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IndusInd Bank को डेरिवेटिव घोटाले से ₹1,979 करोड़ का झटका, PwC ऑडिट में खुली गड़बड़ियों की परतें
बैंक ने कहा है कि वह अपनी वित्तीय रिपोर्ट में इन प्रभावों को दर्शाएगा और आंतरिक नियंत्रणों को मजबूत करेगा, हालात को संभालने के लिए बैंक ने 16,550 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
इंडसइंड बैंक (IndusInd) को उसके डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के चलते 1,979 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है. यह खुलासा एक बाहरी ऑडिट एजेंसी PwC की रिपोर्ट में हुआ, जिसे बैंक को 15 अप्रैल को सौंपी गई. बैंक ने जानकारी दी कि PwC को उसकी आंतरिक समीक्षा की पुष्टि के लिए नियुक्त किया गया था. रिपोर्ट में न केवल डेरिवेटिव डील्स, बल्कि अन्य संबंधित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है. यह नुकसान 30 जून 2024 तक की अवधि में दर्ज किया गया है.
नेट वर्थ पर 2.27% का नकारात्मक प्रभाव
PwC की रिपोर्ट के अनुसार, इन विसंगतियों का बैंक की नेट वर्थ पर दिसंबर 2024 तक 2.27% का कर-पश्चात (post-tax) नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. बैंक की FY25 की तीसरी तिमाही में नेट वर्थ 65,102 करोड़ रुपये थी. बैंक ने कहा है कि वह अपनी वित्तीय रिपोर्ट में इन प्रभावों को उचित रूप से दर्शाएगा और आंतरिक नियंत्रण प्रक्रियाओं को और मजबूत करेगा.
पहले भी हो चुका था खुलासा
इससे पहले, 10 मार्च को इंडसइंड बैंक ने शेयर बाजार को जानकारी दी थी कि उसकी आंतरिक समीक्षा में डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में गड़बड़ियां पाई गई थीं, जिनका अनुमानित प्रभाव 1,530 करोड़ रुपये था. इसके बाद बैंक ने PwC को विस्तृत जांच का जिम्मा सौंपा और एक स्वतंत्र पेशेवर संस्था को भी नियुक्त किया.
लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए ₹16,550 करोड़ जुटाए
बैंक की वित्तीय स्थिति को लेकर बाजार में अटकलें तेज हुईं, जिसके बाद भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को हस्तक्षेप करना पड़ा. RBI ने जमाकर्ताओं से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की और बैंक की स्थिर वित्तीय स्थिति को दोहराया. इस बीच, इंडसइंड बैंक ने मार्च में CD मार्केट से 7.75% से 7.9% कूपन दर पर 16,550 करोड़ रुपये की राशि जुटाई, जो बैंक की सामान्य उधारी सीमा से लगभग पांच गुना अधिक है.
FY25 में मुनाफे का भरोसा: सुमंत कथपालिया
इंडसइंड बैंक के MD और CEO सुमंत कथपालिया को हाल ही में RBI से केवल एक साल का कार्यकाल विस्तार मिला है, जबकि बोर्ड ने तीन साल की सिफारिश की थी. एक विश्लेषक कॉल में कथपालिया ने माना कि डेरिवेटिव घोटाला इस निर्णय का एक कारण हो सकता है. हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि बैंक FY25 और Q4 में नेट प्रॉफिट दर्ज करेगा.
बैंक की ताजा वित्तीय स्थिति
इंडसइंड बैंक ने मार्च 2025 को समाप्त Q4 में रिटेल और स्मॉल बिजनेस ग्राहकों की जमा राशि में 3,550 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की, जो 1.88 लाख करोड़ रुपये से घटकर 1.85 लाख करोड़ रुपये रह गई. हालांकि, कुल जमा राशि में सालाना आधार पर 6.8% की वृद्धि हुई और यह 4.11 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई. वहीं, कर्ज वितरण में दिसंबर तिमाही की तुलना में करीब 19,000 करोड़ रुपये की गिरावट आई.
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