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उपभोक्ता भावना में 5.3 प्रतिशत अंक की गिरावट के बावजूद दूसरे स्थान पर है भारत- LSEG Ipsos
त्यौहारी सीजन के बाद नवंबर में उपभोक्ताओं की भावना में गिरावट दर्ज हुई है. ये गिरावट अर्थव्यवस्था, व्यक्तिगत वित्त, निवेश और नौकरियों के प्रति धारणा में आई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत ने नवंबर 2024 में 29 देशों के सर्वेक्षण में राष्ट्रीय सूचकांक स्कोर में दूसरे स्थान पर अपनी स्थिति बनाए रखी है. हालांकि उपभोक्ता भावना (Consumer Sentiments) में त्योहारों के बाद की मंदी के कारण 5.3 प्रतिशत अंक की गिरावट आई है. यह जानकारी LSEG-Ipsos द्वारा जारी किए गए प्राथमिक उपभोक्ता भावना सूचकांक (PCSI) पर आधारित है. वैश्विक उपभोक्ता विश्वास सूचकांक सभी सर्वेक्षणित देशों के समग्र या "राष्ट्रीय" सूचकांकों का औसत होता है. इस महीने का सर्वेक्षण 29 देशों के 21,000 से अधिक वयस्कों पर किया गया था, जिनमें भारत में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के सर्वेक्षण शामिल थे. सर्वेक्षण 25 अक्टूबर से 8 नवंबर 2024 तक हुआ.
ऐसे तय होती है उपभोक्ता भावना
LSEG-Ipsos PCSI के अनुसार उपभोक्ता भावना चार प्रमुख क्षेत्रों में मापी जाती है और नवंबर में इन सभी क्षेत्रों में गिरावट देखी गई. PCSI वर्तमान व्यक्तिगत वित्तीय स्थिति (Current Personal Financial Condition) उप-सूचकांक (Current Conditions) में 7.7 प्रतिशत अंक की गिरावट आई है. वहीं PCSI आर्थिक अपेक्षाएं ( Economic Expectations) (Expectations) उप-सूचकांक में 6.5 प्रतिशत अंक की कमी आई. इसके अलावा PCSI निवेश वातावरण (Investment Climate) (Investment) उप-सूचकांक में 7.3 प्रतिशत अंक की गिरावट और PCSI रोजगार आत्मविश्वास (Employment Confidence) (Jobs) उप-सूचकांक में 2.2 प्रतिशत अंक की कमी आई है. Ipsos के CEO अमित आदरकर ने कहा है कि भारत ने राष्ट्रीय सूचकांक स्कोर में अपनी आशावादी स्थिति बनाए रखी है, लेकिन नवंबर में उपभोक्ता भावना में महत्वपूर्ण गिरावट आई है. दिवाली सहित त्यौहारी सीजन में खरीदारी के कारण नागरिकों ने काफी खर्च किया, लेकिन इसके बाद के खर्च और चिंता ने उपभोक्ता भावना को प्रभावित किया. अधिकांश वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं मंदी का सामना कर रही हैं और भारत भी इस पर काफी प्रभावी है. वर्ष के अंत के पास, भर्ती और नौकरियों में कमी आई है, जिससे चिंता बढ़ी है.
सबसे ज्यादा स्कोर इंडोनेशिया का रहा
वैश्विक स्तर पर इंडोनेशिया (64.3) ने सबसे उच्चतम राष्ट्रीय सूचकांक स्कोर हासिल किया है. इसके बाद केवल भारत (61.0) एकमात्र देश है जिसका राष्ट्रीय सूचकांक स्कोर 60 से अधिक है. इसके अलावा, आठ अन्य देशों का राष्ट्रीय सूचकांक 50 अंक से अधिक है, जिनमें मेक्सिको (59.5), मलेशिया (56.9), और अमेरिका (55.7) प्रमुख हैं. वहीं, केवल तीन देशों का राष्ट्रीय सूचकांक 40 अंक से कम है, जिनमें जापान (37.8), हंगरी (33.9), और तुर्की (29.8) शामिल हैं. बता दें, यह निष्कर्ष Ipsos द्वारा किए गए मासिक सर्वेक्षणों से प्राप्त किए गए हैं, जो दुनिया भर के 29 देशों में किए गए थे और भारत में यह सर्वेक्षण इंडियाBus प्लेटफार्म पर किया गया. इस सर्वेक्षण में 21,200 से अधिक वयस्कों की राय शामिल थी.
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