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IT विभाग ने काउंटी ग्रुप पर कसा शिकंजा, 100 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का मामला आया सामने!
काउंटी बिल्डर ग्रुप के खिलाफ IT विभाग की यह कार्रवाई साबित करती है कि देश में काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ विभाग अपनी गतिविधियों को और तेज कर रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
आय कर (Income Tax) विभाग ने नोएडा में काउंटी बिल्डर ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें भारी मात्रा में नकदी और आभूषण बरामद किए गए. विभाग को अब तक 50 करोड़ रुपये की नकदी और ज्वैलरी मिली है, जिनमें पांच करोड़ रुपये की नकद राशि शामिल है. जांच में 600 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन की खरीद-फरोख्त के सबूत मिले हैं, जिससे यह मामला और जटिल हो गया है.
काउंटी बिल्डर ग्रुप पर कार्रवाई जारी
इनकम टैक्स विभाग की टीम ने काउंटी बिल्डर ग्रुप और उससे जुड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनियों के ठिकानों पर सोमवार को भी कार्रवाई जारी रखी. विभाग को अभी तक 50 करोड़ रुपये की नकदी और आभूषण मिले हैं, और जांच में यह पता चला कि कैश ट्रांजैक्शंस के माध्यम से बड़ी मात्रा में जमीन की खरीद-फरोख्त की जा रही थी. सस्ती जमीन को नकद में खरीदा जा रहा था, और बाद में एनआरआई को महंगे दामों पर बेचा जा रहा था. इस प्रक्रिया में बोगस कंपनियों का इस्तेमाल भी किया जा रहा था ताकि रकम को इधर-उधर शिफ्ट किया जा सके.
600 करोड़ रुपये के लेन-देन का पर्दाफाश
वर्तमान जांच में इनकम टैक्स विभाग को 600 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन के सबूत मिले हैं. विभाग की कार्रवाई में यह भी पता चला है कि काउंटी ग्रुप द्वारा किए गए लेन-देन में अन्य बिल्डरों और प्रॉपर्टी डीलरों का भी हाथ हो सकता है. छापेमारी की प्रक्रिया अब तक जारी है, और अब तक की लीड के आधार पर चार नए बिल्डर भी विभाग के निशाने पर आ गए हैं.
कई स्थानों पर छापेमारी जारी
काउंटी बिल्डर ग्रुप के खिलाफ यह छापेमारी पूरे देश में फैली हुई है, और इस कार्रवाई में नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, मेरठ, कोलकाता और दिल्ली जैसे बड़े शहरों के 30 ठिकानों को कवर किया गया. यह छापेमारी आयकर विभाग की नोएडा यूनिट द्वारा की गई, जिसमें काउंटी बिल्डर ग्रुप के प्रमुख ठिकानों के साथ-साथ इससे जुड़े प्रॉपर्टी एजेंटों के ठिकानों पर भी सर्च की गई. बता दें, आयकर विभाग की टीम के लिए यह जांच अब और भी जटिल होती जा रही है, क्योंकि अब विभाग के पास और भी महत्वपूर्ण लीड्स हैं, जो अन्य बिल्डरों तक पहुंच रही हैं. छापेमारी में चार नए बिल्डर्स का नाम सामने आने के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि यह जांच कुछ दिन और बढ़ सकती है.
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