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इप्सोस ने जारी की 'रेपुटेशन काउंसिल रिपोर्ट 2025': ‘रणनीतिक चुप्पी’ बनी कॉर्पोरेट संचार की नई दिशा

इप्सोस की 'रेपुटेशन काउंसिल रिपोर्ट 2025' यह दर्शाती है कि अब कंपनियां विवादास्पद मुद्दों पर मुखर होने के बजाय "रणनीतिक चुप्पी" जैसे विवेकपूर्ण और सोच-समझकर लिए गए संचार निर्णयों को अपना रही हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago

वैश्विक स्तर पर अस्थिरता और उथल-पुथल के बीच, कॉर्पोरेट दुनिया में 'रणनीतिक चुप्पी' अब एक प्रमुख संचार रणनीति बनकर उभरी है. यह निष्कर्ष इप्सोस की 18वीं 'रेपुटेशन काउंसिल रिपोर्ट 2025' से सामने आया है, जिसे हाल ही में जारी किया गया.  "The Eye of the Storm" शीर्षक से प्रकाशित इस रिपोर्ट के लिए इप्सोस ने दुनिया भर के 161 संचार प्रमुखों से गहन इंटरव्यू किए. रिपोर्ट के अनुसार, चीफ कम्युनिकेशन ऑफिसर्स (CCOs) अब केवल संदेश वाहक नहीं, बल्कि रणनीतिक सोच वाले "सेंस-मेकर" बन गए हैं, जो संगठनों को जटिल वैश्विक परिदृश्य में दिशा दिखा रहे हैं.

रणनीतिक चुप्पी बनाम कॉर्पोरेट एक्टिविज्म

रिपोर्ट में यह महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है कि अब केवल 21% संचार प्रमुख चाहते हैं कि कंपनियां विवादास्पद मुद्दों पर खुलकर बोलें, जबकि 32% "रणनीतिक चुप्पी" को प्राथमिकता दे रहे हैं. यह रुझान दिखाता है कि अब कंपनियां अधिक सोच-समझकर और सीमित रूप से सार्वजनिक बयान देने के पक्ष में हैं, विशेष रूप से भूराजनीतिक, सामाजिक और तकनीकी चुनौतियों को देखते हुए.

इप्सोस कॉर्पोरेट रेपुटेशन के ग्लोबल सर्विस लाइन लीडर मिलोराद एजडर ने कहा  "संचार प्रमुख अब एक रणनीतिक नाविक की भूमिका निभा रहे हैं. वे C-सूट को संकट के दौर में गहराई, स्पष्टता और व्यावहारिक समझ प्रदान कर रहे हैं."

ESG संचार में सतर्कता

रिपोर्ट बताती है कि ESG (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) संचार में भी कंपनियां अधिक सतर्क हो गई हैं:

1. 80% उत्तरदाता मानते हैं कि आने वाले वर्ष में ESG संचार में सावधानी बरती जाएगी.

2. 75% मानते हैं कि कॉर्पोरेट नेता अपने ESG कमिटमेंट्स को कमजोर कर रहे हैं.

3. बावजूद इसके, 52% CCOs का मानना है कि ESG आज भी व्यवसाय संचालन में बुनियादी बदलाव ला रहा है.

एजडर के अनुसार, "कॉर्पोरेट एक्टिविज्म से रणनीतिक चुप्पी की ओर यह बदलाव एक सोचा-समझा और जोखिम-आधारित निर्णय है."

AI को लेकर उत्साह में कमी, पर समझ में वृद्धि

रिपोर्ट में यह सामने आया है कि भले ही 57% चीफ कम्युनिकेशन ऑफिसर्स (CCOs) रोज़ाना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन इनमें से केवल 43% ही मानते हैं कि वे इसका "अर्थपूर्ण" या प्रभावी उपयोग कर रहे हैं. यह आंकड़ा पिछले साल के 58% से स्पष्ट गिरावट को दर्शाता है.

इसके अलावा, 67% CCOs का मानना है कि उनकी कंपनियों में AI से जुड़े नैतिक दिशा-निर्देश या नीतियाँ अभी भी पर्याप्त नहीं हैं, जिससे इसके सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग में बाधा आ रही है.

यह रुझान दिखाता है कि अब संचार प्रमुख AI को लेकर बेहतर समझ विकसित कर रहे हैं और इसके सार्थक उपयोग पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं.

CCOs की भूमिका में विस्तार

रिपोर्ट के अनुसार, 91% संचार प्रमुखों को CEO तक सीधी पहुंच प्राप्त है, जो उनकी रणनीतिक भूमिका और सलाहकार क्षमता को दर्शाता है. यह बताता है कि कंपनियां अब बाहरी उथल-पुथल को समझने और प्रतिक्रिया देने में CCOs पर अधिक भरोसा कर रही हैं.

रिपोर्ट क्यों है खास?

इप्सोस की यह रिपोर्ट आज के जटिल समय में कॉर्पोरेट संचार की नई सोच और दिशा को समझने का एक मार्गदर्शक है. यह रिपोर्ट बताती है कि कब बोलना है, और कब चुप रहना ज्यादा प्रभावशाली हो सकता है.

 


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