़ गए हैं करोड़ों की दौलत
कर्नाटक के छोटे से शहर मुल्की में फल बेचने वाले रघुनंदन कामत ने मुंबई आकर रेस्टोरेंट में काम किया. फिर पाव भाजी और आइसक्रीम बेचकर आज 400 करोड़ रुपये की कंपनी खड़ी कर दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
देश के आइसक्रीम मैन नाम से मशहूर रघुनंदन कामथ का निधन हो गया. वह देश की बड़ी आइसक्रीम चेन Naturals Ice Cream के मालिक और फाउंडर थे. उनकी उम्र 75 साल थी. बीते कुछ दिनों से वह बीमार चल रहे थे. शुक्रवार को उन्होंने मुंबई के एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में अंतिम सांस ली. रघुनंदन कामथ के निधन की जानकारी कंपनी के सोशल मीडिया हैंडल से शनिवार रात को दी गई. कंपनी की ओर से किए गए पोस्ट में कहा गया है कि नेचुरल्स आइसक्रीम के फाउंडर, रघुनंदन कामथ का निधन हो गया है. वास्तव में यह हमारे लिए बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण दिन है.
कहां हुआ था जन्म
रघुनंदन कामथ का जन्म कर्नाटक के मंगलुरु के एक गांव में हुआ था. वह 6 भाई बहनों में एक थे. उनके पिता एक फल विक्रेता थे.छोटी ही उम्र में उन्होंने अपने पिता का साथ देना शुरू कर दिया था. जहां उन्होंने फलों को लेकर कई बारीकियां अपने पिता से सीखी, जो उनके लिए आने वाले समय में काफी काम आईं. 14 साल की उम्र में, उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी. मुंबई आकर अपने भाई के रेस्तरां में काम करना शुरू कर दिया. उसके कुछ दिनों के बाद उन्होंने अपनी राह को अलग कर लिया.
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ऐसे बनें देश के आइसक्रीम मैन
14 फरवरी 1984 को उन्होंने कुछ लोगों के साथ मिलकर आइसक्रीम का बिजनेस शुरू किया. उन्होंने जुहू में एक आइसक्रीम पार्लर की शुरूआत की. सबसे पहले उन्होंने 12 फ्लेवर्स की आइसक्रीम रखी. जल्द ही आइसक्रीम की डिमांड में बढ़ती गई. करीब 10 साल के बाद उन्होंने 1994 में 5 और आउटलेट ओपन किए. मौजूदा समय में नेचुरल आइसक्रीम के 15 शहरों में 165 से अधिक आउटलेट हैं. खास बात तो ये है कि उन्होंने आइसक्रीम बनाने की तकनीक अपनी मां से सीखी थी. कामथ ने प्रोडक्शन को बेहतर करने के लिए नई मशीनें भी तैयार कराई थी. जिसका उन्हें काफी फायदा हुआ.
नेचुरल स्वाद बना ग्राहकों की पहली पसंद
अपने फ्लवेर की सफलता और जनता की सकारात्मक प्रतिक्रिया से उत्साहित होकर, रघुनंदन श्रीनिवास ने खुद को पूरी तरह से आइसक्रीम इंडस्ट्री के लिए समर्पित करने का फैसला किया. इस दौरान उन्होंने अपने प्रोडक्ट की गुणवत्ता में काफी सुधार किया. समय के साथ, नेचुरल्स एक सिंगल स्टोर से पूरे देश में फैल गया. 2020 तक भारत भर में 135 स्थानों पर नेचुरल्स आइसक्रीम पहुंच गई थी. नेचुरल्स आइसक्रीम की सफलता का एक प्रमुख कारण आर्टिफिशियल टेस्ट की जगह नेचुरल स्वाद है. इसी वजह से ये आइसक्रीम पसंद करने वालों की पहली चॉइस हो गई.
400 करोड़ रुपये की हो गई कंपनी
कंपनी का रेवेन्यू लगभग 400 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया था. अपने प्रोडक्ट्स में आर्टिफिशियल टेस्ट की जगह नेचुरल स्वाद पेश करने वाले रघुनंदन श्रीनिवास कामथ के आइसक्रीम ब्रांड की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फल विक्रेता के बेटे को देश में 'आइसक्रीम मैन ऑफ इंडिया' के नाम से पहचाना जाने लगा. बहरहाल अब, रघुनंदन दुनिया को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन उन्होंने नेचुरल्स आइसक्रीम के जरिए जो स्वाद लोगों को दिया, वो हमेशा उनकी याद दिलाता रहेगा.
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