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RBI के डिप्टी गवर्नर ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी, 2048 नहीं, 2031 तक भारत बनेगा नंबर दो!
यह अनुमान मौजूदा रुझानों और भारत की मजबूत विकास क्षमता पर आधारित है. यह और बात है कि इस लक्ष्य को हासिल करने में कई तरह की चुनौतियां भी हैं, इन्हें भारत को पार करना होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत को दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए 2048 तक का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. बल्कि इस उपलब्धि को भारत 2031 में ही हासिल कर सकता है और 2060 तक भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. ये दावा किया है बैंकिंग सेक्टर के रेग्यूलेटर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर माइकल देवव्रत पात्रा ने. डिप्टी गवर्नर ने कहा कि भारत की मजबूत बुनियाद और अंतर्निहित क्षमता को देखते हुए देश 2031 तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. 2060 तक वह दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता रखता है.
कब बनेगा दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी?
मसूरी के लाल बहादुर नेशनल एकाडमी ऑफ एडमिनिट्रेशन में IAS अधिकारियों के मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम को संबोधित करते हुए माइकल पात्रा ने कहा, वित्त वर्ष 2023-24 में भारत मौजूदा एक्सचेंज रेट के हिसाब से 3.6 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बन गया है. भारत का प्रति व्यक्ति आय 2,07,030 रुपये या 2500 डॉलर है उसके हिसाब से भारत लोअर मिडिल इनकम ग्रुप के देशों में आता है. इस उपलब्धि को हासिल करना इंवेटफुल रहा है. 8 फीसदी के ग्रोथ रेट के साथ भारत दुनिया के सबसे तेज गति से विकास करने वाला देश है. डिप्टी गवर्नर ने कहा, जो हमारी शक्ति है, मैं कह सकता हूं कि ये संभव है कि 2048 नहीं बल्कि भारत अगले दशक में ही 2031 तक दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा और 2060 तक सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा.
पीपीपी बेस पर नंबर तीन पर है भारत
डिप्टी गर्वनर ने कहा कि बाजार में निर्धारित वर्तमान विनिमय दरें अस्थिरता के दौर से गुजर रही हैं. इसलिए राष्ट्रीय मुद्राओं में मापी गई GDP की दूसरे देश से तुलना नहीं की जा सकती. ऐसे में एक वैकल्पिक उपाय क्रय शक्ति समता (PPP) है. यह प्रत्येक देश में औसतन वस्तुओं और सेवाओं की कीमत से संबंधित है. पात्रा ने कहा कि PPP के आधार पर तुलना करें तो स्थिति नाटकीय रूप से बदल जाती है. इस आधार पर भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी है. आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) का अनुमान है कि PPP के संदर्भ में भारत 2048 तक अमेरिका को पीछे छोड़कर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा.
अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले फैक्टर
युवा आबादी: भारत में दुनिया की सबसे युवा आबादी है, जिसमें 65% से अधिक लोग 35 वर्ष से कम आयु के हैं. यह एक बड़ा जनसांख्यिकीय लाभ है जो आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकता है.
बढ़ती मध्यम वर्ग: भारत का मध्यम वर्ग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे घरेलू खपत और मांग बढ़ रही है.
मजबूत उद्यमशीलता: भारत में उद्यमशीलता की भावना मजबूत है, जिससे नए व्यवसायों और स्टार्टअप्स का सृजन हो रहा है.
क्या हैं चुनौतियां?
बुनियादी ढांचे में निवेश की कमी: भारत को अपनी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे में बड़े पैमाने पर निवेश करने की आवश्यकता है.
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में सुधार: भारत को अपनी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को बेहतर बनाने की आवश्यकता है ताकि अपने कार्यबल को अधिक कुशल बनाया जा सके.
व्यापार करने में आसानी: भारत को व्यापार करने में आसानी को बेहतर बनाने की आवश्यकता है ताकि विदेशी निवेश को आकर्षित किया जा सके.
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