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सरकारी खजाने में बंपर उछाल! कॉरपोरेट टैक्स के दम पर डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन ₹6.51 लाख करोड़ के पार
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अंतरिम आंकड़ों के मुताबिक, 13 जुलाई तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.40 फीसदी बढ़कर 6.51 लाख करोड़ रुपये हो गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत सरकार के लिए राजस्व के मोर्चे पर बेहद मजबूत रही है. 13 जुलाई तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) संग्रह 16.4 फीसदी बढ़कर 6.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है. इस बढ़ोतरी में सबसे बड़ा योगदान कॉरपोरेट टैक्स का रहा, जिसमें 22 फीसदी की तेज वृद्धि दर्ज की गई. साथ ही व्यक्तिगत आयकर और अन्य गैर-कॉरपोरेट टैक्स संग्रह में भी दोहरे अंकों की बढ़ोतरी देखने को मिली है. विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कॉरपोरेट मुनाफा, बेहतर टैक्स अनुपालन और औपचारिक अर्थव्यवस्था के विस्तार से सरकार को अपने वार्षिक कर संग्रह लक्ष्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी.
कॉरपोरेट टैक्स बना सबसे बड़ा सहारा
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अंतरिम आंकड़ों के मुताबिक, 13 जुलाई तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.40 फीसदी बढ़कर 6.51 लाख करोड़ रुपये हो गया. इसमें शुद्ध कॉरपोरेट टैक्स संग्रह 22 फीसदी बढ़कर 2.40 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो कुल बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण रहा. वहीं सकल कॉरपोरेट टैक्स संग्रह 3.35 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो कंपनियों की मजबूत आय और बेहतर टैक्स भुगतान को दर्शाता है.
गैर-कॉरपोरेट टैक्स में भी दोहरे अंक की बढ़त
शुद्ध गैर-कॉरपोरेट टैक्स संग्रह 11.66 फीसदी बढ़कर 3.85 लाख करोड़ रुपये हो गया. इसमें व्यक्तिगत आयकर, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), फर्म, व्यक्तियों के संघ (AOP), व्यक्तियों के समूह (BOI), स्थानीय निकाय और आर्टिफिशियल ज्यूरिडिकल पर्सन्स द्वारा चुकाए गए कर शामिल हैं. सकल गैर-कॉरपोरेट टैक्स संग्रह करीब 4.12 लाख करोड़ रुपये रहा. इससे संकेत मिलता है कि व्यक्तिगत आयकर संग्रह और टैक्स अनुपालन दोनों मजबूत बने हुए हैं.
सकल टैक्स कलेक्शन 7.74 लाख करोड़ रुपये के करीब
सरकार के मुताबिक, 13 जुलाई तक सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.11 फीसदी बढ़कर 7.74 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. इसी अवधि में करदाताओं को 1.22 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 14.57 फीसदी अधिक है.
शेयर बाजार की तेजी से STT कलेक्शन में उछाल
सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) संग्रह में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई. 13 जुलाई तक STT कलेक्शन 47.85 फीसदी बढ़कर 26,429 करोड़ रुपये हो गया. यह शेयर बाजार में बढ़ती ट्रेडिंग गतिविधियों और ऊंचे कारोबार मूल्य का संकेत है.
सरकार ने रखा है ₹26.97 लाख करोड़ का लक्ष्य
केंद्रीय बजट में सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य 26.97 लाख करोड़ रुपये तय किया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 23.40 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 15 फीसदी अधिक है. शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि सरकार लक्ष्य की दिशा में मजबूत शुरुआत कर चुकी है.
विशेषज्ञों ने बताए मजबूत संकेत
डेलॉयट इंडिया के पार्टनर रोहिंटन सिधवा के मुताबिक, मौजूदा आंकड़े संकेत देते हैं कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक सुस्ती का भारतीय कंपनियों की आय पर बड़ा असर नहीं पड़ा है और कॉरपोरेट मुनाफा मजबूत बना हुआ है.
ईवाई इंडिया के टैक्स पार्टनर जयेश सांघवी का कहना है कि कॉरपोरेट टैक्स और अग्रिम कर भुगतान में मजबूत वृद्धि देखने को मिल रही है. साथ ही व्यक्तिगत आयकर संग्रह में भी मजबूती बनी हुई है, जो बेहतर टैक्स अनुपालन और अर्थव्यवस्था के तेजी से औपचारिक होने का संकेत देती है.
प्राइस वॉटरहाउस एंड कंपनी LLP के पार्टनर हितेश साहनी के अनुसार, 22 फीसदी से अधिक की कॉरपोरेट टैक्स वृद्धि कंपनियों की मजबूत लाभप्रदता और बेहतर अनुपालन को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि अब तक का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह बजट अनुमान का करीब 19.5 फीसदी हासिल कर चुका है, जबकि गैर-कॉरपोरेट टैक्स संग्रह अपने वार्षिक लक्ष्य का लगभग 27.6 फीसदी छू चुका है. इससे साफ है कि चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रह की रफ्तार फिलहाल मजबूत बनी हुई है.
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