होम / बिजनेस / जबरन मजदूरी से बने विदेशी सामानों पर भारत सख्त, आयात रोकने के लिए बदली विदेश व्यापार नीति

जबरन मजदूरी से बने विदेशी सामानों पर भारत सख्त, आयात रोकने के लिए बदली विदेश व्यापार नीति

सरकार ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब अमेरिका भारत सहित करीब 60 देशों की सप्लाई चेन की जांच कर रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago

भारत सरकार ने विदेश व्यापार नीति (Foreign Trade Policy) में बड़ा बदलाव करते हुए जबरन मजदूरी (Forced Labour) से बने विदेशी उत्पादों के आयात पर रोक लगाने का रास्ता साफ कर दिया है. नए प्रावधानों के तहत यदि किसी उत्पाद के निर्माण में बंधुआ या जबरन मजदूरी का इस्तेमाल पाया जाता है, तो उसके भारत में आयात पर प्रतिबंध लगाया जा सकेगा. माना जा रहा है कि यह कदम वैश्विक सप्लाई चेन में पारदर्शिता बढ़ाने और अमेरिका समेत अन्य देशों की सख्त व्यापार नीतियों के अनुरूप उठाया गया है.

अमेरिका की सख्ती के बीच भारत का बड़ा कदम

सरकार ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब अमेरिका भारत सहित करीब 60 देशों की सप्लाई चेन की जांच कर रहा है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) का आरोप है कि कई देश जबरन मजदूरी से बने उत्पादों के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं. इसी पृष्ठभूमि में भारत ने अपनी विदेश व्यापार नीति में संशोधन कर स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे उत्पादों के आयात को कानूनी तौर पर रोका जा सकेगा.

क्या है नया नियम?

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, यदि किसी विदेशी उत्पाद के निर्माण में पूरी तरह या आंशिक रूप से जबरन मजदूरी का इस्तेमाल साबित होता है, तो उसके आयात पर प्रतिबंध लगाया जा सकेगा. इसके लिए विदेश व्यापार नीति के अध्याय-11 में 'जबरन मजदूरी' की परिभाषा भी जोड़ी गई है, जो अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के 1930 के कन्वेंशन नंबर-29 पर आधारित है. इसके अनुसार, किसी व्यक्ति से उसकी इच्छा के विरुद्ध सजा, धमकी या दबाव के तहत काम कराना जबरन मजदूरी माना जाएगा.

क्या तुरंत बंद हो जाएगा आयात?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि सभी विदेशी उत्पादों का आयात तुरंत रुक जाएगा. 13 जुलाई को जारी अधिसूचना के अनुसार, नए नियम 30 दिन बाद प्रभावी होंगे. फिलहाल सरकार ने केवल कानूनी ढांचा तैयार किया है. भविष्य में यदि DGFT की जांच में किसी उत्पाद के निर्माण में जबरन मजदूरी का इस्तेमाल साबित होता है, तभी उसके आयात पर रोक लगाई जाएगी. जांच की विस्तृत प्रक्रिया 'हैंडबुक ऑफ प्रोसीजर्स-2023' में निर्धारित की जाएगी.

अमेरिका के टैरिफ दबाव का भी असर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव के पीछे अमेरिका का बढ़ता व्यापारिक दबाव भी एक अहम कारण है. अमेरिका ने जून में भारत सहित 54 देशों से आयात होने वाले उत्पादों पर अतिरिक्त 12.5 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा था. वहीं, जिन देशों ने पहले से ऐसे आयात पर रोक लगाने के कानून बनाए हैं, उन्हें अपेक्षाकृत राहत देने की बात कही गई थी. भारत का यह कदम अमेरिका के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की बातचीत को भी मजबूती दे सकता है.

चीन की सप्लाई चेन पर पड़ सकता है असर

ट्रेड विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियमों का सबसे अधिक असर चीन से आने वाले उन उत्पादों पर पड़ सकता है, जिनके निर्माण में जबरन मजदूरी के आरोप लगते रहे हैं. खासकर शिनजियांग क्षेत्र से जुड़े कॉटन, सोलर पैनल, सीफूड, धातु और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद लंबे समय से वैश्विक जांच के दायरे में रहे हैं. हालांकि, ऐसे मामलों में प्रतिबंध लागू करना आसान नहीं होगा, क्योंकि इसके लिए मजबूत जांच और ठोस सबूत जरूरी होंगे.

भारत ने अपनाया वैश्विक मानक

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत ने ILO की परिभाषा को अपनाकर वैश्विक श्रम मानकों के अनुरूप अपनी व्यापार नीति को मजबूत किया है. इससे न केवल भारत की अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक साख मजबूत होगी, बल्कि यह भी संदेश जाएगा कि देश जबरन मजदूरी से बने उत्पादों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए तैयार है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

अब मिनटों में मिलेगा LPG सिलेंडर, Instamart-HPCL ने शुरू की ऑन-डिमांड डिलीवरी

साझेदारी के तहत सबसे पहले बेंगलुरु में ऑन-डिमांड LPG सिलेंडर डिलीवरी सेवा शुरू की गई है. ग्राहक इंस्टामार्ट ऐप के जरिए HP Navya 10 किलोग्राम कम्पोजिट LPG सिलेंडर और मौजूदा 5 किलोग्राम मेटल LPG सिलेंडर ऑर्डर कर सकेंगे.

1 hour ago

घर खरीदने से क्यों पीछे हट रही है यंग जनरेशन? EMI से ज्यादा किराए और निवेश को दे रही प्राथमिकता

प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म NoBroker के सर्वे के अनुसार, 46 फीसदी किराएदार लंबे समय तक किराए पर रहने को बेहतर विकल्प मानते हैं. इनमें 25-34 वर्ष आयु वर्ग के 53 फीसदी और 35-44 वर्ष के 48 फीसदी लोग शामिल हैं.

1 hour ago

सरकारी खजाने में बंपर उछाल! कॉरपोरेट टैक्स के दम पर डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन ₹6.51 लाख करोड़ के पार

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अंतरिम आंकड़ों के मुताबिक, 13 जुलाई तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.40 फीसदी बढ़कर 6.51 लाख करोड़ रुपये हो गया.

3 hours ago

भारत-UK CETA आज से लागू, विदेशी कारें-शराब होंगी सस्ती, भारतीय निर्यात को मिलेगा बड़ा बूस्ट

CETA लागू होने के साथ ही भारत के अधिकांश निर्यात उत्पादों को ब्रिटेन में बिना कस्टम ड्यूटी के प्रवेश मिलेगा. टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट, लेदर, समुद्री उत्पाद, हैंडीक्राफ्ट और इंजीनियरिंग उत्पादों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है.

6 hours ago

निजी बैंकों की शानदार वापसी, सरकारी बैंकों को पछाड़कर 17% चढ़ा निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स

आंकड़ों के अनुसार, निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स अब तक करीब 17 फीसदी चढ़ चुका है, जो निफ्टी 50, निफ्टी बैंक और निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स तीनों से बेहतर है.

7 hours ago


बड़ी खबरें

अब मिनटों में मिलेगा LPG सिलेंडर, Instamart-HPCL ने शुरू की ऑन-डिमांड डिलीवरी

साझेदारी के तहत सबसे पहले बेंगलुरु में ऑन-डिमांड LPG सिलेंडर डिलीवरी सेवा शुरू की गई है. ग्राहक इंस्टामार्ट ऐप के जरिए HP Navya 10 किलोग्राम कम्पोजिट LPG सिलेंडर और मौजूदा 5 किलोग्राम मेटल LPG सिलेंडर ऑर्डर कर सकेंगे.

1 hour ago

अमेरिका ने भारत समेत 5 देशों को दी बड़ी राहत, रूस से तेल आयात पर 500% की जगह अब 100% टैरिफ का प्रस्ताव

अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल के अनुसार, प्रस्तावित टैरिफ केवल रूस से ऊर्जा खरीदने वाले पांच सबसे बड़े देशों पर लागू होगा. इनमें चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान शामिल हैं.

4 minutes ago

जबरन मजदूरी से बने विदेशी सामानों पर भारत सख्त, आयात रोकने के लिए बदली विदेश व्यापार नीति

सरकार ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब अमेरिका भारत सहित करीब 60 देशों की सप्लाई चेन की जांच कर रहा है.

1 hour ago

घर खरीदने से क्यों पीछे हट रही है यंग जनरेशन? EMI से ज्यादा किराए और निवेश को दे रही प्राथमिकता

प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म NoBroker के सर्वे के अनुसार, 46 फीसदी किराएदार लंबे समय तक किराए पर रहने को बेहतर विकल्प मानते हैं. इनमें 25-34 वर्ष आयु वर्ग के 53 फीसदी और 35-44 वर्ष के 48 फीसदी लोग शामिल हैं.

1 hour ago

भारत-UK CETA आज से लागू, विदेशी कारें-शराब होंगी सस्ती, भारतीय निर्यात को मिलेगा बड़ा बूस्ट

CETA लागू होने के साथ ही भारत के अधिकांश निर्यात उत्पादों को ब्रिटेन में बिना कस्टम ड्यूटी के प्रवेश मिलेगा. टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट, लेदर, समुद्री उत्पाद, हैंडीक्राफ्ट और इंजीनियरिंग उत्पादों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है.

6 hours ago