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भारत के UPI ने चीन और ब्राजील को छोड़ा पीछे, ट्रांजेक्शन का ये आंकड़ा किया पार...
UPI दुनिया के सबसे लोकप्रिय पेमेंट सिस्टम के रूप में उभरा है. UPI ने अप्रैल-जुलाई 2024 में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 37 प्रतिशत की ग्रोथ हासिल की है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत का यूनिफाइड पेमेंट सिस्टम (UPI) दुनिया के सबसे लोकप्रिय अल्टरनेटिव पेमेंट सिस्टम के रूप में उभरा है. इतना ही नहीं ट्रांजेक्शन के मामले में यूपीआई ने चीन और ब्राजील जैसे देशों को भी पीछे छोड़ दिया है. आपको बता दें, 4 महीने में यूपीआई ट्रांजेक्शन करीब एक ट्रिलियन डॉलर यानी 81 लाख करोड़ रुपये के आंकड़ें के पास पहुंच गया है. वहीं, अप्रैल-जुलाई 2024 में 80.8 लाख करोड़ रुपये यानी 964 बिलियन डॉलर के ट्रांजेक्शन को प्रोसेस्ड किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 37 प्रतिशत ज्यादा है. तो चलिए आपको इन ट्रांजेक्शन के आंकड़ों की जानकारी देते हैं
चीन और ब्राजील के इन पेमेंट सिस्टम को छोड़ा पीछे
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यूपीआई ने 2023 में 117.6 बिलियन ट्रांजेक्शन के साथ प्रति सेकंड 3729.1 ट्रांजेक्शन प्रोसेस्ड किए, जो दुनिया में सबसे अधिक है. यूपीआई द्वारा साल 2023 में प्रति सेकंड 3729.1 ट्रांजेक्शन, 2022 में दर्ज प्रति सेकंड 2348 ट्रांजेक्शन की तुलना में 58 प्रतिशत ज्यादा है. इस साल जुलाई में यूपीआई पर ट्रांजेक्शन कुल 20.64 लाख करोड़ या लगभग 247 बिलियन डॉलर का था, जो एक महीने के दौरान प्लेटफॉर्म द्वारा हासिल की गई अब तक की सबसे ज्यादा ट्रांजेक्शन है. यूपीआई प्रोसेस्ड ट्रांजेक्शन की वैल्यू अब लगातार 3 महीनों से 20 लाख करोड़ रुपये से ऊपर बनी हुई है. उधर, 100 से अधिक देशों में यूज किए जाने वाला डिजिटल वॉलेट स्क्रिल, 2023 में 49 बिलियन ट्रांजेक्शन के साथ दुनिया में एपीएम ट्रांजेक्शन की संख्या में दूसरे स्थान पर है. ब्राजील का PIX 42 बिलियन ट्रांजेक्शन प्रति सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहा. चीन का लोकप्रिय डिजिटल वॉलेट Alipay 36.5 बिलियन ट्रांजेक्शन के साथ चौथे स्थान पर आया.
डिजिटल ट्रांजेक्शन में भारत सबसे आगे
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारत डिजिटल ट्रांजेक्शन में दुनिया में सबसे आगे है, यहां पर 40 प्रतिशत से अधिक भुगतान डिजिटल रूप से किए जाते हैं और उनमें से अधिकांश के लिए यूपीआई का उपयोग किया जाता है. आपको बता दें, यूपीआई एक आसान ट्रांजेक्शन टूल के रूप में शुरू हुआ, अब क्रेडिट कार्ड, प्रीपेड वॉलेट और प्रीपेड वाउचर को भी इस इकोसिस्टम में जोड़ दिया है.
कब शुरू हुआ था UPI
UPI नेशन पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा विकसित एक रियल टाइम पेमेंट सिस्टम है जो यूजर्स को तुरंत फंड ट्रांसफर करने की सुविधा देता है. यह भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा रेगुलेटिड है और 2016 से यूज में है. पेसिक्योर के अनुसार लगभग हर देश अल्टरनेटिव पेमेंट के किसी न किसी रूप का उपयोग करता है, कई सेंट्रल बैंक अधिक नागरिकों को पेमेंट करने और ऑनलाइन फंड ट्रांसफर करने की क्षमता प्रदान करने के लिए अपने खुद के रियल टाइम पेमेंट ऑप्शन भी तैयार कर रहे हैं
इतने हो गए यूपीआई यूजर्स
यूपीआई यूजर्स की संख्या 400 मिलियन से ज्यादा हो गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पहले ट्रांजेक्शन सिर्फ बैंक अकाउंट्स के जरिए ही किया जा रहा था, लेकिन अब इंटरऑपरेबिलिटी बहुत बढ़ गई है. ट्रांजेक्शन चैनल्स में वृद्धि ने यूपीआई को सबसे पॉपुलर पेमेंट प्लेटफॉर्म बना दिया है. अगले 2-3 सालों में यूपीआई की ग्रोथ वैल्यू और वॉल्यूम दोनों में दोगुनी हो जाएगी. इसका कारण ये है कि प्लेटफॉर्म लगातार अपने नए प्रोडक्ट लॉन्च कर रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग 300 मिलियन लोग ऐसे हैं, जिनके पास स्मार्टफोन हैं लेकिन वे अब भी पेमेंट के लिए UPI का यूज नहीं कर रहे हैं. ऐसे में यूपीआई के लिए संभावना बहुत है. RuPay क्रेडिट कार्ड (वर्चुअल क्रेडिट कार्ड) और UPI पर नई लॉन्च की गई क्रेडिट लाइन ग्रोथ को और भी गति देगी.
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