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भारत की नई EV पॉलिसी: विदेशी ई-कारों पर आयात शुल्क में 15% कटौती, Tesla को होगा फायदा!
भारत की नई EV पॉलिसी से टेस्ला जैसी कंपनियों को फायदा होगा और भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कारों की पहुंच बढ़ेगी. इससे देश में EV के उत्पादन और बिक्री को बढ़ावा मिलेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत सरकार ने अपनी नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पॉलिसी का ऐलान किया है, जिसके तहत बाहर से आयात होने वाली ई-कारों पर आयात शुल्क 110% से घटाकर 15% कर दिया जाएगा. यह कदम विदेशी इलेक्ट्रिक कार कंपनियों, खासकर टेस्ला, को भारतीय बाजार में आकर्षित करने के लिए उठाया गया है. इस पॉलिसी से निवेशकों को भारत में मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और उत्पादन में वृद्धि होगी. तो आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
टेस्ला को होगा बड़ा फायदा
अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के लिए यह पॉलिसी काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टेस्ला 2025 में भारत में 21 से 22 लाख रुपये की कीमत वाली अफॉर्डेबल ई-कार लॉन्च करने की योजना बना रही है. इसके साथ ही, कंपनी ने मुंबई और दिल्ली को अपनी शुरुआती शोरूम लोकेशंस के रूप में चुना है. टेस्ला आने वाले महीनों में मुंबई के पास एक बंदरगाह पर कुछ हजार कारें भेजेगी. कंपनी की योजना 2025 की तीसरी तिमाही में मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में अपनी बिक्री शुरू करने की है.
निवेश और उत्पादन के लिए नियम
नई पॉलिसी के तहत, पॉलिसी के तहत कंपनियों को आवेदन के लिए 120 दिनों का समय मिलेगा. पॉलिसी के तहत कम शुल्क पर सालाना 8,000 प्रीमियम ईवी के आयात की अनुमति होगी. स्वीकृत कंपनियों को अगले दो साल में न्यूनतम 2,500 करोड़ रुपये का कारोबार और 4,150 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा. इसके अलावा, कंपनियों को 3 साल के भीतर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने और 25% लोकल वेल्यू एडिशन प्राप्त करने की आवश्यकता होगी, जो 5 साल के भीतर बढ़कर 50% हो जाएगी. यह पॉलिसी कंपनियों को मौजूदा प्लांट्स में असेंबली ऑपरेशंस स्थापित करने की अनुमति देती है, लेकिन पहले से किए गए निवेश और भूमि या भवन लागत को आवश्यक निवेश राशि से बाहर रखा गया है.
दूसरी कंपनियों की रुचि
हुंडई और वोक्सवैगन जैसी कंपनियों ने भी इस पॉलिसी में रुचि दिखाई है, लेकिन उनकी निवेश योजनाएं अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई हैं. सरकार की इस नई पहल से न केवल विदेशी कंपनियों को आकर्षित किया जाएगा, बल्कि भारतीय EV बाजार के विकास में भी तेजी आएगी.
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