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इजरायल में 11 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची महंगाई दर, रोटी की कीमतों में 21% का इजाफा
भारत के अलावा पड़ोसी देश पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश से लेकर के तीसरी दुनिया के देश और अमेरिका, ब्रिटेन व फ्रांस जैसे विकसित देश भी इस समस्या से जूझ रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः यूक्रेन युद्ध के चलते उपजे खाद्यान संकट की वजह से कई देशों में महंगाई दर सातवें आसमान पर पहुंच गई है. भारत के अलावा पड़ोसी देश पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश से लेकर के तीसरी दुनिया के देश और अमेरिका, ब्रिटेन व फ्रांस जैसे विकसित देश भी इस समस्या से जूझ रहे हैं. ताजा मामला पूर्वी मध्य एशियाई देश इजरायल का सुनने में आ रहा है, जहां पर महंगाई दर 11 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जिससे रोटी की कीमतों में 21 फीसदी का उछाल आ गया है. वहीं अंडों की कीमतों में 6.5 फीसदी का उछाल आ गया है.
खाने-पीने के मामले में दुनिया का छठा सबसे महंगा देश
यूके की मनी पत्रिका की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल पहले से ही किराने के सामान के मामले में दुनिया का छठा सबसे महंगा देश है. देश की मुद्रास्फीति दर बढ़कर 4.4 फीसदी हो गई है जो पिछले 11 वर्षों में सबसे अधिक है. सफेद ब्रेड की कीमत 5 फीसदी बढ़ गई है, जबकि एक स्टैण्डर्ड ब्रेड की कीमतों में 21 फीसदी का उछाल देखने को मिला है. वहीं ब्रेड बनाने वाली कंपनियों का तर्क है कि हजारों लोगों की नौकरी बचाने के लिए कीमतों में वृद्धि करना जरूरी है.
ब्रेड के अलावा अंडे और डेयरी उत्पाद हुए महंगे
सरकारी दुकानों पर मिलने वाले अंडों की कीमतों में 6.5 फीसदी का उछाल आ गया है. इससे पहले अंडों की कीमतों में 1.44 फीसदी का उछाल 2019 में देखने को मिला था. वहीं सरकारी दुकानों पर मिलने वाले डेयरी उत्पादों की कीमतों में 4.9 फीसदी का उछाल आया है.
सरकार ने मांगा महंगाई से निपटने के लिए प्लान
किराने की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी पर अंकुश लगाने के लिए इस छोटे से देश के पीएम लापिड ने अपने मंत्रियों से एक प्लान मांगा है. देश में जल्द चुनाव होने हैं और इससे पहले सरकार चाहती है कि बढ़ती हुई महंगाई से लोगों को राहत दिलाई जाए, क्योंकि चुनाव में यह एक बड़ा मुद्दा बन सकता है.
इस शहर में रह रहे गरीबों पर ज्यादा असर
बनी ब्रैक, जो लगभग 1,80,000 निवासियों के साथ एक बड़े पैमाने पर अति-रूढ़िवादी समुदाय है, इजराइल के सबसे गरीब शहरों में से एक है. 2022 में इस शहर में 28,000 लोग प्रति वर्ग किलोमीटर में रहते हैं जिसके लिए इस शहर को इजरायल की सबसे घनी आबादी वाले शहर का दर्जा दिया गया था. प्रति परिवार औसतन सात बच्चों के साथ, यह दुनिया में चौथा सबसे घनी आबादी वाला शहर है. इन बड़े परिवारों को खिलाने की लागत इस गर्मी में और फिर दिसंबर में बढ़ने वाली है.
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