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ICICI Bank ने महंगा किया होम लोन और कार लोन, लगातार दूसरे महीने बढ़ाया MLCR
इसी हफ्ते रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी है, इससे पहले बैंकों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी करना शुरू कर दिया है. ये संकेत है कि आने वाले समय में लोन और महंगे होंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: इस महीने रिजर्व की मॉनिटरी पॉलिसी आने वाली है, लेकिन इससे पहले ही बैंकों ने अपनी ब्याज दरें बढ़ाना शुरू कर दिया है. निजी क्षेत्र के दिग्गज बैंकों में से एक ICICI Bank ने मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट यानी MCLR को 0.15 परसेंट बढ़ा दिया है. बढ़ी हुई दरें आज से ही लागू हो चुकी हैं.
ICICI Bank ने महंगा किया लोन
ICICI Bank से होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लेना और महंगा होगा गया है. ICICI Bank की वेबसाइट के मुताबिक एक महीने की MCLR दरें 7.50 परसेंट से बढ़ाकर 7.65 परसेंट कर दी गई हैं. तीन महीने की MCLR दर बढ़ाकर 7.70 परसेंट और 6 महीने की MCLR दर बढ़ाकर 7.85 परसेंट कर दी गई हैं. 1 साल की MCLR दर 7.75 परसेंट से बढ़ाकर 7.90 परसेंट कर दी गई हैं. आपको बता दें कि ICICI Bank ने पिछले महीने 1 जुलाई 2022 को भी MCLR दरों में 0.20 परसेंट का इजाफा किया था.
दूसरे बैंक भी पीछे नहीं
ICICI Bank के अलावा कई दूसरे बैंकों ने भी MCLR में बढ़ोतरी की है. State Bank of India ने 15 जुलाई को सभी अवधियों के लिए MCLR दरें 0.10 परसेंट बढ़ाई थीं 2 साल की अवधि वाले लोन के लिए दरें 7.40 परसेंट से बढ़ाकर 7.50% परसेंट कर दी गईं थी. HDFC Bank ने भी 7 जुलाई को MCLR की दरों में 0.20 परसेंट की बढ़ोतरी की थी. 1 साल के लिए MCLR की दरें बढ़ाकर 8.05 परसेंट कर दी थी
MCLR क्या होता हैं
MCLR एक न्यूनतम ब्याज दर है, जिस पर बैंक लोन देता है. मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में बैंक सभी श्रेणियों के लोन फिक्स्ड या फ्लोटिंग ब्याज दरों पर दे सकते हैं. कोई भी बैंक इस बेंचमार्क से नीचे लोन नहीं दे सकता है. इसे रिजर्व बैंक ने 2016 में शुरू किया था, इससे पहले बैंक्स बेस रेट पर लोन देते थे. MCLR को नोटबंदी के बाद लागू किया गया था, MCLR इसलिए भी लागू किया गया ताकि सभी बैंकों के ब्याज दरों के निर्धारण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा सके.
RBI पॉलिसी पर नजर
बैंकों के ब्याज दरें बढ़ाने का सिलसिला आगे भी जारी रहने वाला है. 3-5 अगस्त तक रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक होगी, इस बैठक के बाद MPC क्या फैसला लेती है ये देखना बेहद जरूरी होगा, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में 0.75 परसेंट की बढ़ोतरी के बाद ये इवेंट काफी महत्वपूर्ण हो जाता है. ब्याज दरों के लिए रिजर्व बैंक गवर्न की महंगाई और ग्रोथ को लेकर क्या कमेंट्री रहने वाली है ये भी देखना बेहद दिलचस्प होगा. हालांकि मार्केट और एक्सपर्ट्स इस बात को करीब करीब मान चुके हैं कि महंगाई को काबू करने के लिए रिजर्व बैंक ब्याज दरों में इजाफा करेगा. जून में रिटेल महंगाई दर 7.01 परसेंट आई थी, जो कि रिजर्व बैंक की लक्ष्मण रेखा से ज्यादा है. रिजर्व बैंक ने 1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2026 तक के लिए रिटेल महंगाई का लक्ष्य 4% (+&- 2%) रखा है. यानी ऊपरी लेवल 6 परसेंट और निचला स्तर 2 परसेंट के बीच महंगाई को रहना चाहिए. बीते 2 महीनों में रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में 0.90 परसेंट का इजाफा किया है, रेपो रेट 4 परसेंट से बढ़कर अब 4.9 परसेंट के लेवल पर आ चुका है. जून में रिजर्व बैंक ने दरों में 0.50 परसेंट का इजाफा किया था, अनुमान है कि अगस्त में भी इतना ही इजाफा किया जा सकता है
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