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हिंद महासागर में भारत की बढ़ी ताकत, सेशेल्स के साथ 1,250 करोड़ रुपये की बड़ी डिफेंस-इन्फ्रा डील
रक्षा, समुद्री सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए भारत देगा वित्तीय सहायता, हिंद महासागर में चीन को संतुलित करने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी रणनीतिक मौजूदगी को और मजबूत करते हुए भारत ने सेशेल्स के साथ 1,250 करोड़ रुपये (150 मिलियन डॉलर) के ‘अंब्रेला लाइन ऑफ क्रेडिट’ समझौते को अंतिम रूप दिया है. इस समझौते के तहत भारत सेशेल्स को रक्षा, समुद्री सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगा. विशेषज्ञ इसे भारत की ‘सागर’ और ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक और रणनीतिक उपलब्धि मान रहे हैं.
क्या है अंब्रेला लाइन ऑफ क्रेडिट?
अंब्रेला लाइन ऑफ क्रेडिट एक ऐसा वित्तीय ढांचा है, जिसके तहत सेशेल्स किसी एक परियोजना के बजाय कई क्षेत्रों से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए इस फंड का उपयोग कर सकेगा. इसमें रक्षा, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी परियोजनाएं शामिल हैं.
इस वित्तीय सहायता का प्रबंधन भारतीय निर्यात-आयात बैंक (EXIM Bank) के माध्यम से किया जाएगा. समझौते की एक महत्वपूर्ण शर्त यह भी है कि सेशेल्स इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं का एक बड़ा हिस्सा भारत से खरीदेगा, जिससे भारतीय कंपनियों और निर्यातकों को भी लाभ मिलेगा.
हिंद महासागर में क्यों अहम है यह समझौता?
हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों और उसकी ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ रणनीति के बीच भारत और सेशेल्स के बीच यह समझौता काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सेशेल्स अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों के बेहद करीब स्थित है और यहां भारत की मजबूत मौजूदगी समुद्री सुरक्षा के लिहाज से अहम मानी जाती है.
विशेषज्ञों के मुताबिक, इससे समुद्री डकैती, नशीले पदार्थों की तस्करी और अन्य समुद्री अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही सेशेल्स की तटीय सुरक्षा और सैन्य ढांचे को भी मजबूत किया जा सकेगा.
रक्षा सहयोग को मिलेगी नई मजबूती
भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा सहयोग पहले से ही मजबूत रहा है. नए वित्तीय पैकेज के जरिए सेशेल्स की सैन्य और तटीय सुरक्षा क्षमताओं को आधुनिक बनाया जाएगा. इससे दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समन्वय और सहयोग भी बेहतर होगा.
UPI और डिजिटल सहयोग को बढ़ावा
विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और सेशेल्स के केंद्रीय बैंक के बीच देश में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लागू करने को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं.
इसके अलावा दोनों देशों ने प्रत्यर्पण संधि और शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए अंतरिक्ष अनुसंधान में सहयोग से जुड़े समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए हैं.
AI, साइबर सुरक्षा और हेलीकॉप्टर सहायता की मांग
सेशेल्स ने भारत से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और साइबर सुरक्षा केंद्र स्थापित करने में सहयोग मांगा है. इसके अलावा एक एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करने के संकेत दिए हैं.
द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय
भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से मजबूत व्यापारिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं. नए वित्तीय समझौते के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल भुगतान और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है.
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ भारत की रणनीतिक स्थिति को भी नई मजबूती प्रदान करेगी.
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