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जिन बैंकों से छुटकारा पाना चाहती थी सरकार, अब उन्हीं के प्रदर्शन से खिला चेहरा
सरकारी बैंकों ने इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में शानदार प्रदर्शन किया है. बैंकों के प्रॉफिट में उछाल आया है, जबकि NPA पहले के मुकाबले घटा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
मोदी सरकार का रवैया सरकारी बैंकों को लेकर खास अच्छा नहीं रहा है. सरकार अधिकांश बैंकों को निजी हाथों में सौंपने की हिमायती रही है. इससे पहले कई बैंकों का मर्जर भी किया जा चुका है. हालांकि, अब सरकार उन्हीं बैंकों की पीठ थपथपा रही है. सरकारी बैंकों ने अपने प्रदर्शन से सबको हैरान कर दिया है. वित्त मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में इन बैंकों ने शानदार कारोबार किया है और बेहतरीन प्रॉफिट कमाया है.
नेट प्रॉफिट में उछाल
वित्त मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान सरकारी बैंकों के नेट प्रॉफिट में 26 प्रतिशत का उछाल आया है. साथ ही बैंकों के कारोबार में भी तेजी देखने को मिली है. इसके अलावा, बैंकों का नॉन परफॉर्मिंग असेट्स (NPA) भी पहले के मुकाबले कम हुआ है. मंत्रालय का कहना है कि नियमित मॉनिटरिंग के चलते बैंकों के कामकाज में सुधार आया है. PSU बैंकों के क्रेडिट और डेबिट दोनों पोर्टफोलियो में सुधार देखने को मिला है.
ऐसा रहा पोर्टफोलियो
12 सरकारी बैंकों का कुल कारोबार अप्रैल से सितंबर के दौरान 236.04 लाख करोड़ रुपए का रहा. यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 11 प्रतिशत अधिक है. पहली छमाही में बैंकों का क्रेडिट पोर्टफोलियो 12.9% बढ़कर 102.29 लाख करोड़ और डिपॉजिट पोर्टफोलियो 9.5 फीसदी बढ़कर 133.75 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है. ऑपरेटिंग प्रॉफिट की बात करें, तो पिछले साल के मुकाबले इसमें 14.4% का इजाफा हुआ है और यह 150023 करोड़ रुपए हो गया है. इसी तरह, नेट प्रॉफिट 25.6% बढ़कर 85,520 करोड़ रुपए रहा है.
इतना कम हुआ NPA
पहली छमाही में सरकारी बैंकों के ग्रॉस NPA में 108 बेसिस पॉइंट्स की कमी दर्ज की गई है और यह घटकर 3.12% पर आ गया है. वहीं, नेट NPA सालभर पहले की तुलना में 34 बेसिस पॉइंट्स घटकर 0.63% रह गया. वित्त मंत्रालय ने बैंकों के बेहतर प्रदर्शन का श्रेय बैंकिंग सुधारों जैसे कि एन्हांस एक्सेस एंड सर्विस एक्सीलेंस (EASE), इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC), मजबूत गवर्नेंस फ्रेमवर्क और नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) को दिया है. मंत्रालय का कहना है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में समीक्षा बैठकों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ कई मौजूदा और उभरते मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया.
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