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IndiGrid, BII, और Norfund ने मिलकर बनाया $300 मिलियन का EnerGrid प्लेटफॉर्म
यह नया प्रोजेक्ट बिजली के ट्रांसमिशन और बैटरी स्टोरेज के काम को बढ़ावा देगा, जिसका लक्ष्य 1.2 बिलियन डॉलर का पोर्टफोलियो तैयार करना है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत का पहला और सबसे बड़ा पावर सेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) इंडीग्रिड (INDIGRID) ने ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट (BII) और नॉर्वेजियन क्लाइमेट इन्वेस्टमेंट फंड (जो Norfund द्वारा प्रबंधित है) के साथ साझेदारी को और मजबूत किया. इस साझेदारी के तहत एक नया प्लेटफॉर्म "एनरग्रिड" बनाया गया है. यह प्लेटफॉर्म भारत में ग्रीनफील्ड ट्रांसमिशन और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट्स के विकास और निविदा (बिडिंग) पर काम करेगा.
भारत का ट्रांसमिशन सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, क्योंकि देश में बिजली की मांग बढ़ रही है, ऊर्जा स्रोत बदल रहे हैं और ग्रीन एनर्जी पर ध्यान केंद्रित हो रहा है. सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) के अनुसार, अगले आठ वर्षों में भारत को 1,70,000 सर्किट किलोमीटर अतिरिक्त ट्रांसमिशन लाइनों और 47 गीगावाट BESS क्षमता की जरूरत होगी ताकि बढ़ती बिजली उत्पादन क्षमता का उपयोग किया जा सके. इससे पहले, इस वित्तीय वर्ष में, इंडीग्रिड ने इस साझेदारी के पहले चरण की घोषणा की थी, जिसमें BII और Norfund ने इंडीग्रिड के तीन ग्रीनफील्ड ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स में निवेश किया था.
एनरग्रिड प्लेटफॉर्म के जरिए इंडीग्रिड, BII और Norfund ने लगभग 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर की प्रतिबद्धता जताई है. हर पार्टनर इसमें करीब 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान करेगा. इस पूंजी से एनरग्रिड आने वाले कुछ वर्षों में करीब 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर के प्रोजेक्ट्स पर काम करेगा. जब ये प्रोजेक्ट्स व्यावसायिक रूप से चालू हो जाएंगे, तो इन्हें इंडीग्रिड पहले से तय की गई कीमत पर पूरी तरह से खरीद लेगा. यह एक सहायक साझेदारी होगी, जिसमें इंडीग्रिड भारत के ऊर्जा क्षेत्र की गहरी समझ और अनुभव का लाभ देगा. वहीं, BII और Norfund, वैश्विक डेवलपमेंट फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स और नॉर्वेजियन प्राइवेट पेंशन फंड से पूंजी उपलब्ध कराएंगे.
COP29 सम्मेलन के दौरान इस पार्टनरशिप पर टिप्पणी करते हुए, इंडीग्रिड के CEO और पूरे समय के निदेशक, हर्ष शाह ने कहा कि भारत का पावर सेक्टर तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है ताकि देश के नेट ज़ीरो लक्ष्य को हासिल किया जा सके. ट्रांसमिशन सेक्टर में पहले कभी न देखी गई बिडिंग गतिविधि हो रही है, जिसका उपयोग हम ग्रोथ के लिए करेंगे. यह पार्टनरशिप सुनिश्चित करेगी कि इंडीग्रिड ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स को हासिल करने के साथ-साथ निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स में भी अपने लिए एक मजबूत ग्रोथ पाइपलाइन तैयार कर सके.
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि हमने BII और Norfund जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ साझेदारी की है. वे इस नए प्लेटफॉर्म को अपनी विश्वसनीयता प्रदान करेंगे और सर्वश्रेष्ठ ESG (पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस) और कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रथाओं को लागू करने में मार्गदर्शन करेंगे.
Norfund के CEO, टेलेफ थॉर्लेफ्सन ने कहा कि Norfund समझता है कि भारत सरकार के महत्वाकांक्षी नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की कितनी अहम भूमिका है. ऊर्जा परिवर्तन को तेज करने के लिए कैपिटल का उपयोग करना COP29 में एक महत्वपूर्ण विषय है, और हम इस नई साझेदारी की घोषणा करते हुए प्रसन्न हैं, जो इस दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दिखाती है.
ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट (BII) के एशिया प्रमुख श्रीनिवास नगराजन ने कहा कि EnerGrid का लॉन्च यह दिखाता है कि कैसे BII जलवायु वित्त में निवेश कर बड़े पैमाने पर निजी पूंजी जुटा रहा है. भारत को अपने महत्वाकांक्षी नेट ज़ीरो लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारी निवेश की जरूरत है, खासकर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा भंडारण क्षमता के विकास में. यह पार्टनरशिप इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में और अधिक निजी पूंजी आकर्षित करेगी, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा की आपूर्ति में वृद्धि होगी, ऊर्जा की बढ़ती मांग को स्थायी रूप से पूरा किया जाएगा, और भारत के हरित भविष्य की यात्रा तेज होगी.
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