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Kerala में सरकार ने दी छोटे दुकानदारों को GST में ये बड़ी राहत
ज्ञात हो कि देश भर में 18 जुलाई से पैकेज्ड और लेबल लगे सामान पर 5 फीसदी जीएसटी लगा दिया गया है. हालांकि खुले में सामान बेचने पर जीएसटी नहीं लगेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः केरल में राज्य के वित्तमंत्री ने छोटे दुकानदारों को जीएसटी को लेकर के बड़ी राहत दे दी है. राज्य के वित्तमंत्री के एन बालगोपाल ने कहा है कि छोटे दुकानदारों और कुदुंभाश्री स्टोर के जरिए ग्राहकों को छोटे पैकेट में सामान बेचने पर किसी तरह का कोई जीएसटी नहीं देना पड़ेगा. ज्ञात हो कि देश भर में 18 जुलाई से पैकेज्ड और लेबल लगे सामान पर 5 फीसदी जीएसटी लगा दिया गया है. हालांकि खुले में सामान बेचने पर जीएसटी नहीं लगेगा.
केंद्र के साथ हो सकता है विवाद
वित्तमंत्री ने केरल विधानसभा को बताया कि इससे राज्य और केंद्र के बीच विवाद हो सकता है, लेकिन वो इसको लेकर के कोई समझौता नहीं करेंगे. राज्य में रह कर अपनी अजीविका कमा रहे छोटे दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसलिए सरकार ने यह फैसला लिया है. इस पर किसी तरह का कोई तर्क नहीं हो सकता है.
मुख्यमंत्री ने लिखा केंद्र को पत्र
बालगोपाल ने कहा, ‘सोमवार को मुख्यमंत्री ने इन चीजों के बारे में केंद्र को लिखा था. हम इसे छोटे व्यापारियों और छोटी दुकानों पर लगाने का इरादा नहीं रखते हैं. देश भर में कुल 60 करोड़ से अधिक छोटे व्यापारी हैं, जिन पर एक तरह का बोझ केंद्र सरकार ने लाद दिया है. हम अपने राज्य में ऐसे कारोबारियों को राहत देंगे जो खुला या फिर 1-2 किलो की पैकिंग में सामान को बेचते हैं.'
निर्मला सीतारमण ने कही थी ये बात
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पैकेज्ड और लेबल युक्त खाद्य पदार्थों पर लगाई गईं नई जीएसटी दरों को लेकर के आम जनमानस में फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास करते हुए लगातार 14 ट्वीट करके अपनी सफाई पेश की है. वित्तमंत्री ने उस वजह को भी बताया जिसके चलते सरकार को इन सामानों पर टैक्स लगाना पड़ा.
रोजमर्रा की वस्तुओं पर लगा है टैक्स
पैकेट में बंद और लेबल वाले दूध, दही, दाल आटा, चावल पर जैसी वस्तुओं पर 5 फीसदी जीएसटी लगा दिया गया है. हालांकि खुले में बिकने वाली इन वस्तुओं पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगा है. जिन वस्तुओं को खुला बेचने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा उनमें दूध, दही, लस्सी, दाल, गेहूं, राई, ओट्स, मकई, आटा, चावल, सूजी, बेसन, मुरमुरा आदि शामिल हैं.
इस वजह से लगा है टैक्स
वित्तमंत्री ने कहा कि फिटमेंट कमेटी ने कहा था कि जब जीएसटी लागू किया गया था, तो ब्रांडेड अनाज, दाल, आटे पर 5 फीसदी की जीएसटी दर लागू की गई थी. हालांकि, जल्द ही इस प्रावधान का दुरुपयोग देखने को मिला. इससे राजस्व में गिरावट आई थी. इस गिरावट को पूरा करने के लिए सभी पैकेज्ड और लेबलयुक्त सामानों पर समान रूप से जीएसटी लगाने का प्रस्ताव दिया था.
फैसले में विपक्षी दलों के मंत्री भी शामिल
वित्तमंत्री ने बताया है कि यह फैसला जीएसटी काउंसिल के जिस ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने लिया है उनमें पश्चिम बंगाल, राजस्थान, केरल, उत्तर प्रदेश, गोवा और बिहार के सदस्य शामिल थे. इस जीओएम की अध्यक्षता कर्नाटक के मुख्यमंत्री कर रहे थे.
उन्होंने यह भी बताया है कि जीएसटी काउंसिल की मीटिंग के दौरान गैर भाजपा शासित राज्यों पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल ने भी पांच फीसदी लेवी लगाने पर सहमति व्यक्त की थी.
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