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LIC में फिर हिस्सेदारी बेचना चाहती है Modi सरकार, इस तरह से बनाया है प्लान!
IDBI बैंक को बेचने पर आतुर मोदी सरकार एलआईसी में एक बार फिर से अपनी हिस्सेदारी कम करने की योजना बना रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
मोदी सरकार (Modi Govt) एक बार फिर से देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है. हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है कि सरकार ने इसके लिए क्या डेडलाइन निर्धारित की है, लेकिन हिस्सेदारी के बिक्री तय है. बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार पहले भी LIC में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच चुकी है.
शेयरों में आया उछाल
सरकार मई 2022 में LIC का आईपीओ लाई थी और इससे उसकी झोली में 21,000 करोड़ रुपए आए थे. आईपीओ के तहत केंद्र सरकार ने इस बीमा कंपनी में 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची थी. अब भी कंपनी में सरकार की 96.5 प्रतिशत हिस्सेदारी, जिसे वो घटाना चाहती है. मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सरकार LIC में हिस्सेदारी कम करने के लिए FPO या QIP लाने पर विचार कर रही है. उधर, इस खबर से LIC के शेयरों में उछाल देखने को मिला है. खबर लिखे जाने तक बीमा कंपनी के शेयर तीन प्रतिशत से अधिक की उछाल के साथ 1,116.20 रुपए पर पहुंच गए थे.
इतनी है बाजार हिस्सेदारी
देश के बीमा बाजार पर LIC की मजबूत पकड़ है. प्रीमियम के हिसाब से इसकी बाजार हिस्सेदारी 58.87 प्रतिशत और पॉलिसी के हिसाब से 69.91 प्रतिशत है. LIC के शेयर इस साल अब तक 29.98% और पिछले एक साल में 70.27% का रिटर्न दे चुके हैं. ऐसे में सरकार अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचकर जेब भरना चाहती है. गौरतलब है कि मई 2022 में एलआईसी का 21,000 करोड़ रुपए का आईपीओ आया था, जो भारतीय इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है.
IDBI का सौदा जल्द
मोदी सरकार IDBI बैंक को भी बेचने की पूरी तैयारी कर चुकी है. हाल ही में सामने आईं खबरों के अनुसार, IDBI बैंक की बिक्री की प्रक्रिया अब फाइनल स्टेज में पहुंचने वाली है. IDBI बैंक के लिए बोली लगाने वाली तीन कंपनियों में से फेयरफैक्स इंडिया होल्डिंग्स ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मुश्किल शर्तों को पूरा कर लिया है. इस तरह, वह इस दौड़ में सबसे आगे हो गई है. फेयरफैक्स भारतीय मूल के कनाडाई अरब पति प्रेम वत्स की कंपनी है. फेयरफैक्स इंडिया होल्डिंग्स (Fairfax India Holdings) के साथ-साथ NBD एमिरेट्स और कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) ने भी IDBI बैंक में कंट्रोलिंग स्टेक खरीदने की इच्छा व्यक्त की थी.
लिखित में दिया आश्वासन
फेयरफैक्स ने केंद्र सरकार को लिखित में IDBI बैंक के वजूद को पहले की तरह बनाए रखने का आश्वासन दिया है. यह डील कैसी होगी, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है लेकिन खबर है कि फेयरफैक्स ने IDBI बैंक में 60.7% हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए कैश डील का ऑफर दिया है. मोदी सरकार के पास आईडीबीआई बैंक में 45.5% हिस्सेदारी है. जबकि देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी भी इसमें 49% से अधिक हिस्सेदारी रखती है. योजना के अनुसार सरकार बैंक में कुल 60.7% हिस्सेदारी बेच सकती है. इसमें सरकार की 30.5% और LIC की 30.2% हिस्सेदारी शामिल है. IDBI के विनिवेश की प्रक्रिया अक्टूबर 2022 में शुरू हो गई थी.
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