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इस बैंक में और हिस्सेदारी खरीदना चाहते हैं Anand Mahindra, ये है तैयारी
महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप ऑटोमोबाइल, IT से लेकर फाइनेंशियल सेक्टर में भी उपस्थिति रखता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ग्रुप ने आरबीएल बैंक (RBL Bank) में बड़ा निवेश करते हुए 3.53 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली है. हालांकि, समूह इतने भर से ही खुश नहीं है, वो अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाकर 10% करना चाहता है. इसी के सिलसिले में M&M ने RBL Bank के प्रबंधन से मुलाकात की है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 417 करोड़ रुपए में प्राइवेट सेक्टर बैंक RBL में 3.53% हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने के बाद M&M समूह अब आगे की योजना पर काम कर रहा है, जिसके तहत इस बैंक में हिस्सेदारी को बढ़ाया जाना है.
RBI से लेनी होगी मंजूरी
M&M ने भी साफ किया है कि RBL Bank में उसका मौजूदा निवेश प्रारंभिक निवेश है. आगे भी वैल्यू, रेगुलेटरी अप्रूवल और आवश्यक प्रक्रियाओं के आधार पर निवेश के अवसर तलाशे जा सकते हैं. साथ ही उसने यह भी कहा है कि किसी भी सूरत में उसकी कुल हिस्सेदारी 10% से ज्यादा नहीं होगी. बता दें कि नियमों के मुताबिक, बैंकों में 5 प्रतिशत या इससे अधिक हिस्सेदारी खरीदने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मंजूरी आवश्यक होती है. ऐसे में आनंद महिंद्रा की अगुवाई वाले समूह को अपनी योजना पर आगे बढ़ने के लिए RBI से मंजूरी लेनी होगी.
इसलिए लगाया है दांव
महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप ऑटोमोबाइल, IT से लेकर फाइनेंशियल सेक्टर में भी उपस्थिति रखता है. नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) महिंद्रा फाइनेंस के जरिए समूह फाइनेंशियल सेक्टर में मौजूद है और अब इसमें विस्तार की संभावनाएं तलाश रहा है. RBL Bank में हिस्सेदारी खरीदना इसी का हिस्सा है. वहीं, RBL बैंक की बात करें, तो इसका पूरा नाम Ratnakar Bank लिमिटेड है. मुंबई मुख्यालय वाले इस बैंक के 13.65 मिलियन से ज्यादा कस्टमर हैं. देश के कई शहरों में बैंक की कुल 520 सामान्य ब्रांचेज और 1,115 Business Correspondent Branches हैं. RBL के एटीएम की संख्या 414 है.
बेहतर है वित्तीय स्थिति
आरबीएल बैंक की वित्तीय सेहत की बात करें, तो इसमें सुधार देखने को मिला है. बैंक ने कुछ वक्त पूर्व पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी किए थे. जिसके अनुसार, उसका प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 43% बढ़कर 288 करोड़ रुपए पहुंच गया है. इसके अलावा, बैंक की नेट इंट्रेस्ट इनकम भी पिछले साल के मुकाबले 21 फीसदी बढ़ी है. वहीं, तिमाही के दौरान बैंक के NPA (Non-Performing Assets) में भी कमी देखने को मिली है. बैंक का ग्रॉस एनपीए 3.22% रहा, जो कि पिछले साल की इसी तिमाही में 4.08 फीसदी था.
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