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IWD 2025: Vedanta ने महिला प्रतिनिधित्व में 21% वृद्धि की, 2030 तक 30% का लक्ष्य तय

Vedanta अपनी कंपनी के अंदर न केवल लिंग भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, बल्कि एक ऐसी कार्य संस्कृति बना रही है जहां महिलाओं को बराबरी के अवसर मिलते हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

वेदांता समूह (Vedanta Group) ने अपनी कार्यप्रणाली में महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (IWD) 2025 के अवसर पर यह घोषणा की है कि कंपनी के कार्यबल में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 21% तक पहुंच गया है. वहीं, कंपनी 2030 तक 30% महिलाओं के प्रतिनिधित्व के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के रास्ते पर है. इसके अलावा, वेदांता की 28% महिलाएँ निर्णय-निर्माण भूमिकाओं में हैं, जो भारत के धातु और खनन उद्योग में सबसे अधिक है.

महिला प्रतिनिधित्व में बढ़ोतरी

खनिज और प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में ऐतिहासिक रूप से महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम रहा है, लेकिन वेदांता इस खाई को पाटने में लगातार प्रयास कर रहा है. कंपनी ने योग्य महिलाओं को अपने कार्यबल में शामिल करके इस समस्या को सुलझाने का काम किया है. वेदांता ने अपने कार्यबल के लिए प्रगतिशील नीतियाँ बनाई हैं, जो महिलाओं को उनके जीवन के विभिन्न चरणों में समर्थन प्रदान करती हैं. इसमें ‘नो क्वेश्चंस आस्क्ड’, घर से काम करने का विकल्प, लचीले कार्य घंटे, बच्चों की देखभाल के लिए सालभर का अवकाश और पति की नियुक्ति जैसे कार्यक्रम शामिल हैं.

 

महिलाओं के नेतृत्व में विकास एक स्मार्ट आर्थिक निर्णय 

हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन और वेदांता लिमिटेड की नॉन-एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रिय अग्रवाल हेबर ने कहा, “वेदांता में, हम समावेशी कार्यस्थल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. महिला-नेतृत्व वाली विकास प्रक्रिया भारत में सतत विकास का केंद्र बन गई है. लिंग अंतर को समाप्त करने से भारत को 10% महिला कार्यबल भागीदारी में वृद्धि से 770 बिलियन डॉलर का लाभ होगा. महिलाओं के नेतृत्व में विकास एक स्मार्ट आर्थिक निर्णय है, और हम प्रगतिशील नीतियों के माध्यम से सुनिश्चित कर रहे हैं कि नौकरी लिंग के आधार पर नहीं, बल्कि क्षमता के आधार पर दी जाए. हम एक ऐसे भविष्य का निर्माण कर रहे हैं जहां विविधता नवाचार को प्रेरित करती है और हर व्यक्ति को स्थायी प्रभाव बनाने की शक्ति मिलती है.”

20वीं शताब्दी के प्रारंभ में महिलाओं का खनन उद्योग में काम करना सामान्य था, लेकिन 1923 में भारतीय खनन अधिनियम ने भूमिगत खदानों में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया। 2019 में सरकार ने प्रतिबंध हटाया, और वेदांता की हिंदुस्तान जिंक ने पहली बार महिला खनन इंजीनियरों को भूमिगत खदानों में तैनात किया.

प्रमुख महिला नेतृत्व वाली परियोजनाएँ

वेदांता के विभिन्न उपक्रमों में महिलाओं का नेतृत्व बढ़ाने के लिए कई पहल की गई हैं:
- हिंदुस्तान जिंक ने भारत की पहली और दूसरी महिला खनन बचाव टीमों का गठन किया, जिन्होंने 2024 में कोलंबिया में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय खनन बचाव प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर सफलता प्राप्त की.
- वेदांता एल्युमिनियम, जो भारत का सबसे बड़ा एल्युमिनियम उत्पादक है, ने अपने ओडिशा के झारसुगुड़ा प्लांट में एल्युमिनियम उत्पादन की एक पूरी लाइन को केवल महिलाओं द्वारा संचालित करने की योजना बनाई है. यह परियोजना तीन चरणों में पूरी होगी, जिसमें 100 से अधिक महिलाओं के लिए विभिन्न स्तरों पर नौकरी के अवसर होंगे.
- कैर्न ऑयल एंड गैस द्वारा स्थापित 'दुर्गा वाहिनी' नामक महिला सुरक्षा टीम ने राजस्थान के वेदांता के तेल क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 

महिला सशक्तिकरण के लिए वेदांता की अतिरिक्त पहलें

वेदांता का महिला दिवस समारोह केवल एक दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मार्च 2025 के दौरान कई पहलें चल रही हैं. इन पहलुओं में:
- हिंदुस्तान जिंक और वेदांता सेसा गोवा में चयनित महिला पेशेवरों को प्रमुख नेताओं के साथ काम करने का अवसर मिलेगा.
- वेदांता द्वारा विभिन्न व्यवसायों में महिला कर्मचारियों के लिए आत्म-रक्षा कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें 15,000 महिलाएँ शामिल होंगी.
- हिंदुस्तान जिंक द्वारा आयोजित 'सखी उत्सव' में राजस्थान और उत्तराखंड की 10,000 सखी दीदीयों को एकत्रित किया जाएगा, जहां महिलाएँ उद्यमिता, सामाजिक सक्रियता और प्रतिभा विकास में अपने योगदान को साझा करेंगी.

वेदांता का समर्पण

प्रत्येक उद्योग और समुदाय में महिलाओं को समान अवसर देने के अपने उद्देश्य में वेदांता अपने अद्वितीय मानव संसाधन अभ्यासों के माध्यम से एक ऐसा भविष्य बना रहा है, जहां महिलाएँ अपने लिए और भारत की वृद्धि के लिए प्रगति कर सकें. वेदांता यह सुनिश्चित कर रहा है कि कार्य भूमिका लिंग से परे हो, और केवल क्षमता पर आधारित हो. 


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