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MSME का हमारे देश की आर्थिक वृद्धि, निर्यात और रोजगार में महत्वपूर्ण योगदान : पियूष
एमएसएमई मंत्रालय के अनुसार ये उद्यम भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 30 प्रतिशत, निर्यात का 48 प्रतिशत और लगभग 110 मिलियन लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सूक्ष्म, छोटे और मध्यम उद्यम (MSME) भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और विकसित भारत 2047 की हमारी सोच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. एमएसएमई हमारे देश की आर्थिक वृद्धि, निर्यात और रोजगार में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. ये बातें उद्योग विशेषज्ञ और वैश्विक सलाहकार पियूष ने कहीं. पियूष ने कहा कि एमएसएमई मंत्रालय के अनुसार ये उद्यम भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 30 प्रतिशत, निर्यात का 48 प्रतिशत और लगभग 110 मिलियन लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं. सरकार नियामक समर्थन और योजनाओं के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और जमीनी स्तर पर जन जागरूकता बढ़ाने से एमएसएमई के बीच उत्साह को और बढ़ावा मिलेगा.
एमएसएमई में 16 से अधिक वर्षों का अनुभव
पियूष एक उद्योग विशेषज्ञ और वैश्विक सलाहकार हैं, जिनके पास वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक), समावेशन और एमएसएमई क्षेत्रों में 16 से अधिक वर्षों का अनुभव है. वह विश्व स्तर पर नैनो और एमएसएमई की वृद्धि के लिए काम कर रहे हैं. उनका मानना है कि प्रौद्योगिकियों का अभिनव उपयोग एमएसएमई की व्यावसायिक वृद्धि और कौशल विकास में महत्वपूर्ण सुधार ला सकता है. इस यात्रा के दौरान पियूष दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में सेवाओं, विनिर्माण, व्यापार, थोक और खुदरा सेक्टर में नैनो, सूक्ष्म, छोटे और मध्यम उद्यमियों से मिल रहे हैं. सड़क विक्रेताओं से लेकर 250 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले उद्यमों तक पियूष एमएसएमई के तहत परिभाषित पूरे स्पेक्ट्रम को कवर करने का लक्ष्य रखते हैं.
डिजिटल एमएसएमई का लक्ष्य
पियूष के अनुसार डिजिटल एमएसएमई यात्रा का लक्ष्य 3 प्रमुख उद्देश्यों को प्राप्त करना है. पहला, लक्ष्य एमएसएमई के बीच वर्तमान डिजिटल जागरूकता स्तर को समझने और उनकी डिजिटलाइजेशन यात्रा में आने वाली चुनौतियों की पहचान करना है, दूसरा, यह उद्योग संघों और विशेषज्ञों के साथ जुड़ने एमएसएमई के चुनौतियां को साझा करने और इन दृष्टिकोणों को व्यापक रूप से फैलाने का लक्ष्य रखती है. तीसरा यात्रा का उद्देश्य एमएसएमई के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देने और समर्थन देने वाली सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाना है, जिससे इन उद्यमों को उपलब्ध संसाधनों और विकास के अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिल सके.
सरकारी योजनाएं फायदेमंद
पियूष कुछ जमीनी चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहते हैं कि कई लोग सरकारी योजनाओं को काफी समय लगने वाला मानते हैं, जिससे आवेदन दरें कम होती हैं, हालांकि सरकार ने इसके लिए काफी डिजिटल विकल्प दिए हैं. इसके अलावा कई लोग इन योजनाओं से अनजान हैं, जबकि सरकारी योजनाएं फायदेमंद होती हैं. डिजिटल समाधानों के लिए एमएसएमई ज्यादातर व्हाट्सएप और एक्सेल पर निर्भर हैं, इसलिए व्हाट्सएप का लाभ उठाने वाले अधिक एप्लिकेशन लाभकारी हो सकते हैं. पियूष ने कहा कि जेनेरेटिव AI के मुख्यधारा में आने से एमएसएमई की कई चुनौतियों को हल करने के अवसर भी आए हैं.
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एमएसएमई के माध्यम से पूरे भारत में काम करने का लक्ष्य
डिजिटल एमएसएमई यात्रा और CeDISI के माध्यम से पियूष एमएसएमई द्वारा सामना की जाने वाली तकनीकी, व्यावसायिक वृद्धि और कौशल विकास चुनौतियों को संबोधित करने के लिए पूरे भारत में काम करने का लक्ष्य रखते हैं. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर और डोनर के साथ सहयोग करके CeDISI वैश्विक स्तर पर काम करना और अपनी सीख को साझा करना चाहता है, जिससे एमएसएमई को विश्व स्तर पर सामना करने वाली व्यवसायिक वृद्धि और कौशल के गैप को संबोधित किया जा सके.
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