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भारत में महिला डायरेक्टर वाले स्टार्टअप की संख्या 73 हजार के पार, सरकार ने दी जानकारी
देश में उद्योग संवर्द्धन एवं आतंरिक व्यापार विभाग से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या बढ़कर 1.57 लाख से अधिक पहुंच गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम हब बन गया है. भारत में 73 हजार से ज्यादा स्टार्टअप है जिनमें कम से कम एक महिला निदेशक है. इन्हें स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत मान्यता दी गई है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने इसकी जानकारी कल बुधवार को दी है.वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, देश में अब 73,000 से अधिक स्टार्टअप हैं जिनमें कम से कम एक महिला निदेशक हैं और उन्हें ‘स्टार्टअप इंडिया पहल’ के तहत मान्यता दी गई है. ये सरकार की ओर समर्थित 1,57,066 स्टार्टअप का लगभग आधा हिस्सा है. आंकड़े बताते है इनोवेशन के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है.
क्या बदलाव हुए है?
भारत पिछले कुछ सालों में वैश्विक स्तर पर सबसे वाइब्रेंट स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में उभरा है और इसने तीसरी सबसे बड़े स्टार्टअप हब के रूप में अपनी जगह बनाई है. 100 से अधिक यूनिकॉर्न के साथ भारत स्टार्टअप इकोसिस्टम इनोवेशन के भविष्य को नया आकार दे रहा है. मंत्रालय ने कहा कि पिछले दशक से अब तक में कई बदलाव देखने को मिली है. बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर जैसे शहर इनोवेशन के केंद्र बन गए है. जोमैटो, ओला और नाइका जैसी कंपनियों की सफलता पर प्रकाश डालते हुए मंत्रालय ने कहा कि इन स्टार्टअप्स ने वैश्विक स्तर पर अपने परिचालन का विस्तार किया है, जिससे भारत विश्व मंच पर अपनी प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता दिखा चुका है.
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू
2016 में लॉन्च हुई स्टार्टअप इंडिया योजना इस दिशा में मुख्य आधार बनी है. 25 दिसंबर 2024 तक, 1,57,066 स्टार्टअप्स को DPIIT ने मान्यता दी है और 7,59,303 लोग पोर्टल पर पंजीकृत हैं. सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए व्यापार को आसान बनाने, टैक्स छूट, फंडिंग सपोर्ट, और सेक्टर-स्पेसिफिक नीतियों जैसी सुविधाएं दी हैं. साथ ही, अटल इनोवेशन मिशन (AIM) और NIDHI जैसी योजनाएं इनोवेटर्स को इन्फ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंसियल सपोर्ट प्रदान करती हैं. 2021 में शुरू हुई SAMRIDH योजना 300 सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट स्टार्टअप्स को 4 साल में 99 करोड़ रुपये के बजट से सपोर्ट करने का लक्ष्य रखती है. हर स्टार्टअप को 40 लाख रुपये तक की फंडिंग दी जा सकती है.
कई स्टार्टअप ने अपनी पहचान ग्लोबल स्तर पर बनाई
"इंडियन स्टार्टअप इकोसिस्टम रिपोर्ट" के अनुसार, भारतीय स्टार्टअप्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ब्लॉकचेन और IoT जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल कर लोकल और ग्लोबल समस्याओं का समाधान किया है. इनक्यूबेटर्स, एक्सेलेरेटर्स और मेंटरिंग नेटवर्क्स की मदद से एक ऐसा इकोसिस्टम बना है जो जमीनी समस्याओं को उन्नत तकनीकों से जोड़ता है.
BYJU'S, Zomato, Ola, और Nykaa जैसे नए स्टार्टअप्स ने अपनी पहचान ग्लोबल स्तर पर बनाई है. सिलिकॉन वैली में भारतीय मूल के स्टार्टअप्स की सफलता भी भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत करती है. "स्टार्टअप इंडिया इंटरनेशनल गाइड" के अनुसार, भारतीय स्टार्टअप्स अब ग्लोबल कंपनियों के साथ साझेदारी कर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश कर रहे हैं.
भारत की सस्ती तकनीकी सेवाएं जैसे UPI और आधार-आधारित सेवाएं दुनिया में इनोवेशन के लिए प्रेरणा बन रही हैं. भारतीय यूनिकॉर्न कंपनियां अपने वैल्यूएशन ग्रोथ में वैश्विक स्तर पर सबसे आगे हैं, जिससे यह साबित होता है कि भारत का इकोसिस्टम मजबूत और स्केलेबल है.
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