होम / बिजनेस / भारतीय वेयरहाउसिंग बाजार को उत्पादन क्षेत्र में वृद्धि से मिल रही मजबूती: रिपोर्ट
भारतीय वेयरहाउसिंग बाजार को उत्पादन क्षेत्र में वृद्धि से मिल रही मजबूती: रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वेयरहाउसिंग सेक्टर में निरंतर विकास हो रहा है, जो विभिन्न उद्योगों और निवेशकों के लिए अवसरों को जन्म दे रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत के वेयरहाउसिंग (Warehousing Sector) सेक्टर में मजबूत वृद्धि जारी है, जो मुख्य रूप से उत्पादन, तीसरे पक्ष की लॉजिस्टिक सेवाओं (3PL) और बदलती उपभोक्ता मांग से प्रेरित है. एक नई रिपोर्ट में इस क्षेत्र में हो रहे बदलावों और उभरते ट्रेंड्स का विश्लेषण किया गया है, जिसमें द्वितीयक बाजारों का उदय और निजी इक्विटी निवेशों में वृद्धि प्रमुख हैं. हालांकि उच्च भूमि लागत जैसी चुनौतियाँ हैं, लेकिन मजबूत कब्जे की मांग इस क्षेत्र को निरंतर विस्तार की दिशा में प्रोत्साहित कर रही है. आइए इस रिपोर्ट पर एक नजर डालते हैं.
वेयरहाउस की मांग में बढ़ोतरी
Knight Frank India की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारत के आठ प्रमुख बाजारों में वेयरहाउस (कब्जे) की मांग में साल दर साल (YoY) 12% की वृद्धि हुई. कुल मिलाकर, यह मांग 5.24 मिलियन वर्ग मीटर (56 मिलियन वर्ग फीट) तक पहुँच गई, जो यह दर्शाता है कि इस क्षेत्र में लगातार विकास हो रहा है.
ग्रेड A संपत्तियों की बढ़ती लोकप्रियता
ग्रेड A संपत्तियाँ भारतीय वेयरहाउसिंग क्षेत्र में अभी भी बेहद लोकप्रिय बनी हुई हैं. 2024 में इन संपत्तियों ने कुल लेन-देन का 62% हिस्सा लिया, जो 2023 में 57% था. यह वृद्धि इस बात को दर्शाती है कि उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाएँ और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर वाले भंडारण स्थल की मांग बढ़ी है.
उत्पादन क्षेत्र की भूमिका
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उत्पादन क्षेत्र (FMCG और FMCD को छोड़कर) ने भारतीय वेयरहाउसिंग सेक्टर में प्रमुख वृद्धि को बढ़ावा दिया है. इस क्षेत्र ने कुल लेन-देन का 39% हिस्सा लिया, जिससे यह स्पष्ट है कि उत्पादन गतिविधियाँ इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। इसके साथ ही, इस क्षेत्र द्वारा पट्टे पर ली गई भूमि में साल दर साल 18% की वृद्धि हुई है.
3PL क्षेत्र में गिरावट
जहां एक ओर उत्पादन क्षेत्र में वृद्धि हुई, वहीं 3PL (तीसरे पक्ष की लॉजिस्टिक सेवाएँ) क्षेत्र में 10% की कमी आई है. 3PL क्षेत्र ने कुल लेन-देन किए गए क्षेत्र का 29% हिस्सा लिया, हालांकि यह पिछले साल के मुकाबले गिरावट को दर्शाता है.
किराए में मामूली वृद्धि
2024 में किराए में भी मामूली वृद्धि देखी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, किराए में वृद्धि 1-4% के बीच रही है, जो भारतीय वेयरहाउसिंग बाजार में स्थिरता और समृद्धि को दर्शाती है.
निजी इक्विटी निवेशों में भारी उछाल
एक और महत्वपूर्ण विकास यह है कि वेयरहाउसिंग क्षेत्र में निजी इक्विटी (PE) निवेशों में भारी उछाल आया है. 2023 में जहां यह निवेश 684 मिलियन डॉलर था, वहीं 2024 में यह बढ़कर 1,877 मिलियन डॉलर तक पहुँच गया है. यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि निवेशक इस क्षेत्र को भविष्य में अधिक संभावनाओं वाला मान रहे हैं.
टैग्स