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पहले Budget देख लगा झटका और अब महंगाई का फटका, गैस सिलेंडर के दाम बढ़े
महंगाई के मोर्चे पर जनता को एक और झटका लगा है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
बजट में लगे झटके के बाद लोगों को एक और झटका लगा है. एलपीजी सिलेंडर महंगा हो गया है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने सिलेंडर के दाम 8.50 रुपए तक बढ़ा दिये हैं. हालांकि, ये बढ़ोत्तरी केवल 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के लिए हुई है. कंपनियों ने 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. बढ़ी हुई कीमतें आज यानी 1 अगस्त से लागू हो गई हैं.
अब इतनी हो गई कीमत
ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को सिलेंडर के दाम अपडेट करती हैं. कंपनियों ने आज से 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम 8.50 रुपए तक बढ़ा दिए हैं. राजधानी दिल्ली में अब इसकी कीमत बढ़कर 1652.50 रुपए हो गई है. कोलकाता में यह सिलेंडर अब 1764.50 रुपए में मिलेगा. जबकि मुंबई में इसके लिए 1605 और चेन्नई में 1817 रुपए खर्च करने होंगे. जबकि घरेलू 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
पिछले महीने कटौती
एक जुलाई को कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 30 रुपए की कटौती की थी. कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल रेस्टोरेंट और होटल आदि में होता है. इसके महंगा होने पर बाहर खाना-पीना महंगा हो जाता है, लेकिन क्रूर सच्चाई यह है कि कीमत घटने पर चढ़े दाम वापस नीचे नहीं आते. घरों में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडर के दामों में कमी की उम्मीद पिछले काफी समय से की जा रही है, लेकिन कंपनियां इसमें कोई राहत देने के मूड में नहीं हैं. 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 803 रुपए, कोलकाता में 829 रुपए, मुंबई में 802.50 रुपए और चेन्नई में 818.50 रुपए बनी हुई है.
कब घटेंगे पेट्रोल के दाम?
पेट्रोल-डीजल को लेकर भी जनता कुछ राहत की आस लगाए बैठी है. चुनावी मौसम में कई बार ऐसी खबरें आई थीं कि सरकार जनता के दर्द को समझते हुए पेट्रोल के दाम कम कर सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. कच्चे तेल की चढ़ती कीमतों और घाटे का हवाला देते हुए पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार इजाफा किया था. इस वजह से उनकी कीमतें आसमान पर पहुंच चुकी है. जबकि अब दोनों ही कारण मौजूद नहीं हैं. कच्चा तेल भी ज्यादा भाव नहीं दिखा रहा है और कंपनियों की बैलेंसशीट में भी मुनाफा नजर आने लगा है. इसके बावजूद सरकार और कंपनियां जनता को कोई राहत नहीं दे रहीं.
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