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भारत का रक्षा निर्यात नई ऊंचाई पर: FY26 में ₹38,424 करोड़ का रिकॉर्ड, 62% की जबरदस्त छलांग
रक्षा मंत्रालय के अनुसार भारत का रक्षा निर्यात अब 80 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है. साथ ही, निर्यातकों की संख्या भी 128 से बढ़कर 145 हो गई है, जो 13.3% की वृद्धि दर्शाती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 में ₹38,424 करोड़ का रिकॉर्ड निर्यात दर्ज किया है. यह पिछले वर्ष के मुकाबले 62% से अधिक की तेज वृद्धि को दर्शाता है. इस उपलब्धि को देश की बढ़ती स्वदेशी ताकत और वैश्विक भरोसे का बड़ा संकेत माना जा रहा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारत की “प्रभावशाली रक्षा निर्यात सफलता कहानी” करार दिया.
रिकॉर्ड ग्रोथ से मजबूत हुआ भारत का वैश्विक दबदबा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार, यह उछाल भारत की उन्नत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर दुनिया के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है. FY25 में जहां निर्यात ₹23,622 करोड़ था, वहीं FY26 में यह सीधे ₹38,424 करोड़ तक पहुंच गया.
पिछले तीन वर्षों के आंकड़े भारत की लगातार मजबूत होती स्थिति को दिखाते हैं.
1. FY24: ₹21,083 करोड़
2. FY25: ₹23,622 करोड़
3. FY26: ₹38,424 करोड़
DPSU और निजी क्षेत्र की साझेदारी बनी ताकत
इस रिकॉर्ड उपलब्धि में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों का अहम योगदान रहा.
1. रक्षा सार्वजनिक उपक्रम (DPSUs): 54.84%
2. निजी उद्योग: 45.16%
यह आंकड़े बताते हैं कि भारत का रक्षा इकोसिस्टम अब सहयोग और आत्मनिर्भरता के मजबूत मॉडल पर आगे बढ़ रहा है.
80 से अधिक देशों तक पहुंचा भारतीय रक्षा निर्यात
भारत का रक्षा निर्यात अब 80 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है. साथ ही, निर्यातकों की संख्या भी 128 से बढ़कर 145 हो गई है, जो 13.3% की वृद्धि दर्शाती है. यह विस्तार भारत को वैश्विक रक्षा सप्लाई चेन में एक मजबूत खिलाड़ी बना रहा है.
ऊर्जा सुरक्षा पर भी सरकार सतर्क
इसी दौरान, केरल में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि देश में ईंधन या गैस की कोई कमी नहीं है. पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत किसी भी संभावित ऊर्जा संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, जबकि सरकार क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.
आत्मनिर्भर भारत की ओर मजबूत कदम
रक्षा निर्यात में यह रिकॉर्ड वृद्धि ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है. सरकारी नीतियों, निजी क्षेत्र की भागीदारी और तकनीकी उन्नति के दम पर भारत अब रक्षा उत्पादन और निर्यात दोनों में नई पहचान बना रहा है.
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