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इंडसइंड बैंक जुटाएगा 30,000 करोड़ रुपये, प्रवर्तकों को मिलेगा बोर्ड में प्रतिनिधित्व
30,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने की योजना न केवल इसकी वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि इसे भविष्य की आवश्यकताओं के लिए तैयार भी करेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
निजी क्षेत्र के प्रमुख ऋणदाता इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) ने बुधवार को घोषणा की कि उसके निदेशक मंडल ने कुल 30,000 करोड़ रुपये तक की पूंजी जुटाने की मंजूरी दे दी है. यह राशि डेट (ऋण) और इक्विटी दोनों माध्यमों से जुटाई जाएगी. इसके साथ ही, प्रवर्तकों को बैंक के बोर्ड में दो निदेशक नामित करने की अनुमति भी दी गई है, जो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और बैंक के शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगी.
बोर्ड में प्रवर्तकों को मिलेगा प्रतिनिधित्व
बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को भेजी गई सूचना में बताया कि निदेशक मंडल ने आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन में संशोधन को मंजूरी दी है. इसके तहत प्रवर्तकों को बोर्ड में दो निदेशकों की नियुक्ति का अधिकार मिलेगा, लेकिन यह परिवर्तन तभी प्रभावी होगा जब इसे RBI और शेयरधारकों की स्वीकृति प्राप्त होगी.
फिलहाल बैंक के बोर्ड में प्रवर्तकों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है. बोर्ड में केवल गैर-कार्यकारी निदेशक शामिल हैं, क्योंकि अप्रैल 2025 में बैंक के एमडी एवं सीईओ और डिप्टी सीईओ ने लेखांकन चूक के चलते इस्तीफा दे दिया था.
हिंदुजा समूह की है प्रमुख हिस्सेदारी
इंडसइंड बैंक की स्थापना हिंदुजा समूह द्वारा की गई थी और इसे इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (IIHL) और इंडसइंड लिमिटेड के माध्यम से प्रमोट किया गया है. इन दोनों कंपनियों की बैंक में कुल 15.82 फीसदी हिस्सेदारी है.
मार्च 2023 में RBI ने IIHL को बैंक में अपनी हिस्सेदारी 26 फीसदी तक बढ़ाने की सैद्धांतिक मंजूरी दी थी. मार्च 2025 में हिंदुजा समूह के चेयरमैन अशोक हिंदुजा ने संकेत दिया था कि वह आवश्यकता पड़ने पर बैंक में पूंजी निवेश करने को तैयार हैं.
डेरिवेटिव नुकसान के कारण हुए बड़े बदलाव
इस साल की शुरुआत में बैंक ने स्वीकार किया था कि उसके डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में गड़बड़ी पाई गई है, जिससे लगभग 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. इसके बाद ही बैंक के शीर्ष अधिकारियों ने इस्तीफा दिया था.
अप्रैल 2025 में एमडी एवं सीईओ सुमंत कठपालिया और डिप्टी सीईओ अरुण खुराना ने 1,960 करोड़ रुपये के नुकसान की जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ दिए थे. बैंक ने 30 जून को RBI को तीन नामों की सूची सौंपी है और नए एमडी और सीईओ की नियुक्ति के लिए मंजूरी मांगी है.
20,000 करोड़ डेट और 10,000 करोड़ इक्विटी के जरिए जुटाए जाएंगे
बैंक ने कहा है कि वह 20,000 करोड़ रुपये तक की राशि निजी नियोजन या विदेशी मुद्रा निवेश के माध्यम से डेट सिक्योरिटीज से जुटाएगा. इसके अलावा, वह 10,000 करोड़ रुपये तक की पूंजी इक्विटी प्रतिभूतियों के जरिए जुटाने की योजना बना रहा है.
पूंजी पर्याप्तता बनी हुई है मजबूत
मार्च 2025 तक बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR) 16.24 फीसदी रहा, जो संकेत देता है कि बैंक की वित्तीय स्थिति अभी भी संतुलित है. हालांकि, प्रावधान मद में बढ़ोतरी के चलते बैंक को वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में 2,329 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा उठाना पड़ा.
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