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भारत में तेजी से बढ़ रहा है कॉर्पोरेट बांड बाजार, दिसंबर 2024 तक $602+ बिलियन तक पहुंचा
इस डेटा का स्रोत क्लियरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CCIL) और सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत के बॉन्ड बाजार (सरकारी और कॉरपोरेट) का कुल मूल्य दिसंबर 2024 के अंत में $2.69 ट्रिलियन (₹230.24 लाख करोड़) था, जो IndiaBonds.com के डेटा में बताया गया है. इसमें से सरकारी बॉन्ड्स की कुल कीमत $2.08 ट्रिलियन (₹178.66 लाख करोड़) थी, जो कुल बाजार का 77.6% हिस्सा है. सरकारी बॉन्ड्स में से, G-Secs (गवर्नमेंट सिक्योरिटीज) का मूल्य $1.23 ट्रिलियन (₹105.91 लाख करोड़) था, जो 46% का हिस्सा बनाता है.
राज्य विकास ऋण (SDL) कुल सरकारी बांड का 25.74 प्रतिशत था, जिसका मूल्य $692.20 बिलियन (Rs 59.27 लाख करोड़) था. वहीं, ट्रेजरी बिल्स, उदय बांड और विशेष प्रतिभूतियों (Special Securities) का अनुमानित मूल्य इस प्रकार था:
• ट्रेजरी बिल्स: 3.3 प्रतिशत ($88.77 बिलियन या Rs 7.60 लाख करोड़)
• उदय बांड: 0.59 प्रतिशत ($15.84 बिलियन या Rs 1.36 लाख करोड़)
• विशेष प्रतिभूतियां: 0.24 प्रतिशत ($6.35 बिलियन या Rs 54,358 करोड़)
कॉरपोरेट बांड की बात करें तो इनका हिस्सा कुल बाजार में 22.40 प्रतिशत था, जिसका मूल्य $602.40 बिलियन (Rs 51.58 लाख करोड़) था.
वित्त वर्ष 2025 के पहले नौ महीनों में (डॉलर के हिसाब से), IndiaBonds.com के डेटा के अनुसार, भारत के बांड बाजार में कुल $100 बिलियन जोड़े गए. इस दौरान, भारतीय रुपये (INR) में 2.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. भारतीय रुपये में गणना करें तो यह कुल बांड बाजार 6.5 प्रतिशत बढ़ा और कॉर्पोरेट बांड बाजार इससे ज्यादा तेजी से 9 प्रतिशत बढ़ा.
लेकिन रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत का बांड बाजार, शेयर बाजार की तुलना में बहुत छोटा है. यह सिर्फ 0.65 गुना है, जबकि विकसित देशों में यह 1.2 से 2 गुना होता है. शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण, अब निवेशक बांड में निवेश करने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. इसका असर इस तिमाही में निवेशकों द्वारा किए गए लेन-देन के आंकड़ों में भी दिख रहा है.
IndiaBonds क्या है?
2021 में लॉन्च हुआ, IndiaBonds एक Sebi- पंजीकृत प्रमुख ऑनलाइन बांड प्लेटफॉर्म प्रदाता है. यह निवेशकों को फिक्स्ड-इनकम मार्केट तक पहुंच प्रदान करता है, जो कम लागत, पारदर्शिता और आसान उपयोग के तरीके से होता है. इस डेटा का स्रोत Clearing Corporation of India Limited (CCIL) और Securities and Exchange Board of India (Sebi) है.
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