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नेचुरल से 30 प्रतिशत सस्ता बिक रहा लैब में तैयार Diamond, जानिए कैसे बनता है ये डायमंड?
देश के एक बड़े ज्वैलरी ब्रैंड ने लैब में तैयार सबसे बड़ा डायमंड बेचकर एक रिकॉर्ड बनाया है. आपको बता दें, लैब में तैयार हो रहे इन डायमंड्स की कीमत करीब 20 से 30 प्रतिशत तक कम होती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
आजकल लैब में तैयार आर्टिफिशियल डायमंड का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है. इनकी बाजार में इतनी मांग है कि ये प्राकृतिक हीरों (Natural Diamond) को जबरदस्त टक्कर दे रहे हैं. लैब में तैयार हो रहे डायमंड जहां दिखने में ऑरिजनल जैसे ही होते हैं, वहां इनकी कीमत 20 से 30 प्रतिशत तक कम होती है. इसके चलते लोग इन्हें खूब पसंद कर रहे हैं. तो चलिए जानते हैं लैब में डायमंड कैसे तैयार होता है?
लैब में तैयार डायमंड बेचकर बनाया रिकॉर्ड
बेंगलुरू के सी. कृष्णिया चेट्टी ग्रुप ऑफ ज्वैलर्स ने हाल में लैब में तैयार सबसे बड़ा डायमंड बेचकर खास रिकॉर्ड बनाया है. यह 20.06 कैरेट का एमरल्ड-कट रत्न है. एमरल्ड-कट आमतौर पर आयताकार साइज में कटा हुआ होता है. यह डायमंड F कलर ग्रेड और VS1 क्लैरिटी के साथ आता है. F कलर ग्रेड से पता चलता है कि लैब में तैयार किया गया यह डायमंड लगभग रंगहीन है. इसके साथ VS1 क्लैरिटी इस डायमंड के छोटे क्रिस्टल, बादल या पंख जैसे बहुत ही मामूली समावेशन को दर्शाता है.
नेचुरल और आर्टिफिशियल डायमंड में अंतर करना मुश्किल
आपको बता दें, आम लोगों के लिए नेचुरल और लैब में तैयार आर्टिफिशियल डायमंड में अंतर करना बहुत मुश्किल है. डायमंड इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्राकृतिक और लैब में तैयार डायमंड में अंतर करना मुश्किल है. य़ह प्रक्रिया भी टेस्ट ट्यूब बेबी और नेचुरली बोर्न बेबी के समान है. यहां डायमंड विकसित करने की प्रक्रिया अलग होती है, लेकिन रिजल्ट एकदम समान है. लैब में तैयार डायमंड्स शत-प्रतिशत असली हैं और इन्हें कटिंग-एज तकनीक से लैब में बनाया जाता है. केमिकली और फिजिकली ये नेचुरल डायमंड के समान हैं, लेकिन इनकी कीमत में अंतर है आर्टिफिशियल डायमंड 30 प्रतिशत सस्ता मिलता है. ऐसे में इसकी मांग भी बढ़ रही है.
लैब में कैसे बनता है डायमंड?
1. नेचुरल डायमंड और लैब में तैयार डायमंड दोनों एक जैसे ही होते हैं. प्राकृतिक हीरे पृथ्वी की सतह के नीचे से निकाले जाते हैं. नेचुरल रूप से डायमंड को बनने में करोड़ों साल लग जाते हैं, लेकिन लैब में डायमंड सिर्फ 1 से 4 हफ्तों में ही तैयार हो जाता है.
2. आर्टिफिशयल डायमंड को तैयार करने के लिए लैब में पृथ्वी के आंतरिक कोर जैसा वातावरण तैयार किया जाता है.
3. लैब में नियंत्रित वातावरण में कार्बन सीड या ग्रेफाइड को 1500 डिग्री सेल्सियस के हाई प्रेशर - हाई टेंप्रेचर में रखकर तपाया जाता है.
4. डायमंड बनने के बाद इसकी कटिंग और पॉलिश की जाती है.
5. लैब में तैयार डायमंड को सर्टिफिकेट के साथ बेचा जाता है.
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