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देश में Monkeypox का आया पहला मामला, जानिए कितना खतरनाक है ये वायरस
इस नई गाइंडलाइंस में ज्यादा उम्रदराज मरीजों के बिस्तर या उनका कोई भी प्रयोग में लाए जाने वाली वस्तुओं को छूने से मना किया गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः देश में मंकीपॉक्स (Monkeypox) का पहला मामला सामने आने के बाद हेल्थ मिनिस्ट्री ने इंटरनेशनल ट्रेवलर्स के लिए नई गाइडलाइंस को जारी कर दिया है. इस नई गाइंडलाइंस में ज्यादा उम्रदराज मरीजों के बिस्तर या उनका कोई भी प्रयोग में लाए जाने वाली वस्तुओं को छूने से मना किया गया है. मंकीपॉक्स वायरस मुख्य रूप से मध्य और पश्चिम अफ्रीका में होता है. 2003 में, पहला मंकीपॉक्स का केस सामने आया था.
केरल में आया है पहला केस
भारत में मंकीपॉक्स संक्रमण का पहला मामला केरल के कोल्लम में आया है. केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यूएई से केरल लौटे एक व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखे हैं. यह व्यक्ति संयुक्त अरब अमीरात में मंकीपॉक्स से संक्रमित एक मरीज के संपर्क में था. उसके नमूने जांच के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए थे. सैंपल रिपोर्ट से मंकीपॉक्स की पुष्टि हुई है. फिलहाल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
यह हैं केंद्र सरकार की तरफ से जारी नई गाइडलाइंस
गुरुवार को केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मंकीपॉक्स को लेकर नए निर्देश दिए हैं. मंकीपॉक्स की निगरानी बढ़ाने को कहा गया है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने दोहराया कि संदिग्ध मामलों की जल्द पहचान और अलगाव के लिए प्रवेश के सभी बिंदुओं पर कड़ी निगरानी प्रणाली होनी चाहिए.
- बीमार लोगों के साथ निकट संपर्क से बचना चाहिए
- त्वचा या जननांग घावों वाले लोगों के साथ निकट संपर्क ना रखें
- मृत या जीवित जानवरों के साथ संपर्क में ना रहें. साथ ही चूहे, गिलहरी और बंदरों के साथ भी संपर्क ना रखें
- मृत या जीवित जंगली जानवरों और अन्य लोगों के संपर्क में आने से बचना चाहिए
- अफ्रीका के जंगली जानवरों से बनाए गए
- उत्पादों (क्रीम, लोशन, पाउडर) का उपयोग ना करें
- बीमार लोगों द्वारा उपयोग की जाने वाली दूषित सामग्री (जैसे कपड़े, बिस्तर, या स्वास्थ्य देखभाल उपयोग किया जाने वाला सामान) या संक्रमित जानवरों के संपर्क में ना आएं
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार मंकीपॉक्स वायरल जूनोसिस है (जानवरों से इंसानों में प्रसारित होने वाला वायरस), जिसमें चेचक के समान लक्षण होते हैं. हालांकि चिकित्सकीय दृष्टि से यह कम गंभीर है.
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